प्रदेश के मुखिया साहब @myogiadityanath जी
बांदा का किसान प्रशासन से परेशान है कल आपके आने से न्यूनतम की उम्मीद बंधी है शायद कुछ अच्छा कर जाएं
@yadavakhilesh@vpnishadsp
@DM_Banda1@vpnishadsp@myogiadityanath@SanjayAzadSln बरसात के पहले इस नई सीसी रोड का ये हाल है तो बरसात होने पर तो ये सड़क पूरी तरह सेटूट ही जाएगी इतना ज्यादा भ्रष्टाचार और जनता के पैसे में बंदरबांट हुआ है!! निवेदन है कि उक्त रोड की टीएसी जांच जिले के अधिकारियों से कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करें !!
@DM_Banda1
सर आपको अवगत कराना है कि जसपुरा ब्लॉक के मड़ौली कला में 03/04 महीने पहले विधायक निधि से बनी सीसी रोड ठेकेदार और जेई द्वारा मानक के अनुसार मसाला न लगाने व सही काम न कराने पर जगह जगह से टूट रही है!!
आपसे निवेदन है कि इस भ्रष्टाचार की जांच कराएं !!
@DM_Banda1
सर आपको अवगत कराना है कि जसपुरा ब्लॉक के मड़ौली कला में 03/04 महीने पहले विधायक निधि से बनी सीसी रोड ठेकेदार और जेई द्वारा मानक के अनुसार मसाला न लगाने व सही काम न कराने पर जगह जगह से टूट रही है!!
आपसे निवेदन है कि इस भ्रष्टाचार की जांच कर��एं !!
गिरती टंकी समाचार : जून 2026 संस्करण
सुनने में आया है कि भाजपा राज में जहाँ-जहाँ पानी की टंकी बन रही है उसके चारों तरफ़ रहनेवाले लोगों का बीमा करने से इंश्योरेंस कंपनियों ने मना कर दिया है। दरअसल टंकी के रूप में ‘भाजपाई भ्रष्टाचार’ का पेट फट रहा है। डबल इंजन की डबल टंकी ही जब सारा पैसा कमीशन में खा जाएंगी तो ठेकेदार ऐसी ही ‘जानलेवा टंकिया’ बनाएंगे। एक दिन कहीं ऐसा न आ जाए कि ठेकेदार गत्ते की टंकी बनाकर पेमेंट लेकर निकल जाए। अगली बार जब उप्र में किसी टंकी ��ें पहली बार पानी भरा जाए तो उसके नीचे माननीय मुख्यमंत्री जी, मंत्री जी, विभागीय उच्चाधिकारी को उसके नीचे खड़ा रखा जाए।
आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी?
आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन?
सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अयोध्या मंडल ही नहीं, पूरे उप्र में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होना तय है।
भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घे��े में है।
आज वहाँ चेहरा उतरा हुआ क्यों था?
आवाज़ को तो जानबूझकर ऊँची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था?
इस बार अपने ख़ास लोगों से मिले क्यों नहीं?
जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं ‘सोने का सोना, चाँदी की चाँदी’ करें। चढ़ाए गये पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही पड़ेगा।
किसान अपना हक मांग रहा है @DM_Banda1साहब
इसमें किसान ही अगुवा हैं मैं पूरी तरह से इनके साथ हूं !
हमारी जिला प्रशासन बांदा से मांग हैं कि ओवरलोड;तेज ��फ्तार ट्रकों को रोका जाय किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिले
वअवैध खनन बिल्कुल बंद हो!
@yadavakhilesh
किसान अपना हक मांग रहा है @DM_Banda1साहब
इसमें किसान ही अगुवा हैं मैं पूरी तरह से इनके साथ हूं !
हमारी जिला प्रशासन बांदा से मांग हैं कि ओवरलोड;तेज रफ्तार ट्रकों को रोका जाय किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिले
वअवैध खनन बिल्कुल बंद हो!
@yadavakhilesh
भाजपा राज में सुबह पुल गिरने की ख़बर आती है, दोपहर में रेलवे स्टेशन के शेड गिरने की, शाम होते-होते गंगा एक्सप्रेसवे की दरारें ख़बरों की सुर्ख़ियाँ बन जाती हैं।
बेईमानी की चाशनी में डूबी भाजपा के भ्रष्टाचार की कड़वी जलेबी अब और नहीं सही जा सकती।
जनता भाजपा से उकता चुकी है।
FIR हो, न्याय हो!
लखनऊ में महिला दरोगा के साथ हुए कुकर्म की FIR नहीं लिखे जाने से सबसे अधिक शर्मिंदा भाजपा की वो महिलाएं हैं, जो ‘महिला आरक्षण’ के नाम पर प्रदर्शन कर रही थीं।
घोर निंदनीय!
‘काला चश्मा’ लगाकर आनेवाले
अपने सच्चे मुक़दमे हटवानेवाले
झूठे-फ़र्ज़ी मुक़दमे लगवानेवाले
घमंड में रावण तक को हरानेवाले
नमस्ते का भी संबंध न निभानेवाले
बुलडोज़र से घर-दुकां ढहानेवाले
बिजली-पानी के लिए सतानेवाले
पत्रकार पर अपशब्द बर���ानेवाले
‘हाता नहीं भाता’ नीति चलानेवाले
वनस्पति-खोज में विदेश जानेवाले
अपना झूठा महाप्रचार करवानेवाले
अधिवक्ताओं पे लाठी चलवानेवाले
मणिकर्णिका का घाट तुड़वानेवाले
सत्ता सजातीय पे कृपा बरसानेवाले
सांप्रदायिकता का विष फैलानेवाले
‘पीडीए’ पर घोर जुल्म करवानेवाले
आरक्षण पे अपनी कैंची चलानेवाले
शिक्षकों से भूसे का दान जुटानेवाले
झूठे आश्वासन पे शासन चलानेवाले
सबकी माँगों पर के��ल टरकानेवाले
आशा-आंगनबाड़ी को भटकानेवाले
शिक्षामित्रों का मानदेय घटवानेवाले
संतो तक पर झूठे आरोप लगानेवाले
फ़र्ज़ी एनकाउंटर का राज चलानेवाले
अब हैं जानेवाले लौटकर न आनेवाले!
Cockroaches survive everything,
The CJP movement will be no different.
Our website and the petition to sack @dpradhanbjp is live again.
The goal: To reach 1 million petition signatures
Sign up, because India’s students deserve better than an Education Minister who treats exams like a practical joke.
https://t.co/EbH05Vr1cl
#EduMinisterMustResign
डर गए है��� ये लोग!
ट्विटर पर हमारे राष्ट्रीय पेज को withheld कर दिया गया है।
डिलीट भी करवा दो कोई फर्क नहीं पड़ता।
आप लोग इस पेज से जुड़िए ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करके इससे जोड़िए।
इसे भी उड़ाएंगे हम नया बनाएंगे।
जमीन पर जल्द ही उतरेंगे वहां भी बैन कर देना दुष्ट लोगों🪳✊
कानाखेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि ये गाड़ियां इतनी ज्यादा ओवरलोड हैं (जो कि इन वीडियो में दिख रहा है) कि लाइट के तारों से भी टच होकर पूरी सड़क पर बालू गिराते हुए तेज रफ्तार में निकल रही हैं जिससे आम जनमानस का जीवन खतरे में है !
बालू माफियाओं का आतंक अब बांदा शहर छोड़कर हमारे जसपुरा ब्लॉक के तिरहार क्षेत्र में भी शुरू हो गया है!!
गाजीपुर गलौली यमुना नदी मोरम खदान से ये गाड़ियां आज सुबह बिना रायल्टी; बहुत ज्यादा ओवरलोड आज सुबह निकलीं!!
@DM_Banda1 ध्यान दें सर
कानाखेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि ये गाड़ियां इतनी ज्यादा ओवरलोड हैं (जो कि इन वीडियो में दिख रहा है) कि लाइट के तारों से भी टच होकर पूरी सड़क पर बालू गिराते हुए तेज रफ्तार में निकल रही हैं जिससे आम जनमानस का जीवन खतरे में है !
बालू माफियाओं का आतंक अब बांदा शहर छोड़कर हमारे जसपुरा ब्लॉक के तिरहार क्षेत्र में भी शुरू हो गया है!!
गाजीपुर गलौली यमुना नदी मोरम खदान से ये गाड़ियां आज सुबह बिना रायल्टी; बहुत ज्यादा ओवरलोड आज सुबह निकलीं!!
@DM_Banda1 ध्यान दें सर
समय बिताने के लिए करना है कुछ काम!
वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम है नहीं। उधर से पर्ची आएगी, यहाँ तो सिर्फ़ पढ़ी जाएगी। भाजपा राज में वैसे भी CM का मतलब बस यही रह गया है : Courier-Messenger.
वैसे जनता पूछ रही है कि फ़िल्म सबसे आगे बैठकर देखेंगे या पीछे बैठकर?
जनता का अनुरोध है कि फ़िल्म ध्यान से देखिएगा… हो सकता है ‘कर्मफल-कंसफल’ का सिद्धांत समझकर कुछ जागरण हो जाए और कुछ अच्छा बदलाव भी।
हम तो यही मानते हैं कि मूल रूप से व्यक्ति नहीं उसका ‘लालच-लोभ’ ही बुरा होता है, जो धीरे-धीरे उसका दुराचरण बन जाता है। बुराई इंसान को और बुरा बनाती जाती है।
इसके विपरीत ये भी सच है कि जब व्यक्ति ‘स्वार्थ’ को छोड़कर ‘परमार्थ’ के मार्ग पर चल निकलता है तो सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है, वो मानवता के लिए सार्थक साबित हो सकता है। अपने अंदर की सौ बुराइयों के ऊपर चंद अच्छाइयां जीत हासिल कर सकती हैं, यही महाकाव्यों का गहरा आंतरिक संदेश है। अपनी गलतियों और दुर्भावनाओं के लिए प्रायश्चित करने ��ा कोई स्थान नियत नहीं होता है, इसके लिए अंदर का प्रकाश चाहिए जो सैकड़ों लोगों के बीच ‘अंधेरे बंद परिसर’ में भी हो सकता है।
तमसो मा ज्योतिर्गमय!