शिरगूवाला का बदहाल स्कूल:
बाडमेर के शिरगूवाला में सरकारी स्कूल की हालत बेहद बदहाल नजर आ रही है। स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर स्थिति में है और बच्चों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। ग्रामी���ों का आरोप है कि ��च्चे पढ़ने के लिए स्कूल तो जाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर हर समय चिंता बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि आखिर इस बदहाल व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है? स्कूल प्रशासन, शिक्षा विभाग या स्थानीय प्रशासन—जवाबदेही तय कौन करेगा?
स्कूल क��� बाहर खुले पड़े 3-4 बोरवेल, पहले बच्चा गिरकर हो चुका हादसे का शिकार… फिर भी प्रशासन बेखबर!
स्कूल के बाहर मौत का खुला खतरा!
एक नहीं, बल्कि 3-4 बोरवेल खुले पड़े हैं। न कोई सुरक्षा कवच, न ढक्कन और न ही किसी तरह की बैरिकेडिंग। सबसे गंभीर बात यह है कि पहले भी इसी स्कूल का एक बच्चा बोरवेल में गिर चुका है और हादसा हो चुका है।
बाड़मेर
अगर सुभाष चंद्रा के क़र्ज़ वाले मामले ने आपको झकझोर दिया है, तो कुछ और जानकारी आपको दिलचस्प लगेगी।
नीचे ऐसे टॉप केस हैं जिनमें IBC क़ानून के तहत फ़ैसले हुए हैं। ये जानकारी सितंबर 2024 तक की है।
@INCIndia@kharge@RahulGandhi
ये धौलपुर के दुवाटी गॉव का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय है जहा एक ही भवन मे 2 स्कूल संचालित किए जा रहे है जिसमे फिलहाल 896 बच्चे पढ रहे है मगर कक्ष की दीवारो मे सीलन और दरारे है😳😲
🚨 यूपी सरकार की "फ्री बस सेवा" की जमीनी हकीकत! 🚨
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, कृपया इस वीडियो का संज्ञान लें। महिलाओं के लिए बस यात्रा मुफ्त करने की आपकी योजना सराहनीय है, लेकिन धरातल पर इसकी सच्चाई निराशाजनक है।
वीडियो में सामने आई मुख्य समस्याएं:
लापरवाही: महिलाओं के लिए बस फ्री होने के का���ण, बस चालक महिलाओं को स्टैंड पर देखकर जानबूझकर गाड़ियां नहीं रोक रहे हैं।
परेशानी: बसें अंदर से खाली होने के बावजूद, छोटे बच्चों को गोद में लिए महिलाएं घंटों सड़क पर परेशान हो रही हैं।
ऐसी योजना का क्या लाभ जब महिलाओं को सुविधा के बजाय सड़क पर सिर्फ परेशानी का सामना करना पड़े? कृपया संबंधित विभाग और ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्��वाई करें ताकि भविष्य में महिलाओं को इस तरह परेशान न होना पड़े।
@UPGovt @UPSRTC_HQ @dayashankar4bjp @myogioffice
#UPSRTC #UPGovernment #YogiAdityanath #WomenSafety #UttarPradesh
ये तो उल्टे आम लोगों को ही गिल्ट ट्रिप में डालने आ गए हैं।
और ये क्या होता है-सब कुछ चला गया? कहां चला गया?
22,000 करोड़ के लेनदारों को बता देना चाहिए कि पैसा आखिर गया कहां। वहीं से वसूल लेंगे।
पुलिस वाले दादागिरी देखिए
पुलिसकर्मी ने बीमार युवक को जड़े ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़ दिया क्या पुलिस वाले को ऐसा करना चाहिए
ललितपुर में मेडिकल कॉलेज इलाज कराने गए एक युवक के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर मारपीट का वीडियो सामने आया है
इसको इ���ना हाइलाइट करो की ये सस्पेंड हो जाए
इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-स�� भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
सुभाष चंद्रा का 22 हज���ार करोड़ का क़र्ज़ 6.5 करोड़ में निपटा दिया गया. सुभाष चंद्रा भाजपा के समर्थन से सांसद बने थे.
सुभाष चंद्रा की जगह कोई गरीब किसान होता तो 2-4 लाख रूपयों के लिए उसे फाँसी लगानी पड़ जाती.
विद्या संबल योजना में राजस्थान सरकार के दावों की पोल खुल रही है!
शाला दर्पण पोर्टल पर खाली पद दिखाकर युवाओं को दूर-दूर से बु��ाया जा रहा है, लेकिन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (दीगोद) जैसे स्कूलों में पहुंचने पर प्रधानाचार्य और अधिकारी फॉर्म जमा करने से साफ मना कर रहे हैं। वजह बताई जा रह��� है कि स्कूल में बच्चों के एडमिशन ही नहीं हैं, तो सवाल यह उठता है कि पोर्टल पर गलत वैकेंसी दिखाकर बेरोजगारों को क्यों परेशान किया जा रहा है?
कोटा