"चीन बहुत आगे निकल गया है। चीन का मुकाबला परंपरागत तरीकों से करना कठिन है।"
- ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा
पिछले 12 साल में मोदी सरकार ने सिस्टेमैटिक तरीके से हमारी सेनाओं को कमजोर किया।
इन्वेस्ट नहीं किया गया, मॉर्डनाइजेशन पर ध्यान नहीं दिया गया। सेना को कमजोर करने को अग्निवीर जैसी फर्जी स्कीम लाए।
साथ ही जब सेनाओं को प्रधानमंत्री और सरकार से हौसलाअफजाई की दरकार थी, तब मोदी चीन को क्लीनचिट देते रहे, चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करते रहे।
मोदी ने देश और सेना को बहुत पीछे धकेल दिया है।
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में पाँच लाख की भीड़ जुटाने की कांग्रेस की तैयारी। रैली के बाद रामलीला मैदान से सब लोग संसद भवन/चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ़ मार्च करेंगे । ज़ाहिर है एक नवंबर को दिल्ली की सड़कों पर ऐतिहासिक दृश्य दिखेंगे ।
ITBP के चीफ का वीडियो क्यों हटाया गया?
पूर्व आर्मी चीफ बोले तो उनका किताब न छपने दो!
पारा मिलिट्री के चीफ बोल दे तो उनका वीडियो हटा दो!
जो आइना दिखाए,वह आइना फोड़ हो!
बाकी आल इज़्ज़ वेल बोलने के लिए स्टूडियो मीडिया है ना
In a small Greek restaurant in Cambridge my journey of love began.
Rajiv and I created a world filled with love, laughter and memories. On 10th November, I share that world with you.
हमारे देश में एक 56 इंच का चीनी खिलौना है, जिसकी चाभी कई देशों के पास है।
चीन को लेकर जो खबर आ रही है, उसे मोदी सरकार ने लगातार छिपाने की कोशिश की।
लेकिन अब ITBP के DG शत्रुजीत कपूर ने कंफर्म किया है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना के साथ हमारे सैनिकों की झड़प लगातार जारी है।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
ध्रुव राठी इंसान है या सस्पेंस और थ्रिलर की मशीन😂
ध्रुव राठी ने आज एक ट्वीट करके बताया कि उन्होंने एक बहुत बड़े और प्रतिष्ठित पूर्व चुनाव आयुक्त का इंटरव्यू लिया है जिसका पॉडकास्ट बहुत जल्द आने वाला है।
ध्रुव राठी कहते हैं कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार और वोट चोरी पर जो बात कही है वो अबतक की सबसे ज्यादा अहम और स्पष्ट बात होगी जो किसी के द्वारा कही गई हो।
आखिर वो पूर्व चुनाव आयुक्त कौन हो सकता है?
दीपावली के शुभ त्योहार पर हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 1 नवंबर से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) मिलेगा। इसमें हम बकाया 1% DA भी जोड़ रहे हैं।
कुल मिलाकर कर्मचारियों के खाते में 5% DA क्रेडिट हो जाएगा।
सरकार की तरफ से सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को दीपावाली की अग्रिम शुभकामनाएं।
: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @SukhuSukhvinder
I have interviewed a former Chief Election Commissioner of India.
One of the most reputable ones.
He has exposed Gyanesh Kumar & Vote Chori better than anyone else can. Podcast coming soon..
अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ face-off की स्थिति बनी, और यह अभी भी जारी है.
- ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने ये बात कही है
अरुणाचल प्रदेश में चीन के सैनिकों के साथ झड़प की खबरें जुलाई से ही आ रही हैं.
इसके बाद भी सितंबर में मोदी ने चीन के राष्ट्रपति का भारत में स्वागत किया.
यहां तक की जुलाई-अगस्त में अगर कोई झड़प की बात लिखता या कहता तो उसे एंटी-नेशनल बताया जाता, उसपर IT सेल के लोग छोड़ दिए जाते.
अब खुद ITBP के महानिदेशक ने ये बात कह दी है, क्या BJP वाले इन्हें भी एंटी-नेशनल करार देंगे.
बातें लाल आंख दिखाने की हुई थी, यहां तो लाल कालीन बिछाई जा रही है, वो भी तब जब हमारे सैनिक सरहद पर चीनियों से लड़ रहे हैं.
जिस ख़बर को पहले पहले मोदी सरकार ने दबाया और वो खुद DG ITBP के बयान के ज़रिए सामने आ गया है.. और वो ये कि अरूणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारत और चीन की सेना में झड़पें हुई हैं और कई जगहों पर ये अब ही जारी हैं
एपस्टीन फाइल्स और इलेक्शन कमिशन कनेक्शन?
ये इलेक्शन कमीशन के लिए सॉफ्टवेयर #ECINET बनाने वाली कंपनी के पीछे का चेहरा, अमेरिका के विनोद खोसला हैं। एपस्टीन फाइल्स में 182 बार इनका नाम आया है।
◆ विनोद खोसला की फर्म Khosla Ventures शुरू से ही 'आकाश सिस्टम्स' की मुख्य निवेशक (Backer) रही है।
◆ #Akash_System ने बेंगलुरु सिटी कंपनी #NxtGen को एआइ सर्वर बेचे ।
◆ #NxtGen कंपनी भारत निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET के डेटा और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रबंधन देख रही है
◆ मतलब साफ है कि सॉफ्टवेयर बनाने वाली आकाश सिस्टम हो, नेक्स्टजेन हो या एपस्टीन के साथी विनोद खोसला की कंपनी खोसला वेंचर हो, सब कहीं ना कहीं एक ही नेटवर्क का हिस्सा हैं।
◆ अब इसी सॉफ्टवेयर को चुनाव में वोट चोरी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। डेटा से समझौते की बात की जा रही है... या #SIR के दौरान वोट काटने की बात हो, चुनाव से पहले वोट कट जाने और फिर चुनाव के बाद जुड़ जाने जैसे घोटालों की बात की जा रही है... तो इस तरह के संयोग, आयोग के निष्पक्षता के प्रति शंकालु बनाते हैं।
इन सब मामलों में इतिहास को देखते हुए न अमेरिका को अलग करके देखा जा सकता है, न विनोद खोसला को ना #Epstein को..
◆यह समझना भी मुश्किल नहीं है कि केंद्रीय मंत्री #हरदीप_पुरी किस हैसियत से और क्यों एपस्टीन से मिलते रहे हैं।
◆ यह समझना भी बिलकुल भी मुश्किल नहीं है कि भारत का नेतृत्व बार-बार बेइज्जती के बावजूद, अमेरिका के आगे समर्पण क्यों करता रहा है.? नतमस्तक क्यों होता रहा है.??
◆फिर भी आप चाहें तो #ज्ञानेश_कुमार को दोषी मत ठहराइए। मानते रहिए कि #SIR की प्रक्रिया पूरी तरह स्वच्छ, पारदर्शी और पवित्र है। खुशी होगी यदि जांच के बाद पूरी प्रक्रिया पवित्र साबित हो..
मर्जी है आपकी... सोच-समझ का स्तर है आपका।
#गोदी_मीडिया तो बताएगा नहीं... मैंने सोचा, आपको बता दूं। आखिर मेरे देश, मेरे लोकतंत्र का सवाल है।
या फिर आप इसलिए खुश होते रहिए... क्योंकि अब्दुल टाइट हो रहा है!😀😀
यदि खुद को लोकतंत्र का समर्थक मानते हैं, तो कमेंट भी कीजिए और पोस्ट को शेयर भी कीजिए...!!
#ECI #Election #CJP #VoteChor #VoterList #ECINET #EpsteinFiles #VinodKhosla #NextGen #AkashSystem #GyaneshKumar #HardeepPuri #SIR #Democracy #लोकतंत्र #cjp #JantarMantar
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रामपुर की धरती से आदरणीय आज़म खान साहब के लिए हमारा यही ऐलान है : जो आज़म थे, वो आज़म हैं, वो आज़म रहेंगे।
फ़र्ज़ी मुक़दमों में इतनी ताक़त नहीं है कि वो सच को क़ैद कर सकें। षड्यंत्र रचकर किसी को क़ैद में रखनेवाला भी हमेशा अपने दिमाग़ की जेल में डरके मारे बंद रहता है क्योंकि उसे हर पल यही डर सताता है कि कल को जब सच सामने आयेगा तो उसे अपने किये की सज़ा भुगतनी ही होगी। वो कल की सज़ा के बारे में सोच-सोचकर अंदर-ही-अंदर गलता-डरता रहता है।
भ्रष्ट अधिकारी और फ़र्ज़ी मुक़दमे भाजपाई शासन-प्रशासन के दो अहम हथियार हैं। जब भी भाजपा की नाइंसाफ़ी का इतिहास लिखा जाएगा रामपुर का नाम सबसे ऊपर आयेगा।
जौहर यूनिवर्सिटी को बंद करने की साज़िश दरअसल पीडीए से पढ़ाई के अधिकार को छीनने का षड्यंत्र है। जो हज़ारों स्कूल बंद कर सकते हैं वो यूनिवर्सिटी को क्या छोड़ेंगे। ये दक़ियानूसी नकारात्मक भाजपाई लोग आदरणीय आज़म ख़ान जी से इसलिए चिढते हैं क्योंकि ये ख़ुद कभी आज़म साहब की तरह तरक़्क़ीपसंद और सकारात्मक नहीं हो सकते हैं।
भाजपा का इल्म और तालिम से छत्तीस का आँकड़ा है। इल्म के मामले में भाजपा सिफ़र है।
बदले की भावना रखनेवाली भाजपा को जनता हमेशा के लिए बदल देगी।
एक बात बहुत साफ़ है कि अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस का निशाना हरदीप पुरी नहीं है हरदीप पुरी के बॉस हैं.
जब वो टाइमिंग का इतना ख्याल रखते हैं रूबियो की विज़िट के वक़्त एपस्टीन के साथ फोटो पब्लिक करते हैं तो वो ये भी जानते हैं पुरी बहुत दिन अब मंत्री नहीं रहेंगे क्योंकि राज्यसभा का टर्म नहीं दिया गया.
2014 - 17 के बीच 62 ईमेल और 14 मुलाकातें बताती हैं कि रिश्ता गहरा था एपस्टीन से. किसी किस्म की पार्टनरशिप का इशारा मिलता है.
किसके लिये हो रहा था ये सब?
2017 में मोदी हरदीप पुरी को मंत्री बना देते हैं बिना संसद सदस्य हुये, इतनी मेहरबानी और अर्जेंसी क्या थी?
क्या एपस्टीन से रिश्तों ने इन्हें मंत्री बना दिया?