176 वर्षीय हनुमान दास बाबा: वृंदावन के एक मात्र साक्षात संत
इनका जन्म 1845 में वृंदावन में हुआ था, ये पृथ्वी पर जीवित सबसे पुराने संतों में से एक हो सकते हैं
उनके सभी दांत गिर जाने के बाद प्रकृति ने इन्हे नवीन दंत प्रदान किए ऐसा 100 वर्ष आयु के बाद होना बताया गया है.
जय गोविंदा🙏
गोविन्दगिरि या गोविंदगुरु (1858-1931) , सामाजिक और हिंदू धर्म सुधारक थे।
महर्षि दयानन्द सरस्वती की प्रेरणा से उन्होंने अपना जीवन देश, धर्म और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया।
गोविंद गुरु ने भगत आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन में अग्नि देवता (अर्थात् धूनी)को प्रतीक माना गया था।
#चित्तोड़_के_महाराणा#VSK_CHITTOR#प्रताप_गौरव_केंद्र
अरावली के अत्यन्त सुरम्य पहाड़ों के बीच स्थित महाराणा प्रताप गौरव केंद्र में महाराणा प्रताप की 57 फीट ऊंची प्रतिमा यहां की सबसे ज्यादा शान बढ़���ती है. इसके साथ ही यहां भारत माता का मंदिर और अखण्ड भारत का नक्शा भी लगाया गया है
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अकबर ने कहा था कि अगर राणा प्रताप मेरे सामने झुकते है, तो आधा हिंदुस्तान के वारिस वो होंगे, पर बादशाहत अकबर की ही रहेगी| लेकिन महाराणा प्रताप ने किसी की भी अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया |
अकबर ने कहा था कि अगर राणा प्रताप मेरे सामने झुकते है, तो आधा हिंदुस्तान के वारिस वो होंगे, पर बादशाहत अकबर की ही रहेगी| लेकिन महाराणा प्रताप ने अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया #चित्तोड़_के_महाराणा#VSK_CHITTOR#प्रताप_गौरव_केंद्र
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अरावली के अत्यन्त सुरम्य पहाड़ों के बीच स्थित महाराणा प्रताप गौरव केंद्र में महाराणा प्रताप की 57 फीट ऊंची प्रतिमा यहां की सबसे ज्यादा शान बढ़ाती है. इसके साथ ही यहां भारत माता का मंदिर और अखण्ड भारत का नक्शा भी लगाया गया है