छाया, छाया, तुम कौन हो?
वह एक स्वप्न है..इस लिए सच है
वह कभी हुई नहीं.. इस लिए सदा से है
मैं उस से अत्यन्त अपरिचित हूँ..इस लिए वह सदा मेरे साथ चलती है
मैं उसे पहचानता नहीं, इस लिए वह मेरी अत्यन्त अपनी है
#अज्ञेय
जब तक बंदूक न हुई, तब तक तलवार होगी
जब तलवार न हुई, लड़ने की लगन होगी
लड़ने का ढंग न हुआ, लड़ने की जरूरत होगी
हम लड़ेंगे साथी
हम लड़ेंगे तब तक
जब तक पुलिस के सिपाही
अपने भाईयों का गला घोटने को मजबूर हैं
हम लड़ेंगे
कि लड़े बगैर कुछ नहीं मिलता
हम लड़ेंगे
कि अब तक लड़े क्यों नहीं.
बम फेंक दो चाहे वि��्वविद्यालय पर
बना दो होस्टल को मलबे का ढेर
सुहागा फिरा दो भले ही हमारी झोपड़ियों पर,
दो साल... दस साल बाद
सवारियाँ फिर किसी कंडक्टर से पूछेंगी
यह कौन-सी जगह है?
मुझे बरनाला उतार देना
जहाँ हरे घास का जंगल है!
मैं घास हूँ,
मैं आपके हर किए-धरे पर उग आऊंगा।
@RoflGandhi_#भाजपा कलियुग का #बेताल है और जनता विक्रम पांच साल के अंतराल पर बेताल जनता को मंदिरों की कहानी सुनाता है और प्रश्न पूछता है। जनता उसका जवाब दे देती है।
... अतः पिछले दो दशकों से ये बेताल नई कहानियों से विक्रम की पीठ चढ़कर पेल रहा है।
#भाजपा कलियुग का #बेताल है और जनता विक्रम पांच साल के अंतराल पर बेताल जनता को मंदिरों की कहानी सुनाता ह�� और प्रश्न पूछता है। जनता उसका जवाब दे देती है।
... अतः पिछले दो दशकों से ये बेताल नई कहानियों से विक्रम की पीठ चढ़कर पेल रहा है।
धर्म और अधर्म, सेवा और परमार्थ के झमेलों में पड़कर मैंने बहुत ठोकरें खायीं। मैंने देख लिया कि दुनिया दुनियादारों के लिए है, जो अवसर और काल देखकर काम करते हैं। सिद्धान्तवादियों के लिए यह अनुकूल स्थान नहीं है।
@RoflGandhi_ जी��� कर आप अपने विरोधियों की डींग मार सकते हैं, खिल्ली उड़ा सकते हैं। जीत में सब-कुछ माफ है। हार की लज्जा तो पी जाने की ही वस्तु है, एकांत में।