अभिनय सर ने जलवा बिखेर दिया !
राहुल गाँधी के साथ देहरादून में उठाई छात्रों की आवाज !
NTA जैसी एजेंसियां अपनी गलती के लिए आपसे पैसे वसूलती है। हिंदुस्तान में 'पेपर लीक उद्योग' चल रहा है।
NEET पेपर लीक होता ह��� तो BJP के लोग दलील देते हैं कि इसमें शिक्षा मंत्री की गलती नहीं, उन्होंने पेपर लीक नहीं किया- ये तो सिस्टम की कमी है।
अगर ऐसा है तो शिक्षा मंत्री की जरूरत ही क्या है?
कैमरामैन भी बड़ा शातिर निकला 👇🏼
हर बार वही एंगल पकड़ता है,
जहाँ टेलीप्रॉम्प्टर साफ दिख जाए।
इतनी बार ये गलती कैसे हो जाती है?
भक्तों, सच में कोई इंटरनेशनल साज़िश है? 🤔
अभिनव सर नेशनल मीडिया की पोल खोल कर छात्रों को जागरूक करने का काम शुरू कर दिया है, ताकि किसी के दिमाग में गोदी मीडिया द्वारा दी गयी गलत जानकारी को समझ सकें। विशेषकर अंजना ओम कश्यप द्वारा फैलाई गई झूठी ख़बरों का।
अगर आप अखिलेश यादव से सहमत है तो रीट्वीट करे तुरंत
हमारी माँग है कि सुप्रीम कोर्ट तत्काल संज्ञान लें और बंगाल की मतगणना की CCTV पूरे देश के सामने लाइव उपलब्ध कराई जाए,
अखिलेश यादव से सहमत वाले हजारी लगाओ आज . ये बात खाली विपक्ष की नहीं है पूरे देश की है बाकी आप लोगो की मर्जी है
भारत पर अमेरिकी टैरिफ - 3% से बढ़कर 18%
अमेरिका पर भारतीय टैरिफ - 16% से घटकर 0%
भारत $100 बिलियन का अमरीकी आयात बढ़ाएगा -
मगर, अमेरिक��� का ऐसा कोई commitment नहीं आएगा।
सौदे के नाम पर भारत के ख़िलाफ़ ये आर्थिक आघात होता रहा - और PM चुपचाप, हाथ बांध कर, खड़े देखते रहे।
पुरी शंकराचार्य जी द्वारा अमित शाह और योगी आदित्यनाथ को फटकार :
चार ही मठ हैं, इसका अर्थ है कि चार ही शंकराचार्य होने चाहिए। ऐसे में गोवर्धन मठ के शंकराचार्य पद पर विराजमान आचार्य की उपस्थिति के बावजूद अधोक्षानंद स्वयं को गोवर्धन मठ का शंकराचार्य बताकर कैसे घूम रहा है? सरकार उसे गिरफ़्तार क्यों नहीं करती? सरकार द्वारा माघ मेले में अधोक्षानंद को शिविर उपलब्ध क्यों कराया गया? क्या हिंदू धर्म के सर्वोच्च पद का अपमान भारतीय जनता पार्टी को सामान्य लगता है?
जब कोई राजनीतिक दल धर्म के सर्वोच्च पद का ही सम्मान नहीं करता, तो वह हिंदू धर्म, देवी-देवताओं और धर्मग्रंथों का क्या सम्मान करेगा? ये भगवा चोला धारण किए हुए कलनेमि के समान प्रतीत होते हैं। बार-बार फटकार लगाए जाने के बाद भी यदि वही कृत्य दोहराया जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि हिंदू धर्म और उसके सर्वोच्च पद के प्रति इनके मन में कोई आस्था नहीं है। शंकराचार्य जी का अपमान समस्त वैदिक हिंदू धर्म को मानने वालों का अपमान है।
आज भाजपा-शासित देश में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है कि जनता स्वयं उनके असत्य को भलीभांति पहचान चुकी है। एक-एक कर समस्त सत्य अनावरण हो रहा है। यही उसका प्रतिफल है कि जब कोई नकली शंकराचार्य को संरक्षण देने अथवा प्रतिष्ठित करने का प्रयास करता है, तो उसे यह स्मरण रखना चाहिए कि सत्य का अपमान अंततः स्वयं उसके पतन का कारण बनता ��ै। संहार होगा, उसके बाद जैसे संरचना होनी चाहिए होगी। व्यास पीठ के साथ जो टकराता हैं, चारखाने चूरचूर हो जाता है। प्रामाणिक शंकराचार्य आधुनिक चुनाव की प्रक्रिया से इस पीठ पर नही प्रतिष्ठित है, जिनकी गद्दी है, हरिहर की, उनके द्वारा प्रेरित होकर के वह प्रतिष्ठित हैं। अतः उनका अपमान समस्त हिंदू धर्मावलंबियों का अपमान है। उनका तिरस्कार करना स्वयं भगवान शिव द्वारा स्थापित सनातन परंपरा को चुनौत�� देना है, और यह कृत्य स्वयं हरि-हर के विरुद्ध खड़ा होने के समान है।
श्रीमन्नारायण ✨ 🌸✨
#UGC_RollBack #Shankaracharya
जब नेहरू प्रधानमंत्री बने, तब भारत के पास कुछ नहीं था, हम खाने के लिए संघर्ष कर रहे थे,
हमारा बजट केवल 500 करोड़ रुपये था। फिर ��ी उन्होंने ISRO,IIT, IIM बनाया और पूरे भारत को शून्य से खड़ा किया।
अब इस देश में दूसरा नेहरू नहीं पैदा हो सकता है।
~ मेजर जनरल CS धवन