ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो हारे हुए देश के प्रधानमंत्री थे, जगह उन्होंने तय नहीं की थी, इंदिरा जी ने जगह तय की थी।
यहाँ रूबियो जगह तय करता है, गोर घोषणा करता है और आप पहुँच जाते हैं।
फ़र्क़ साफ़ है
(और हाँ बेनज़ीर तो तब बच्ची थीं, बाप के साथ आई थीं)
राम नाम की लूट है, लूट सको तो लूट!
मप्र में मोहन-मोदी-पूनम ने गजब कर दिया..
4 डस्टबिन की कीमत: 4 लाख रुपए ,
200 LED बल्ब की कीमत : 60 लाख रुपए ,
1 L फिनाइल की कीमत : 33 हज़ार रुपए,
1 कचरा गाड़ी कीमत : डेढ़ करोड़ रुपए ,
24 घंटे से हरियाणा में बिजली गुल है ।
क्योंकि बिजली कर्मचारी हड़ताल पर है ; बिजली मंत्री और मुख्यमंत्री बोल रहे हैं कि हम केस लड़ेंगे ।
जब डंबल इंजन की सरकार है ; फिर प्राइवेट बिजली किसने किया है ?
नेहरू ने किया या फिर हुड्डा कर गया ?
गुरुग्राम की जनता सड़क पर है👇
सौ साल में RSS ने ऐसे संस्कारी तैयार किए हैं।
ये पूरा गिरोह जितने गलत कृत्यों में संलिप्त है, उतना ही झूठ भी बोलता है।
इन लोगों को जरा भी झिझक नहीं है कि ये जो भी झूठ बोलते हैं, वो पकड़ा भी जाएगा।
शर्म, लिहाज, लोकलाज, गंदगी सब भ्रष्टाचार की चाशनी में मिलाकर चाट गए हैं।
कायदे से यहाँ पर रवि किशन, मनोज तिवारी, निरहुआ, गिरिराज सिंह या निशिकांत दुबे को भेजना चाहिए था.
क्या BJP सरकार में कोई पढ़ा लिखा नहीं है जो विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व कर सके?
BJP ने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी को संयुक्त राष्ट्र महासभा में परमाणु हथियारों और उससे जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखने के लिए भेजा है.
मोदी के मंत्री हरदीप पुरी का कहना है कि एपस्तीन से उनकी अकेले में मुलाकात नहीं हुई। सिर्फ डेलीगेशन के साथ मुलाकातें हुई हैं।
लेकिन अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइलें इसके उलट कहानी कह रही हैं। इस फोटो में हरदीप का "डेलीगेशन" आप देख सकते हैं।
जनता पूछ रही है कि हरदीप पुरी अब क्या कहेंगे?वे एपस्टीन जैसे दानव से क्यों मिलते थे? क्या मोदी अब भी हरदीप को बचाएंगे?
गद्दी छोड़ दो ज्ञानेस!
तुम्हारे पाप का घड़ा भर गया है और पूरे जम्बूदीप में छलक रहा है।
जो भी नजर डाल रहा है, उसे दिख रहा है कि तुमने इस देश के साथ कैसा दुष्कृत्य किया है।
जो गड्ढा तुमने खोदा है, उसे भरने में कई दशक लगेंगे।
ज्ञानू के गजब कारनामे
कर्नाटक में 37 लोगों ने खुद ही फॉर्म भर के चुनाव आयोग से कहा कि मैं मर चुका हूं, मेरा नाम वोटर लिस्ट से काट दो।
668 लोगों ने फॉर्म भर कर एक दूसरे के बारे में दावा किया कि वे मर चुके हैं।
साधो! यह मुर्दों का देश।
मुर्दों से फॉर्म भरवाए ज्ञानेस
"तीनों चुनाव आयुक्त मिलकर भी फॉर्म 6 में बदलाव नहीं कर सकते। इलेक्शन कमीशन के पास फॉर्म 6 में बदलाव करने की शक्ति ही नहीं है।"
- अशोक लवासा, पूर्व चुनाव आयुक्त
Modi Sold IDBI Bank
Modi Sold Air India
Modi Sold NINL
Modi Sold CEL
Modi Sold Ports
Modi Sold Airports
Modi Sold Telecom
But Trust me Dosto "में देश नहीं बिकने दूंगा"