शौचालय केयरटेकर और सचिवालय संभालने वाले PanchayatSahayak का वेतन एक समान (9000 रु) करने वाले अधिकारी को अर्थशास्त्र का नोबेल जरूर मिलना चाहिए! #सचिवालय_शौचालय_एक_समान@oprajbhar एक नोबेल आप भी डिजर्व करते हो
शौचा��य केयरटेकर और सचिवालय संभालने वाले PanchayatSahayak का वेतन एक समान (9000 रु) करने वाले अधिकारी को अर्थशास्त्र का नोबेल जरूर मिलना चाहिए! #सचिवालय_शौचालय_एक_समान
@oprajbhar एक नोबेल आप भी डिजर्व करते हो
अनंत शुभकामनाएं हमारी धर्मसंगिनी। @Pushpav71247258 ❤️
आप केवल मेरी जीवनसंगिनी ही नहीं,बल्कि मेरे जीवन की सबसे अनमोल धरोहर हो।
आप मेरे जीवन की अनमोल रत्न हो प्रिय,
ईश्वर से बस यही प्रार्थना है कि आपका साथ यूँ ही जीवनभर बना रहे। ❤️🩹
Congratulations dear
जय हिंद CISF महोदया 🫡🇮🇳
@uppanchayatiraj पंचायती राज विभाग स्पष्ट करे!!!
9 दिनों के धरने के बाद बनी सहमति में
₹9,000 DBT से, कैशलेस स्वास्थ लाभ, मातृत्व अवकाश, सेवा समाप्ति की प्रक्रिया, आरक्षण एवं वापसी जैसी मांगें शामिल थीं।
सिर्फ ₹3,000 की वृद्धि ग्राम निधि से देकर
बाकी सहमत मांगों का क्या हुआ?
पंचायत सहायकों का न्यूनतम ₹18,000 मानदेय एवं सभी धरने में सहमत मांगें जल्द पूरी की जाएं।
वरना आंदोलन हेतु मजबूर होंगे @oprajbhar@UPGovt@spsinghbaghelpr@InfoDeptUP
माननीय मुख्यमंत्री जी,
@CMOfficeUP
आखिर पंचायत सहायकों के साथ ये कैसा अन्याय किया जा रहा है?
उत्तर प्रदेश के 57,000 पंचायत सहायक 9 दिनों तक इको गार्डन, लखनऊ में अपने अधिकारों और सम्मानजनक भविष्य के ��िए धरने पर बैठे रहे। इस दौरान सरकार की ओर से जिन मांगों पर सहमति और आश्वासन की बात सामने आई, आज उसके संबंध में आधा अधूरा आ��ेश जारी किया गया है।
जिन विषयों पर कार्रवाई की बात हुई थी, उनमें
🔹 ₹9,000 मानदेय और उसका DBT के माध्यम से भुगतान
🔹 सेवा समाप्ति की प्रक्रिया को DM समिति के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था
🔹 कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ
🔹 मातृत्व अवकाश
🔹 भविष्य की सरकारी भर्तियों में आरक्षण/अवसर
🔹 सेवा समाप्त किए गए पंचायत सहायकों की वापसी
🔹 पंचायत सहायकों से संबंधित अन्य सेवा शर्तों में सुधार
लेकिन अब सामन��� क्या आया?
सिर्फ ₹3,000 की वृद्धि वो भी उसी पुरानी ग्राम निधि व्यवस्था के माध्यम से।
यदि यही निर्णय था तो फिर 9 दिनों तक चले धरने के दौरान बनी सहमति और दिए गए आश्वासनों का क्या हुआ?
क्या पंचायत सहायकों ने केवल ₹3,000 की वृद्धि के लिए 9 दिन तक अपना काम, परिवार और रोजमर्रा की जिंदगी छोड़कर धरना दिया था?
यदि ₹9,000 मानदेय की बात DBT से करने की हुई थी तो DBT की प्रक्रिया कहाँ है?
यदि सेवा समाप्ति के लिए DM समिति क�� बात हुई थी तो उसका शासनादेश कहाँ है?
मातृत्व अवकाश, कैशलेस सुविधा और भर्तियों में आरक्षण जैसे विषयों पर सरकार की स्थिति क्या है?
और जिन पंचायत सहायकों की सेवा समाप्त क��� गई है, उनकी वापसी को लेकर क्या निर्णय लिया गया है?
अगर कैबिनेट स्वीकृति होनी है तो यह 9000 ग्राम निधि से कैसे स्वीकृत हुआ??
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 9 दिनों के संघर्ष के बाद यदि केवल एक अधूरा निर्णय सामने आता है, तो बाकी सहमतियों का क्या होगा?
पंचायत सहायक कोई भीख नहीं मांग रहे।
हमारा सीधा सवाल है -
धरने के दौरान जो सहमति बनी थी, उसका लिखित और बिंदुवार क्रियान्वयन कब होगा?
सिर्फ एक मांग पर अधूरा आदेश जारी करके बाकी मांगों को लंबित रखना पंचायत सहायकों के साथ न्याय नहीं है।
@uppanchayatiraj कृपया स्पष्ट करें
क्या सरकार वास्तव में 57,000 पंचायत सहायकों की सभी सहमत मांगों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, या फिर पंचायत सहायकों को एक बार फिर आंदोलन के रास्ते पर जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है?
अब पंचायत सहायकों को स्पष्ट जवाब चाहिए
@myogiadityanath
@uppanchayatiraj
@DirectorUPPR
@ChiefSecyUP
@oprajbhar
@UPGovt
#पंचायत_सहायक_नियमित_करो
अदम्य शौर्य एवं साहस के प्रतीक, मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले, महान क्रांतिकारी शहीद ए आजम भगत सिंह जी की जयंती पर कोटिशः नमन।
देशभक्ति से ओत-प्रोत आपके विचार और राष्ट्र सेवा को समर्पित आपका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है।
जितने भी बीजेपी के नेता, विधायक और मंत्री हैं उनको चैलेंज है- वो अपने बच्चों को 6000 रुपए में पंचायत सहायक बनाकर गांव में नौकरी कराके दिखाओ... सभी पंचायत सहायक अपनी नौकरी छोड़ देंगे!
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
जितने भी बीजेपी के नेता, विधायक और मंत्री हैं उनको चैलेंज है- वो अपने बच्चों को 6000 रुपए में पंचायत सहायक बनाकर गांव में नौकरी कराके दिखाओ... सभी पंचायत सहायक अपनी नौकरी छोड़ देंगे!
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
यूपी में 58,000 पंचायत सहायक पिछले कई वर्षों से मात्र 6,000 रुपये प्रति माह में काम कर रहे हैं। 6,000 रुपये में कोई नौजवान अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे कर सकता है? इनकी मांग है कि मानदेय 30,000 रुपये प्रति माह किया जाए। @myogiadityanath जी को इनकी मांगें तुरंत मान लेनी चाहिए
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
हमलोग यहाँ इको गार्डन में 6 दिन से भूखे प्यासे पड़े है सरकार हम पंचायत सहायकों को देखना चाहिए और हमलोगों सम्मान जनक मानदेय देना चाहिए यही सरका��� से विनम्र निवेदन है।
@myogiadityanath
@oprajbhar
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
हम सभी पंचायत सहायक इको गार्डन में पिछले 7 सितंबर से धरना दे रहे है आज 6 दिन हो गया है और जो भी साथी घर पर है वो तुरंत इको गार्डन पर पहुंचे