ब्राह्मणों का खून क्यों खौलना चाहिए?
पहल��� बात, भजनलाल जी कहीं के भी हों। भरतपुर के हों, या भरतपुर के बाहर से आकर भरतपुर में बसे हों। इससे क्या फर्क पड़ता है? पलायन एक सतत् प्रक्रिया है। बहुत सारे लोग केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू क��्मीर और गुजरात जैसे राज्यों से राजस्थान में आकर बसे हैं और राजस्थान के लाखों लोग अनेक राज्यों और अनेक देशों में जाकर बसे हैं। राजस्थान के लोग तो अनेक राज्यों में व्यापार में ही नहीं बल्कि राजनीति में भी प्रमुख पदों पर है और रहे हैं। नागौर में जन्मे मोतीलाल वोरा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। पश्चिम बंगाल में हर बार घोषित रूप से राजस्थानी मूल के विधायक चुने ने जाते रहे हैं। महाराष्ट्र की विधानसभा में कई बार राजस्थानी मूल के विधायकों की संख्या 10 के पार चली जाती है। महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा मूलतः पाली के हैं। सीकर के लक्ष्मणगढ़ में जन्मे मुरली देवड़ा महाराष्ट्र से सांसद बनते थे और केंद्र सरकार में बड़े पदों पर रहे हैं। सीकर के फतेहपुर में जन्मे सुशील मोदी बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे हैं। बिहार भाजपा के अध्यक्ष सीकर जिले के ही लक्ष्मणगढ़ के रहने वाले हैं। झुंझुनू जिले की मंजू गनेड़ीवाला अमेरिका के वर्जीनिया की वित्त मंत्री रही हैं। एक बहुत लंबी फेहरिस्त है ऐसे लोगों की जो रहने वाले किसी एक राज्य के हैं और राजनीतिक क्षेत्र में प्रभावी किसी दूसरे राज्य में हुए। कामां से विधायक और गहलोत सरकार में मंत्री रहीं जाहिदा खान के पिता चौधरी तैयब हुसैन पंजाब में जन्मे। पंजाब में स्वास्थ्य राज्य मंत्री रहे। हरियाणा मे��� गृहमंत्री रहे और राजस्थान में कृषि मंत्री रहे। अब इस बात से कितना फर्क पड़ता है कि भजन लाल जी राजस्थान के हैं या उत्तर प्रदेश के हैं?
दूसरी बात, भजन लाल जी की जाति क्या है, इससे कम से कम ब्राह्मणों को तो कोई फर्क नहीं पड़ता। वे कौन से ब्राह्मण हैं? वे ब्राह्मण हैं या नहीं हैं? क्या वे ओबीसी से हैं? इससे किसी भी ब्राह्मण की सेहत पर बाल बराबर भी फर्क नहीं पड़ता। जिनको जिज्ञासा हो, जिनको उनकी जाति के बारे में पता करना हो, वे साधन संपन्न हैं। बहुत आराम से भजन लाल जी की जाति के बारे में पता कर सकते हैं। कई तरीके हैं, वे भी उनको पता हैं। ख़ैर। भजन लाल जी के मुख्यमंत्री बनने से ब्राह्मणों को कोई फायदा नहीं हुआ है। उल्टे अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में या सरकारी क्षेत्र में पता करेंगे तो ब्राह्मणों को इसका नुकसान ही हुआ है। भजन लाल जी के कारण सुना ब्राह्मणों को पड़ता है। लोगों को समस्या भले ही भजनलाल जी से हो लेकिन किसी गांव में चाय की थड़ी लगाकर बैठा हुआ ब्राह्मण बेवजह निशाने पर आता है।
ब्राह्मणों का खून क्यों नहीं खौलेगा?
इस तरह की बेवजह की बयानबाजी से ब्राह्मणों का खून खौलता है, तो वह ब्राह्मणों का खून ही नहीं होगा। हनुमान बेनीवाल की राजनीति जात-पात के ईर्द-गिर्द टिकी हुई है। हनुमान जी भजनलाल जी की जाति पर टिप्पणी कर भी कहां रहे हैं, यह सोचने वाली बात है। सभा तो जाट आरक्षण हुंकार रैली की है। यहां भजन लाल जी की जाति पर सवाल उठ��ने की नौबत क्यों आई? यहां तो कायदे से अपनी जाति की बात ही होनी चाहिए थी। ल��किन नहीं। हमने देखा है कि हनुमान जी का यह आजमाया हुआ नुस्खा है कि किसी एक जाति को टार्गेट करो। फिर वहां से कड़ी प्रतिक्रिया करवाओ। प्रतिक्रिया नहीं आए तो आप जैसे लोगों को काम पर लगाओ। लेकिन ऐसा कुछ भी होने की संभावना नहीं है।
ब्राह्मणों का खून इसलिए नहीं खौलेगा...
हनुमान जी जब भजन लाल जी की जाति पर टिप्पणी कर रहे हैं तब जाट आरक्षण हुंकार रैली से आ रही आवाजों को देखिए। आपको लगेगा कि ऑडियंस को म���ा आ गया है। ऑडियंस अभिभूत हो गई है। यही बेसिक फर्क है। ब्राह्मणों को उस तरह से हांका नहीं जा सकता। ब्राह्मण आमतौर पर इंडिविजुअल आईडेंटिटी रखता है। झुंड वाली आईडेंटिटी की ब्राह्मणों में कमी है। जिन झुंड वाली आइडेंटिटीज पर हनुमान जी टिप्पणियां करते हैं, वहां से हाथों-हाथ कड़ी प्रतिक्रिया आना शुरू हो जाती हैं और हनुमान जी की रैली भी इस तरह से सफल हो जाती है।
हनुमान जी एक खिलाड़ी आदमी हैं
लेकिन समस्या यह है कि वे किसी न किसी के हाथों में खेलते हैं। अपने समर्थकों को खेल का हिस्सा बना देते हैं। विधानसभा के पिछले कार्यकाल में हनुमान जी अशोक जी के हाथों में खेलते थे और इस बार निश्चित रूप से भजनलाल जी के हाथों में खेल रहे हैं। वे अशोक जी का भी नुकसान नहीं कर रहे थे और भजन लाल जी का भी नुकसान नहीं कर रहे हैं। नुकसान हमेशा अपने ही लोगों का किया है और आगे भी अपने ही लोगों का नुकसान करेंगे।
हनुमान जी की राजनीति को समझने वाले किसी भी व्यक्ति का खून खौलने की कोई गुंजाइ�� नहीं है।
A doctor in Rajasthan who exposed scam happening with the public in the hospital was suspended
An Activist in Bihar was killed by state police
Meanwhile the priorities of the govt and media :
Over 300,000 people die of drowning each year. In order to protect society, it is now illegal to consume or possess water.
Your government is also considering banning solid food, as it presents a needless choking hazard.
You are not an adult.
You are a baby.
Eat the baby food.
BJP is playing with fire trying to fan these sentiments, literally putting target on Mann's head. Unlike in other states, such dirty politics can lead to his assassination in Punjab. Who do you think the radicals will go after once you embolden them and Mann is removed politically or worse (gods forbid)? Quite a coincidence that this whole campaign started right after Punjab BJP leaders strategy meet with Shah in Delhi 4 days ago. Learn from history for country's sake.
@KartiPC@NTA_Exams You should also shut down all the shopping malls since there might be a theft in one of them. And close the roads because I heard someone was speeding.
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट��रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
ED raids @Vedanta_Group
today after Vedanta challenged approval of Adani’s ₹14,535 crore bid for Jaiprakash Associates where it was also a bidder. Why does @nsitharaman pay for ED out of Union Budget- why doesn’t Adani pay ED salaries?
Starting tomorrow, Supreme court of India is on a six-week summer vacation and will be operating at just 19% of its capacity. There are 53 million cases pending in Indian courts - 93,143 of them are pending in the Supreme Court.
A judge can go on a vacation, a judiciary cannot.
सामान्य, OBC, MBC, EWS वर्ग के छात्रों के द्वारा BCI परीक्षा देने का कोई औचित्य नहीं है । घरों से निकलोगे तो न्या��� मिलेगा
कटऑफ आसमान क्या 100% मार्क्स पर भी चयन नहीं होगा
BCI भर्ती IT वर्ग के युवा ��े लिए धोखा है
गूंगी बहरी सरकार सुनो
वीडियो लिंक 👇
https://t.co/hnKjsOMRkj
If the Armed Force have to do routine jobs like providing security for NEET paper, the we must re-examine the policy of appointing the clueless IAS/IPS officers to head CAPF, CBI, IB, RAW and other National Security Agencies.
#WATCH | 2024 Pune Porsche crash case | Jabalpur, MP: On bail to the juvenile accused and viral video of celebration by his family, Suresh Koshta, father of Ashwini - one of the deceased, says, "It must be a practice in their society to kill two people and then celebrate...They are mocking the common citizens. Law is locking the common man because it is the law which grants them provisions to avoid punishment, that if one is a juvenile, they can do anything...Supreme Court should pass a judgment which would instil fear of law among the people. There is no fear of law anymore. If one is awarded punishment by the High Court, they are let go by Supreme Court. This encourages crime...Until laws like those in Muslim countries - blood for blood - are brought in India, nothing is going to improve...How can this be reined in, how can a message be sent out if the law is not strict?...His bail should be revoked and his parents should be jailed. If it comes before the Supreme Court, they should not be granted bail..."
Pune Porsche Case
there’s no hope left, a morally dead country with no hope for justice.
everything is happening right in front of us, and in any sane country, that kid would already be begging for mercy.
https://t.co/vdpakzaSX1
जम्मूकश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड यहां की रूहानी खूबसूरती और शांत प्रकृति को सबसे ज़्यादा नुकसान उन YouTubers ने पहुंचाया है जो हर दूसरी जगह कैमरा उठाकर व्लॉग बनाने पहुंच जाते हैं कि आइए दोस्तों आज आपको दिखाते हैं पहाड़ों क��� कुछ Unexplored Places।
Views और Likes की इस अंधी दौड़ में उन्होंने पहाड़ों के उन पवित्र और शांत कोनों को भी तमाशा बना दिया। आज उन तथाकथित Unexplored Places की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि देखकर दिल रो पड़ता है।
बाहर से आने वालों के लिए ये सिर्फ एक Tourist Destination या Weekend Gateway हो सकता है लेकिन हम पहाड़ी लोगों के लिए यह हमारा घर है हमारी आस्था है और हमारी विरासत है। जब लोग यहां आकर प्लास्टिक का कचरा फैलाते हैं नदियों को गंदा करते हैं और पहाड़ों की शांति को शोर-शराबे से भंग करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे किसी ने हमारी आत्मा पर चोट की हो। देवभूमि को सिर्फ Reels का बैकग्राउंड मत बनाओ इसकी पवित्रता का सम्मान करना सीखो वरना एक दिन इन पहाड़ों के पास सिर्फ पछतावा और तबाही बचेगी।
#SaveHimalayas #StopPlasticTourism #VoiceOfHills #Devbhoomi #RespectMountains #PahadiLife #ResponsibleTourism #SaveOurHills
Iछात्र को पाकिस्तानी करार देने वाले एंकर की एक खास बात यह है कि वह सीबीएसई को भी सरकार तुल्य समझ कर उसका बचाव कर रहे हैं। यह अभूतपूर्व प्रतिबद्धता है।
कहा जा रहा है कि आगे वह बिजली का बिल ज्यादा आने की शिकायत करने वाले को बांग्लादेशी और थड़ी पर चाय में चीनी ज्यादा डाल देने की तोहमत देने वाले को चीनी घोषित कर सकते हैं।
सर सरकारी नौकरी में हैं। सरकार इनकी परफॉरम��ंस से प्रसन्न होकर ‘ सवा 31 ’ प्रतिशत इंक्रीमेंट देते हुए इन्हें ‘देशद्रोही घोषणा विभाग ’ का प्रभारी बना दें। वह अपना काम और द्रुत गति से कर पाएंगे।
#Doordarshan #cbse #cockroach
10 दिन में चौथी बार बढ़े हैं पेट्रोल- डीज़ल के दाम!!
देखिए कब तक तेल कंपनियों का नुक़सान पूरा हो पाता है. वैसे सरकार को ये भी बताना चाहिए. कितनी भरपाई हुई, कितनी बाक़ी. रोज़ इसका भी आंकड़ा जारी होना चाहिए…
क्या कहते हैं आप लोग?🧐
That's why pahad belongs to pahadis only. Pahadis knew how to make balance between religion and ecology for centuries. But know people from Cow belt are reaching the origins of these rivers near glaciers doing their drama rituals. So Gross 🤬
क्या ही विवेक शून्य फ़ॉलोवरशिप ���ै। भाजपा नेता मेलोडी बांट रहे हैं, अध्यक्ष खा रहे हैं।
पेट्रोल बचाने के आह्वान पर तीन दिन ऑटो, साइकिल पर दफ्तर गए और फोटो खिंचवाए समझ आता है।
मेलोडी कौनसे आह्वान या विदेश नीति की किस जीत का प्रतीक है?
एक मोमेंट था बस दो राष्ट्राध्यक्षों के बीच का। प्रधानमंत्री जी ख़ुद इसे देख कर सोच में पड़ गए होंगे कि ये हो क्या रहा है।
#Melodi #rajasthan