मीनाक्षी नटराजन जी के नामांकन मामले में जो रिटर्निंग ऑफिसर है, उसकी पृष्ठभूमि संघ की है। इससे पहले जब एक विधायक ने सदस्यता ली थी, तब भी उनकी भूमिका संदिग्ध थी।
• कल जब BJP के तीन राज्यसभा सांसद चुने गए तो रिटर्निंग ऑफिसर सुबह 8:30 बजे ही ऑफिस पहुंच गए थे
• लेकिन जब हम उम्मीदवारी निरस्त करने के विरोध में भोपाल चुनाव आयोग ऑफिस के सामने बैठे रहे, वहीं सोए तो कोई संज्ञान नहीं लिया गया और हमसे कहा गया कि रिटर्निंग ऑफिसर सुबह 11 बजे मिलेंगे
यानी जिस तरह से रिटर्निंग ऑफिसर ने रवैया अपनाया, वह लोकतंत्र पर काला धब्बा है
• इसी मामले पर केसी वेणुगोपाल जी के नेतृत्व में हमारा प्रतिनिधमंडल आवेदन लेकर दिल्ली स्थित केंद्रीय चुनाव आयोग के ऑफिस भी गया था। मगर हमारे उस आवेदन पर न संज्ञान लिया गया और न हमें वापस कोई निर्देश दिया गया
ये पूरा रवैया दिखाता है कि नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र को मार दिया है।
: @INCMP अध्यक्ष @jitupatwari जी
���� दिल्ली
तेजस्वी यादव 40% आश्वस्त हैं कि चुनाव चोरी हुआ है।
ममता बनर्जी 90% आश्वस्त हैं कि उनका चुनाव चोरी हुआ है।
उद्धव ठाकरे 40% आश्वस्त हैं कि उनका चुनाव चोरी हुआ है।
लेकिन मैं 100% आश्वस्त हूं कि चुनावों में चोरी हो रही है।
अपने मन से हर त���ह का संदेह निकाल दीजिए
- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा था,अगर प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हों तो विदेश नीति भी समझौता कर लेती है।
3 भारतीय अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए और नरेंद्र मोदी ट्रंप को प्रेम-पत्र लिखने में व्यस्त थे।
देश को झुकने वाला नहीं, जवाब देने वाला नेतृत्व चाहिए!
विवेक सर की अपील 👇
मैं मीडिया से अपील करता हूं, हमारे आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी से ना जोड़ा जाए.
हम 6 महीने से लड़ रहे हैं, कॉकरोच पार्टी ��ो 6 दिन पहले बनी है. 31 मई को मैंने ऐलान कर दिया था कि 12 जून को लखनऊ जाएंगे.
मेरी अभिजीत दीपके से कोई बात नहीं हुई, हमें सोशल मीडिया से पता चला.
अभिजीत दीपके कैसे पहुंचे लखनऊ के इको गार्डन?
30 पुलिस कर्मियों के बीच में थे। लगा पुलिस मार्च कर रही है। किसी को पता भी नहीं चला। विवेक सर वाली भीड़ से इनको अलग ले जाया गया।
जहाँ इनको लेकर गए वहां पर 10 स्टूडेंट थे और 15 पत्रकार थे। फिर इन को पुलिस ने घेरे बनाते हुए इको गार्डन से बाहर निकाल दिया।
इस बीच इन्होंने यहां आ कर केवल एजुकेशन मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
ये महज़ संयोग है या प्रयोग!
कुछ दिन पहले CBSE पर सवाल उठे थे, फिर वहां आग लग गई।
अभी-अभी बंगाल चुनाव ख़त्म हुआ है, अब 4,000 EVM के जलने की सूचना है।
ये आजकल गर्मी भी राष्ट्रहित में काफ़ी कुछ कर रही है।
इन आग की लपटों में हिंदुस्तान का लोकतंत्र जल के राख हो रहा है
बंगाल में 4,000 EVM जल कर स्वाहा हो गईं
अब आप यह सोचिए इससे फ़ायदा किसका होता है?
कौन सा सियाह सच जला दिया गया?
ना रहेगा बांस, ना बजेगी बाँसुरी
चुनाव आयोग को जवाब देना ही होगा- ज्ञानेश बाबू कुछ तो बोलिए
पश्चिम बंगाल की एक सरकारी बिल्डिंग में आग लग गई, जिसमें 4,000 EVM जलकर खाक हो गईं।
इन EVMs का इस्तेमाल हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में किया गया था। ये घटना संशय पैदा करती है।
सरकार और चुनाव आयोग को साफ करना चाहिए कि आग कैसे लगी और वह नौवीं-���सवीं मंजिल तक कैसे पहुंच गई?
पत्रकार: मुख्यमंत्री योगी कहते है 2017 के पहले उत्तर प्रदेश की कोई पहचान नहीं थी
अखिलेश जी: सच बात तो ये है 2017 के पहले मुख्यमंत्री की कोई पहचान नहीं थी
अखिलेश जी की हाज़िर जवाबी 🔥
पश्चिम बंगाल के अलीपुर में एक सरकारी इमारत में आग लग गई.
इस इमारत में वो EVM रखी गई थीं, जिससे हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए थे. आग की वजह से 4000 EVM जलकर खाक हो गईं.
तस्वीरें 👇
2013 में एक भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के अपमान पर UPA सरकार ने अमेरिकी दूतावास की विशेष सुरक्षा तक हटा दी थी।
आज अमेरिका द्वारा 3 भारतीय नाव��क मारे गए, लेकिन मोदी जी की तरफ़ से न एक ट्वीट आया, कड़ी निंदा तो भूल ही जाइये।
Trump से इतना कांपते क्यों है PM?