देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके सं���ी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों पर FIR की जा रही है।
मैंने ये भी सुना है कि जो लड़कियां प्रोटेस्ट में गई थीं, उनके घर फोन कर उनके परिवार को धमकाया जा रहा है।
बच्चों के ऊपर पैलेट गन और AK-47 चलाई जा रही है- वो छात्र हैं, आतंकवादी नहीं।
: कांग्रेस महासचिव और सांसद @priyankagandhi जी
पेपर लीक क्यों हुआ, इसका जवाब शिक्षा मंत्री को देना ��ाहिए।
बच्चों पर लाठी क्यों चलाई गई, इसका जवाब गृहमंत्री को देना चाहिए।
इन दोनों की जवाबदेही क्यों नहीं तय हुई, इसका जवाब प्रधानमंत्री को देना चाहिए।
युवाओं की 3 मांग हैं, जिसे पूरा करना ही होगा।
⦿ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो
⦿ छात्रों के साथ हिंसा करने वालों पर कार्रवाई हो
⦿ नरेंद्र मोदी देश के युवाओं से माफी मांगें
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
अब उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी का पेपर लीक हो गया है। पेपर लीक के बाद दो परीक्षाएं रद्द कर दी गईं।
BJP सरकार में लगातार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, पेपर लीक का उद्योग चल रहा है।
नरेंद्र मोदी के भ्रष्ट सिस्टम ने देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार ��िर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
5 साल रोज़ाना 10 घंटे की तैयारी और औसतन ₹9 लाख - हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार का त्याग।
10 स��ल में 152 पेपर लीक, सीट-नौकरी का रेट कार्ड, 0 सज़ा, 7.5 करोड़ युवाओं का बर्बाद भविष्य - System की हालत।
इस भ्रष्ट Education System को जड़ से बदलना होगा - बनानी होगी 21वीं सदी की परीक्षा व्यवस्था, स्वतंत्र और जवाबदेह संस्था जहां छात्रों को मिले पूरी सुरक्षा।
#ChhatronKiGoonj