स्वतंत्र भारद्वाज और गालीबाज़ ब्राह्मणों को देख कर लगता है ब्राह्मणों की ऐसी पीढ़ी तैयार करने वाले ही ब्राह्मणों के सबसे बड़े शत्रु हैं। ये सिर्फ 12 साल में हुआ परिवर्तन नहीं है, दशकों में पीढ़ियों के ब्रेनवाश का परिणाम है। खास बात ये है कि अधिकतर ब्राह्मण उसी तंत्र के समर्थक हैं जिसने उन्हें बर्बाद किया है। सत्ता के करीबी कुछ ब्राह्मणों को पद मिल जाने से या किसी संघी को वाइस चांसलर बना देने से ब्राह्मण समाज का कोई भला नहीं होता, आम ब्राह्मण को क्या पकड़ाया जा रहा इससे पता चलता है कि कैसे छले गए हैं पंडित जी। शिक्षा/रोजगार से दूर करके झंडा पकड़ाने वालों ने मूर्ख बनाया है ब्राह्मणों को।
आखिर पढ़ने लिखने वाले समाज के लड़के गुंडे कैसे बनने लगे, जुलूस में उन्मादी नारे कैसे लगाने लगे, इनको किसने विश्वास दिला दिया कि लोगों का सिर फोड़ने से वो राष्ट्र और सनातन धर्म की सेवा कर रहे हैं? इनके भीतर दूसरे धर्म के लिए इतनी नफरत कैसे भर गई? अपने से बड़े के ऊपर हाथ कैसे उठा लेते हैं ये और फिर इस नैतिक पतन पर गर्व भी करते हैं!
80 के दशक तक ब्राह्मण परिवारों में अपशब्द का प्रयोग तक करने की मनाही थी, चींटी तक मारना मना था, बड़ों को सम्मान देना अनिवार्य था चाहे किसी भी जाति/धर्म के हों,अध्ययन करना दायित्व था, जिसका पढ़ने लिखने में मन नहीं लगता था उसकी भर्त्सना होती थी परिवार में। अनैतिक कार्यों से दूर रहने का निर्देश था, पाप कर्मों से ब्राह्मणत्व का ह्रास होता है ऐसा बताया जाता था। हिंसक आचरण ब्राह्मण के लिए निषेध था। चार दशकों में ऐसा क्या हुआ कि ब्राह्मण लड़के सार्वजनिक मंच पर गाली देने लगे, बड़ों का सिर फोड़ने लगे, अपनी ही जाति के व्यक्ति को बदनाम करने लगे अगर वो उनके मनमाफिक नहीं बोल रहा!
ब्राह्मणों का बौद्धिक पतन तो दिल्ली सल्तनत काल और मुगल काल में भी नहीं हुआ, अंग्रेज भी नहीं कर पाए, स्वतंत्रता के बाद तो स्वर्णकाल ही था फिर ऐसे कब बन गए ब्राह्मण? स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करके देश को स्वतंत्र कराने वाले ब्राह्मण अब स्वतंत्र भारद्वाज कैसे देने लगे समाज को?
जवाब खोजिए। जैसा बॉब डिलन का गाना है : उत्तर हवा में तैर रहा है। The answer my friend is blowing in the wind.
काकरोचों के लिए अब नया हिंट स्वतन्त्र भारद्वाज।
सब काकरोच बिल से निकल कर संसद थाना में न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
SC/ST Act को यहां हथियार बनाएं हैं।
#ब्राह्मणवाद जिंदाबाद
#मनुवाद जिंदाबाद
#Sc/st act ❌🚫
@abhinaymaths शायद आप एक शिक्षक हैं लेकिन आपको यथार्थ ज्ञान नहीं है। जरूरी नहीं कि संस्कृत आये ही इसलिए उस पर गलत बोलना भी गलत है। "लवणेन भोज्यम्" (नमक के बिना भोजन स्वाद रहित है) यह एक सार्थक वाक्य है। भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं संस्कृतिस्तथा।
@Vaibhavsingh008@GyanP1990 भाई कक्ष निरीक्षक भी जांच करता है। कोई ऐसे क्यों करेगा। दूसरी बात अपने ऊपर होने पर सब को एहसास होता है। और दिक्कत नहीं है मैं UGC NET JRF, CTET सब पास हूं।
@upesscprayagraj बिना किसी त्रुटि के भी UP TET के रिजल्ट में Reject दिखा रहा जबकि सभी जानकारी सही है।
उसके कारण में Entered invalid Roll Number during the examination लिखा आ रहा है। सभी आवश्यक प्रमाण उपलब्ध हैं 👉 @upesscprayagraj#UPTET
कल UPTET का परिणाम घोषित हुआ कई छात्रों का रिजल्ट स्टेटस REJECT बता रहा है औऱ कारण में है कि परीक्षा के दौरान गलत अनुक्रमांक दर्ज किया गया है अभ्यर्थी द्वारा।
ये सबूत एक अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किया गया है उसके अनुसार औऱ जैसे कार्बन कॉपी औऱ प्रश्नपत्र में स्पष्ट दिख भी रहा है कि उसे सही रोल नंबर डाला है, इसके बावजूद उसका रिजल्ट रिजेक्ट दिखा रहा है।
अतः @upesscprayagraj से अनुरोध है कि मामले को जाँच कर अभ्यर्थी के संदेह को दूर किया जाये औऱ जिनके सब कुछ सही हैं उनके रिजल्ट जारी किये जाए ये अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है!
आयोग की लापरवाही से किसी बच्चे का भविष्य न खराब हो। कृपया पारदर्शिता के साथ जाँच करके हल निकालें।
@cbseindia29 No corrections made even after objections to the answer key.
Please Look it
Kvs NVS TGT Sanskrit Tier 2
Booklet Code = E4
Question no. 35
सामवेदस्य कति ब्राह्मणग्रन्था: प्राप्यन्ते?
(1) 4 (2) 8 (3) 6 (4) 3।
सही उत्तर (2)8 होना चाहिए @KVS_HQ