जय हिंद जय भारत 🇮🇳🇮🇳🙏
आज स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रेषित है स्वरचित एक मुक्तक :-
" तिरंगे के ये तीनों रंग यूं आबाद न होते
जो मिट गए देश पर ' स्वर्णिम ' गर वो ��ौलाद न
होते ,
होते नहीं बिस्मिल , भगत सिंह , बोस और आजाद ,
हम आज आजाद न होते ✍️🇮🇳🙏