Safety First. Precision Always. Error Never.
यही है ALP का कार्य सिद्धांत।
अब सरकार भी एक सिद्धांत अपनाए—
Responsibility = Fair Pay
₹4200 (Level-6) लागू करें।
#AlpGradePay4200#8thPayCommission
हर किलोमीटर पर Vigilance। हर सिग्नल पर Judgement। हर स्टेशन पर Precision। हर पल Safety।
ALP की जिम्मेदारी Level-6 की है, तो Grade Pay भी ₹4200 होना चाहिए।
#AlpGradePay4200#8thPayCommission
Human Factors, Fatigue Management, Route Knowledge, Traction Handling, Emergency Response—
इन सबका केंद्र है ALP।
जब Skill Level बढ़ा है, तो Pay Level भी बढ़ना चाहिए।
₹4200 (Level-6)
#AlpGradePay4200#8thPayCommission
Concentration. Coordination. Compliance. Commitment.
यही है ALP की पहचान।
इतनी Safety-Critical जिम्मेदारी के अनुरूप Level-6 | ₹4200 मिलना चाहिए।
#AlpGradePay4200#8thPayCommission
50°C की गर्मी, घना कोहरा, आधी रात, लगातार Alert।
Signal Miss नहीं, Speed Error नहीं, Safety Compromise नहीं।
तो फिर ₹4200 (Level-6) क्यों नहीं?
#AlpGradePay4200#8thPayCommission
एक सुरक्षित रेल यात्रा के पीछे ALP की सतर्कता, कौशल और समर्पण होता है।
अब समय है कि उनकी जिम्मेदारी के अनुरूप ₹4200 (लेवल-6) दिया जाए।
#8thPayCommission#AlpGradePay4200
गोरखपुर से MBBS कर रहे तीसरे वर्ष के छात्र आकाश पांडे को नशे में चूर निषाद पार्टी के मुखिया के भतीजे ने रॉन्ग साइड से आकर अपनी फॉर्च्यूनर से उड़ा दिया। एक जलील, जाहिल, प्रॉपर्टी दलाल ने एक मेधावी छात्र की हत्या कर दी।
यह बताना आवश्यक है कि अगर आज कहीं किसी ब्राह्मण ने निषाद पार्टी के किसी कार्यकर्ता को ऐसे कुचल दिया होता, तो पूरी निषाद पार्टी गोरखपुर, बस्ती और देवरिया जिलों में हंगामा करती नजर आती। "नीले कबूतर " इसे जातीय हिंसा की संज्ञा देते, पर यह मेधावी छात्र जाति से ब्राह्मण है, इसलिए सब अपने कानों में उंगली डालकर बैठे हैं।
IT cell has no guts to attack those shouting “Azadi Azadi” or “Brahmin teri kabr khudegi.”
But if you demand equality for General Category, you are labeled as “Tukde Tukde” gang.
Counter me with facts & GC policies instead of labeling me and character assassination.
महाशिवरात्रि के दिन मध्य प्रदेश के सीधी जिले से आई खबर ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन पर ब्राह्मण समाज के इंद्रभान द्विवेदी जी की हत्या केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं है, यह राज्य की कानून-व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है।
यदि सचमुच किसी व्यक्ति को केवल पूजा-पाठ, धार्मिक आस्था और शांतिपूर्ण जीवन जीने के कारण निशाना बनाया गया, तो यह केवल अपराध नहीं — सभ्यता पर कलंक है। आज सवाल यह है कि क्या मध्य प्रदेश में नागरिक सुरक्षित हैं? क्या धार्मिक आस्था रखना अब खतरे का कारण बन गया है? मोहन यादव सरकार में बढ़ता असुरक्षा का माहौल लगातार सामने आ रही घटनाओं से साफ़ झलकता है, जिनमें स��ाज के अनेक वर्ग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ब्राह्मण समाज के लोग यह प्रश्न पूछने लगे हैं कि जब एक पढ़ा-लिखा, शांतिप्रिय ब्राह्मण भी सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? सरकार का पहला कर्तव्य होता है नागरिकों की रक्षा, लेकिन जब ब्राह्मण की हत्या जैसी घटनाएँ होती हैं और समाज को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ता है, तब शासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। किसी भी समाज के खिलाफ हिंसा, शोषण या अत्याचार को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जा सकता।
यदि ब्राह्मण समाज के लोगों पर हमले और हत्याएँ हो रही हैं, तो सरकार को स्पष्ट जवाब देना होगा कि दोषी कौन हैं, गिरफ्तारी कब होगी और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह समय भावनाओं में बहकर नफरत फैलाने का नहीं, बल्कि संगठित होकर संवैधानिक आंदोलन करने का है। ब्राह्मण समाज को चाहिए कि वह न्याय के लिए एकजुट हो, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करे, प्रशासन पर दबाव बनाए, कानूनी लड़ाई लड़े और हर पीड़ित परिवार की आवाज़ बने, क्योंकि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक अत्याचार करने वालों के हौसले टूटेंगे नहीं।
भाजपा अक्सर कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े दावे करती है, लेकिन भाजपा सरकार में ब्राह्मणों की हत्याए ब्राह्मणों का शोषण ब्राह्मणों पा अत्याच��र भाजपा सरकार की उपलब्��ि मानी जाती है, ऐसे में यदि श्रद्धालु, पुजारी, ब्राह्मण या कोई भी नागरिक सुरक्षित नहीं है, तो यह शासन के दावों की पोल खोलता है। सरकार को समझना होगा कि आस्था अपराध नहीं है, पूजा करना अपराध नहीं है। इंद्रभान द्विवेदी जी की हत्या का न्याय केवल एक परिवार की मांग नहीं, पूरे समाज की पुकार है। दोषियों को कठोरतम सज़ा मिले, यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अब चुप रहना विकल्प नहीं, अब आवाज़ उठाना धर्म है, अब न्याय के लिए संगठित होना आवश्यक है।
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#मोहनयादवसरकारजवाबदो
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#न्याय_नहीं_तो_आंदोलन
> Dwivedi ji wasn't asking for a separate State
> He wasn't tweeting against the UGC
> He didn't even have a single police complaint to his name
He was killed for his identity, for his birth. He was killed for his last name. Say it loudly.
This is on your conscience, @narendramodi
MP सीधी यही वो इंद्रभान द्विवेदी जी है, जिनकी आज महाशिवरात्रि के दिन सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई सिर्फ इसलिए कि वह पूजा पाठ और भगवान पर आस्���ा रखते थे भाजपा की सरकार में अब पूजा पाठ भी करना एक ब्राह्मण के लिए अपराध हो गया
Today at Delhi University, what happened to Ruchi Tiwari is a warning to every General Category.
It's time to aggressively demand:
General Category Atrocity Act
&
National Commission for General Category (NCGC)
Silence is no longer an option now!
तुष्टिकरण जाति देखकर होगा, लेकिन विरोध करोगे तो जातिवादी आप कहलाएँगे।
योजनाएँ जाति देखकर बनेंगी, लेकिन सवाल उठाओगे तो जातिवादी आप कहलाएँगे।
कानून/नियम जाति आधारित होंगे, मगर आपत्ति करोगे तो जातिवादी आप कहलाएँगे।
भाषणों में कहा जाएगा “सबका साथ, सबका विकास”, लेकिन विकास गिनती के पिछड़ों और अल्पसंख्यकों तक सीमित रहेगा,
सवाल करोगे तो जातिवादी आप कहलाएँगे।
डेटा जाति के नाम पर जुटेगा, लेकिन चर्चा करोगे तो जातिवादी आप कहलाएँगे।
नीतियाँ जाति के नाम पर बनेंगी, लेकिन सवाल पूछोगे तो जातिवादी आप कहलाएँगे।
#GCAtrocityAct
अयोध्या राम मंदिर परिसर में एक 55 वर्षीय कश्मीरी मुसलमान ने नमाज पढ़ने की कोशिश, सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक�� तो करने लगा नारेबाज़ी। आरोपी का नाम अबू अहद शेख है। #Ayodhya
#HappyBirthdayMithoon
#Supre