Not a single National media has guts and spine to show this massive mobilization of citizens in #BharatJodoYatra towards the change they want to see
@RahulGandhi 💕
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ट्रंप का एक फोन आया और नरेंद्र जी तुरंत surrender हो गए - इतिहास गवाह है, यही BJP-RSS का character है, ये हमेशा झुकते हैं।
भारत ने 1971 में अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को तोड़ा था। कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां Superpowers से लड़ते हैं, कभी झुकते नहीं।
• 27 मई को कुवैत में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत का पक्ष रखा।
• 28 मई को कुवैत ने 19 साल के बैन के बाद पाकिस्तानी वीजा आवेदनों को फिर से खोल दिया।
ये साफ तौर से हमारी विदेश नीति की एक और बड़ी चूक है, वो भी तब जब भारत का प्रतिनिधिमंडल कुवैत में मौजूद था।
ये सवाल बनता है कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के अलग-अलग देशों में जाने से क्या हासिल हुआ?
वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि कनाडा में एक महिला पुलिस अफ़सर को एक भारतीय व्यक्ति कमेन्ट कर रहा है. जांच में सामने आया कि ये शख्स भारतीय नहीं बल्कि श्रीलंका का है और सालों से कनाडा में रह रहा है. पढ़िये #AltNewsFactCheck | @AbhishekSay
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आज गोदी मीडिया @aajtak की पत्रकारिता जाग उठी है जैसे समुद्र के पानी में तूफ़ान 😂😂
मगर कुंभ में हज़ारों लोग मर गए तब दलाल मीडिया की जु��ान पर लगा गया था ताला
The tragic stampede near Bengaluru’s Chinnaswamy Stadium during RCB’s IPL victory celebrations is heartbreaking.
My condolences to the families who lost their loved ones. Wishing a swift and full recovery to all those injured.
In this hour of grief, I stand with the people of Bengaluru. The Karnataka government must provide all possible support and relief to the affected families.
This tragedy is a painful reminder: no celebration is worth a human life. Every safety protocol for public events must be reviewed and strictly enforced - lives must always come first.
2014 में जब शी-जिनपिंग और नरेंद्र मोदी झूला झूल रहे थे, तब चीन ने सीमा में घुसने की कोशिश की थी, तब भी इन्होंने कुछ नहीं किया।
भारत-पाकिस्तान टेंशन के बीच जब चीन ने पाकिस्तान को सपोर्ट किया, तो आपने नरेंद्र मोदी जी का एक बयान सुना होगा, जिसमें वो भगवान गणेश जी की छोटी आंख वाली बात कहते हैं।
हालात ये हैं कि PM मोदी खुलकर चीन का नाम तक नहीं ले पा रहे हैं, वहीं नॉर्थ ईस्ट को भी बदनाम कर रहे हैं।
खबर थी कि नरेंद्र मोदी 'वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज प्रोग्राम' के तहत गांवों को बदल देंगे। इसके लिए 4,800 करोड़ रुपए का बजट था, लेकिन यहां भी मोदी जी ने सरेंडर कर दिया और सिर्फ 509 करोड़ रुपए ही खर्च किए।
चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बना रहा है, लेकिन उस पर कोई चर्चा नहीं है��� ये पूरे नॉर्थ ईस्ट की परिस्थिति को बदल देगा, लेकिन कोई एक सवाल तक नहीं पूछता है। किसी मंत्री का कोई बयान तक नहीं आता है।
: @drajoykumar जी
क्या देश में आतंकी हमले वोट मांगने का अवसर प्रदान करते है ?
क्या हमारे देश में शहीदों का बलिदान देश के नेताओं का सत्ता पाने की कोई सीढ़ी है ?
अगर नहीं तो इतनी बेशर्मी क्यों ?
"ऑपरेशन सिन्दूर के लिए शुक्रिया करके एक वोट डाल दीजिये " @RavneetBittu
इसी तरह मोदी जी पहले देश के फर्स्ट टाइम वोटर से वोट मांग चुके है
Not one, Not two, but three history sheeters ( Sandeep Thakur, Virender Dubey & Arvind Tripathi) were allowed to meet and greet PM Modi in Kanpur. Oh wait, The national media and Pro-BJP News agencies didn't report on this because they already were rinsed in the BJP Washing Machine before meeting him.
यह वीडियो UP के Pratapgarh का है। एक हिंदू परिवार जिसके मुस्लिम रिश्तेदार भी हैं, अपनी बेटियों की शादी मुस्लिम रिश्तेदारों से कर रहा था, लेकिन ये हिंदू आतंकवादी ���न्हें धमका रहे हैं और कह रहे हैं कि यह मुस्लिम स्लीपर सेल हैं
इन हिंदू आतंकवादियों पर कोर्ट संज्ञान क्यूँ नहीं लेता
आंकड़े सच बोलते हैं।
पिछले एक साल में टू-व्हीलर की बिक्री 17% और कार की बिक्री 8.6% घट गई है। वहीं मोबाइल मार्केट 7% गिर गया है।
दूसरी तरफ, ख़र्च और कर्ज़ - दोनों लगातार बढ़ रहे हैं: मकान का किराया, घरेलू महंगाई, शिक्षा का खर्च, लगभग हर चीज़ महंगी होती जा रही है।
ये सिर्फ़ आंकड़े नहीं हैं, ये उस आर्थिक दबाव की हक़ीक़त है जिसके नीचे हर आम भारतीय पिस रहा है।
हमें ऐसी राजनीति चाहिए जो इवे��ट्स की चमक से नहीं, आम ज़िंदगी की सच्चाई से जुड़ी हो - जो सही सवाल पूछे, हालात को समझे और ज़िम्मेदारी से जवाब दे।
हमें ऐसी अर्थव्यवस्था चाहिए जो हर भारतीय के लिए काम करे, न कि सिर्फ़ कुछ गिने-चुने पूंजीपतियों के लिए।
चंपारण सत्याग्रह का आंदोलन हो या सामाजिक न्याय की क्रांति - बिहार की धरती ने हमेशा अन्याय के ख़िलाफ़ ठोस कदम बढ़ाया है।
आज वो इतिहास फिर से पुकार रहा है।
संविधान पर हमलों के ख़िलाफ़,
पक्षपात और भेदभाव के विरुद्ध,
आर्थिक, सामाजिक समता और न्याय के लिए -
आइए, एकजुट होकर आवाज़ उठाएं!
आज पटना में मेरे साथ जुड़िए, संविधान सम्मान सम्मेलन से!
"Europe ke jaane maane Doctor aur Professor N John Camm..." remember how Ambani channel reported when this fraud Doctor encouraged Buldozer justice?
No reports now.
बिहार के युवा साथियों, मैं 7 अप्रैल को बेगूसराय आ रहा हूं, पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने।
लक्ष्य है कि पूरी दुनिया को बिहार के युवाओं की भावना दिखे, उ��का संघर्ष दिखे, उनका कष्ट दिखे।
आप भी White T-Shirt पहन कर आइए, सवाल पूछिए, आवाज़ उठाइए - सरकार पर आपके अधिकारों के लिए दबाव बनाने के लिए, उसे हटाने के लिए।
यहां रजिस्टर कर White T-Shirt Movement से जुड़िए: https://t.co/mRc6JIxNkX
आइए, हम मिलकर बिहार को अवसरों वाला राज्य बनाएं।
हिंदू इस तरह के वीडियो पोस्ट कर के यह स्पष्ट कर रहे हैं कि उनके लिए यह दिन एक अद्भुत उत्सव का दिन है bla bla...
अगर यह आपकी संस्कृति नहीं है तो उतरो सड़कों पर और Kunalkamra की तरह ऐसे लोगों को shutup call दो। पर नहीं तुम लोग खुद accomplice हो इस में