CAG पर लोगों को भरोसा था कि संवैधानिक संस्था है। उसका लाभ उठा कर राजनीति की गई। 2014 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद गुजरात विधानसभा में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत हुआ। वहां उन्होंने कहा था कि CAG की रिपोर्ट को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके भीतर अपराध बोध रहा होगा। वरना कोई क्यों कहेगा कि संवैधानिक संस्था की रिपोर्ट का इस्तेमाल राजनैतिक हथियार के रूप में न हो। विनोद राय ने संवैधानिक संस्थाओं में प्रेस और जमात के भरोसे को छला है। इस आदमी की भूमिका की जाँच होनी चाहिए।
हिटलर का प्रोपेगेंडा मिनिस्टर था गोएबल्स, जर्मनी की 6 यूनिवर्सिटीज़ की डिग्री थी उसके पास और प्रतिष्ठित हाइडेलबर्ग से Ph.D की थी।
फिर भी हाईस्कूल फेल हिटलर की अंधभक्ति करता रहा।
डिग्रियों से कुछ तय नहीं होता
तो फिर रामलीला मैदान से रात में क्यों सलवार कमीज़ पहन कर भागे थे लाला जी! क्यों उतरे थे रामलीला मैदान में?और 2014 के बाद याददाश्त क्यों चली गई काले धन और करप्शन को लेकर?
प्रयागराज | बिग ब्रेकिंग
"न्यायपालिका के इतिहास का ब्लैक डे" - कोडीन कफ सिरप केस में जज तक पहुंचने की कोशिश, कोर्ट ने सुनवाई से खुद को किया अलग
कोडीन कफ सिरप माफिया केस में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जो कहा, वो सुनकर हर कोई हिल गया।
जमानत की बेल याचिका पर सुनवाई के दौरान पता चला कि फैसला आने से पहले जज तक पहुंचने की कोशिश की गई। यानी सीधे तौर पर न्यायपालिका को प्रभावित करने की साजिश।
कोर्ट ने इसे "न्यायालय के इतिहास का ब्लैक डे" बता दिया।
ज ने खुली कोर्ट में कहा - "न्यायपालिका पर असर डालने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी"। इसके बाद उन्होंने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया।
अब पूरी फाइल Chief Justice को भेजी गई है। जमानत पर फैसला नहीं होगा, पहले नई बेंच तय की जाएगी।
सबसे शॉकिंग बात ये है -
इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बताया जा रहा है कि वो दुबई में बैठकर ऐश की जिंदगी जी रहा है और यहीं से सिस्टम पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
ED और पुलिस जांच कर रही है, लेकिन केस की रफ्तार अब लगभग थम सी गई है। एक तरफ माफिया विदेश में बैठकर जज तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, और दूसरी तरफ जांच की रफ्तार धीमी पड़ती जा रही है।
ये सवाल अब बड़ा हो गया है - कितने ताकतवर हैं ये माफिया? और कब होगी इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई?
#Prayagraj #UttarPradesh #HighCourtNews
Irony just died again. The cleanest man in Indian politics did not need an SC certificate of his integrity. Instead it is those who sought to implicate him in these charges who ought to be thoroughly ashamed of themselves.
'अंध भक्त वो होता है, जिसे विश्वास है कि एक Idiot भगवान है.'
पता नहीं क्यों, ये बात सुनते ही BJP वाले हल्ला करने लगे. कुछ समझ ही नहीं आया 🤔
आपको समझ आया तो रिप्लाई में बताएं कि Idiot शब्द सुनकर BJP वाले हल्ला क्यों कर रहे हैं?
कोयला घोटाले को लेकर कितनी खबरें चलाई गई थीं. तब मोदी ने मनमोहन सिंह पर तमाम आरोप लगाए थे.
अब पता चल रहा है, ऐसा कोई मामला ही नहीं था. सब कुछ झूठ था, Propaganda था.
बीजेपी और टीवी मीडिया -आंदोलन की भाषा ग़लत थी। प्रधानमंत्री पद की गरिमा होती है।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे देश के पहले पीएम के बारे में संसद में- नेहरू ऐयाश थे।
हे भगवान!
ईंट पत्थर से लादे जिस ट्रक को जंतर मंतर प्रोटेस्ट साइट पर पार्क किया गया था, @newslaundry के पत्रकार @ImAvdheshkumar की इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस ने उसे चार दिन पहले ज़ब्त किया था!
पढ़िए ये माइंड ब्लोविंग स्टोरी
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BJP सरकार देश भर में युवाओं पर FIR करवा रही है, क्योंकि वो प्रदर्शन में शामिल हुए.
अब कांग्रेस ने उनकी कानूनी मदद के लिए नंबर जारी किया है - 9811867474