एक बात नोट की है,🤔
जब से दिल्ली जंतर-मंतर पर काॅकरोच जनता पार्टी का सफल आंदोलन हुआ, देशभर में आंदोलनों की एक बाढ़ सी आ गयी है। चाहे छोटे बच्चे हों या बड़े विश्वविद्यालय के छात्र, सभी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं...!!
शिक्षा के लिए लड़ता एक Genalpha दल।
मोहन बाबू,
बेटियों की पढ़ाई ज़रूरी है
या स्कूल की जमीन पर होटल?
उज्जैन की Gen Alpha बेटियाँ अब अपने हक़ के लिए मैदान में उतर आई हैं!
⦿ महाराजवाड़ा, सराफा, नूतन और माधवगंज स्कूल की बच्चियाँ अपने स्कूल बचाने के लिए आवाज़ बुलंद कर रही हैं। सामान्य परिवारों की इन छात्राओं को पढ़ाई के लिए करीब 7–8 किमी दूर दाउतखेड़ी भेजा जा रहा है, जबकि मौजूदा स्कूल भवन को होटल में बदलने की बात सामने आ रही है।
⦿ कई छात्राएँ TC तक निकलवा चुकी हैं, लेकिन उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ। उनका एक ही कहना है “हमें अपना स्कूल नहीं छोड़ना!”
⦿ बेटियाँ के साथ कलेक्टर कार्यालय में जिला कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक महेश परमार जी एवं जिला शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी जी ने उपस्थित होकर उनकी मांगों का समर्थन किया।
@CMMadhyaPradesh@PMOIndia
ट्रांसफार्मर से करंट लगा, गाय की मौत हो गई।
उसके बाद इन बैलबुद्धियों ने कहा हम ट्रांसफर को पीटेंगे।
अरे मूर्खो, ट्रांसफार्मर है कोई अखलाक या पहलू खान नहीं।
कि पीट कर मार डालोगे तो भाजपा ईनाम देगी।
करंट लग जाएगा तो गौमाता की 4-5 पुत्रों संग अर्थी उठेगी।
"भगवान श्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम का तीन दिन जाप कीजिए चौथे दिन चमत्कार न हो तो मुझे बता दीजिए."
यह नई विलक्षण प्रतिभा कौन आई है देश में?
संविधान में निहित वैज्ञानिक सोच से चलने वाला यह देश, आजकल ऐसे नमूनों को भी पाल रहा है.
इस वीडियो में ‘डूबते को तिनके का सहारा’ कहावत साक्षात् चरितार्थ होती दिखाई दे रही है
बाढ़ के पानी में डूब रहा एक चूहा अचानक पानी पर तैरती हुई एक चप्पल तक पहुंच जाता है
अपनी जान बचाने के लिए वह तुरन्त उस चप्पल पर चढ़ जाता है और उसी के सहारे पानी में तैरता दिखाई दे रहा है
लेकिन इस दृश्य का एक दूसरा, बेहद मार्मिक पहलू भी है...
संभव है कि यह चप्पल उसी बाढ़ में डूबे किसी व्यक्ति की हो..जिसके लिए यह चप्पल सहारा नहीं बन सकी, लेकिन एक छोटे से जीव के लिए जीवन का सहारा बन गई
कहावत के परे यथार्थ में मुसीबत में किसी का सहारा बनने के लिए केवल इच्छा ही नहीं, बल्कि उस परिस्थिति से बचाने के अनुकूल क्षमता/सामर्थ्य भी होना जरूरी है।
कभी-कभी जो चीज़ किसी एक के लिए अनुपयोगी साबित होती है, वही किसी दूसरे के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का सहारा बन जाती है
वीडियो देखिए... प्रकृति का यह छोटा-सा दृश्य शायद आपको जीवन का एक बड़ा सबक दे जाए