चूतियों क��� कस्बे में चूतियों के सरदार की मौत हो गई, चूतिये बड़े परेशान थे कि अब कौन हमारा सरदार होगा, कौन हमारा नेता बनेगा.. सारे चूतिये इसी उधेड़बुन में बैठे थे और मातम मना रहे थे.. आपस में लड़ रहे थे..
तभी एक आदमी वहाँ से निकला, उसने सारा माजरा समझा और कहा - जो मेरे सवाल का जवाब दे देगा तुम लोग उसी को सरदार बना देना..
सारे चूतिये इसके लिए राजी हो गए..
आदमी ने सवाल किया - एक टेबल उसके ऊपर कुर्सी.. कुर्सी के ऊपर ट��बल.. टेबल पे कुर्सी.. कुर्सी पे टेबल.. टेबल पे कुर्सी.. कुर्सी पे टेबल.. टेबल पे कुर्सी.. और उस कुर्सी पर एक मुर्गा.. अब मुर्गा अंडा देगा तो कहाँ देगा..
सारे चूतिये सोच में पड़ गए.. किसी को समझ नहीं आ रहा था.. आपस में खूब विचार विमर्श कर रहे थे..
तभी सफेद कुर्ता पायजामा पहने.. चेहरे पर हल्की हल्की दाढ़ी लिए.. एक अधेड़ बालक वहाँ आया और कुरते की बाहें ऊपर करते हुए.. अपनी हथेलियों को जादूगर की तरह घुमाते हुए बो��ा - देखो भैया.. अंडा तो मुर्गी देती है.. मुर्गा कैसे अंडा देगा !!
सारे चूतिये खुशी से झूम उठे.. उसे कंधों पर बिठाकर नाचने लगे.. उनको नया सरदार मिल गया था..
तभी एक चूतिये ने धीरे से पूछ लिया - सरदार तो आपको हमने मान लिया है लेकिन ये बताओ कि आपको ये जवाब किसने देने को कहा था, हमें भी पता है आप कितने बड़े चूतिये हैं..
सरदार ने बड़ी मासूमियत से कहा - वो बैठा है न रणछोड़ सिंह सूजेवाला, मुझे सरदार बनाने के लिए उसी ने मुझसे ये जवाब देने को कहा था.. अगर वो जवाब दे देता तो मेरी मम्मी उसको कस्बे से बाहर फिंकवा देती..
आज उसी सरदार का जन्मदिन है.. बस ऐसे ही कभी सवालों के जवाब देते रहो और कभी जवाबों के सवाल माँगते रहो..
✍🏻 Harshall Khairnar
@DrDhruvchauhan Then you have not seen ragging in engineering colleges........ What will happen if one became a murga.... It's fun ..... Let them enjoy..... Juniors remember these episodes as happy reminisces .......
Only when it is physical assault, it should be condemned.