बालक के जन्म से 7 साल तक मूलाधा�� केंद्र सुविकसित होता है, उन 7 वर्षों में बच्चा अगर निरोग रह गया, तो जीवन भर वह स्वस्थ रह सकता है।
आप बच्चों का ख्याल रखना। तो बच्चों का ख्याल रखने के लिए देवियां, माताऐं दो से तीन तुलसी के पत्ते और एक बूंद शहद रगड़कर बच्चों को चटा दिया करो। बच्चे मजबूत रहेंगे। जीवनभर उनको एक दमड़ी (आज का रुपया कह दो) भी न दो फिर भी उनको स्वास्थ्य का दान तुमने कर दिया और वे बड़े ओजस्वी और प्रभावशाली होंगें।
#AsharamjiBapuQuotes
Ghar Vapasi is initiated by Sant Shri Asharamji Bapu to put halt on #Dharmantaran by Missionaries.
Under this program, He initiated "Bhajan karo, Bhojan karo, Dakshina pao" scheme.
Spiritual gathering, Dakshina & Bhandara Sewa continue to bring the converted back to Hinduism.
महान हिंदू Sant Shri Asharamji Bapu के आश्रम कोई साधारण ध्यान योग केंद्र नहीं है यहां पर समय-समय पर Adhyatmik Shivir का आयोजन किया जाता है जहां करुणा और सेवा की धारा बहती है।
सनातन धर्म के लिए इन आश्रमों का संरक्षण किया जाना जरूरी है।
#SaveAshram
ध्यान वो रसायन है जिससे कि (आंतरिक) रस और तृप्ति के साथ यात्रा होती है और सारी सृष्टि का जो पालक, पोषक और आनंद का उदगम स्थान है, उस परमात्मा से एकत्व करा देता है ध्यान!
��्यान के समान कोई तीर्थ नहीं है, ध्यान के समान कोई यज्ञ नहीं है। यज्ञ में वस्तु, स्वधा स्वाहा होती है, ध्यान में अपने ही कुसंस्कार स्वाहा होते हैं। ध्यान से आवश्यक सामर्थ्य की प्राप्ति होती है और अवांछनीय दोषों की निवृत्ति होती है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ संत शिरोमणि परमपूज्य Sant Shri Asharamji Bapu कहते हैं की सेवा, तप, प्रार्थना, कृतज्ञता के बिना ब्रह्मज्ञान टिकता नहीं है।
#AsharamjiBapuQuotes
ध्यान वो रसायन है जिससे कि (आंतरिक) रस और तृप्ति के साथ यात्रा होती है और सारी सृष्टि का जो पालक, पोषक और आनंद का उदगम स्थान है, उस परमात्मा से एक���्व करा देता है ध्यान!
ध्यान के समान कोई तीर्थ नहीं है, ध्यान के समान कोई यज्ञ नहीं है। यज्ञ में वस्तु, स्वधा स्वाहा होती है, ध्यान में अपने ही कुसंस्कार स्वाहा होते हैं। ध्यान से आवश्यक सामर्थ्य की प्राप्ति होती है और अवांछनीय दोषों की निवृत्ति होती है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ महान हिंदू संत Sant Shri Asharamji Bapu पिछले 5 दशकों को से भी अधिक समय से देश विदेश में घूम-घूम कर नाम जप की महिमा बता रहे हैं।
#AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu has been relentlessly doing #NishkamSeva for many decades.
He initiated many Lok Kalyan programs:
*Revival of Gurukul education system
*Yuvadhan Suraksha Abhiyan
*Protection of cows
*Vedic Holi
*Meditation Shivirs
*TPD
*MPPD
*YSS & MUM
*BSK
*Bhandaras
Sant Shri Asharamji Bapu Ji's #BalSanskar Kendra is committed to fostering cultural & spiritual values in children.
On 20.06.26, #Ashram#Bengaluru conducted Bal Sanskar classes at Spoorthi Vidya Kendra, Koramangala, #Bangalore
For more information, visit: https://t.co/KioAv39bpg
🌟📖 रामायण का सबसे बड़ा रहस्य! क्या आपने जाना?
रामायण सिर्फ कहानी नहीं, हमारे जीवन का दर्पण है।💖 👦👧 प्यारे बच्चों, आइए रामायण का यह अद्भुत तात्विक अर्थ जानें और जीवन को सुंदर बनाएं।
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#balsanskarkendra
#shorts
भगवत्-ज्ञान और भगवत्-ध्यान, ये साधन ऐसे हैं कि ईश्वर-प्राप्ति में सीधे ले जाएँ।जप,दान,पुण्य,शुभ ���र्म करता है,तब बुद्धि खुलती है।फिर संतजनों का संग करता है तो भगवत्-प्रसादजा बुद्धि आती है।फिर उसमें गहरा उतरता है तो तत्त्व-प्रसादजा बुद्धि बनती है।
#RishiDarshan
#AsharamBapu
वस्तु का महत्व नहीं होता जितना भाव का होता है। अगर वस्तु का महत्व होता तो शबरी भीलन के जूठे बेरों में कौन सी ऐसी वस्तु थी? सुदामा के तंदुलों में ऐसी कौन सी वस्तु थी? लेकिन सुदामा का भाव, मीरा का भाव, भक्त का भाव जो वस्तु में नहीं होता भाव वो सबकुछ भर देता है।
#AsharamjiBapuQuotes
वस्तु का महत्व नहीं होता जितना भाव का होता है। अगर वस्तु का महत्व होता तो शबरी भीलन के जूठे बेरों में कौन सी ऐसी वस्तु थी? सुदामा के तंदुलों में ऐसी कौन सी वस्तु थी? लेकिन सुदामा का भाव, मीरा का भाव, भक्त का भाव जो वस्तु में नहीं होता भाव वो सबकुछ भर देता है।
#AsharamjiBapuQuotes