इथेनॉल बहस में कार कंपनियों की कोई आवाज़ नहीं है। उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उनके सर्विस स्टेशन में कारें आती होंगी। बाइक आती होगी। कुछ तो फीडबैक होगा। उन्हें पता होगा कि मंत्री सही बोल रहे हैं या नहीं। क्या उन्हें भी डर लग रहा है? इतनी बड़ी बड़ी कार कंपनियाँ हैं और चूँ तक नहीं ? डर इस देश का बुनियादी चरित्र हो गया है।
CJI हो, प्रधानमंत्री, मंत्री, विधायक या कोई अन्य छुटभैया। शक्ति के पद पर बैठे लोगों को आलोचक बहुत अखरते हैं। CJI उन्हें दीमक कहते हैं, PM उन्हें ��ंदोलनजीवी, मंत्री कीड़ा मकौड़ा समझते हैं।
जहां देश का प्रधान एकतरफा संवाद करता है, वहां सवाल पूछना अपराध की श्रेणी में आना स्वाभाविक है।
यार तुम सवाल बहुत करते हो, बहुत बोलते हो यार, ये हम आपको क्यों बताएं, अराजकता मत फैलाओ, हमें अपना काम करने दो....इस तरह के जवाब दिए जाते हैं जब किसी सत्ताधारी नेता और सीनियर अधिकारी से सवाल पूछे जाते हैं।
RTI वालों को, लोकल पत्रकारों को, सोशल मीडिया के आलोचको��� को इसी नजर से देखते हैं ये लोग। लेकिन दबाने वाले हर दौर में रहे हैं, अपनी बात कहने वाले तो कह कर ही रहते हैं।
आपका नाम प्रशांत किशोर है।
आपको राजनीति का चाणक्य सिर्फ इसलिए नहीं कहा जाता कि आप रणनीति बनाते हैं, बल्कि इसलिए कहा जाता है क्योंकि आपने जमीन पर चुनाव जिताकर दिखाए हैं।
आपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनाया।
पार्टियों को सत्ता तक पहुंचाया।
हारी हुई लड़ाइयों को जीत में बदला।
लेकिन जब बात बिहार की आई, तो आपने किसी नेता की न��ीं, बिहारियों की लड़ाई लड़ने का फैसला किया।
आपने जन सुराज बनाया .... ताकि बिहार का बच्चा पढ़ाई के लिए बाहर न भागे, युवा नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में अपमान न सहे, गरीब इलाज के लिए दर-दर न भटके और बिहार जाति-धर्म के चक्कर से निकलकर शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर वोट करे।
आपने गांव-गांव पैदल चलकर लोगों से बात की।
बिहार के दर्द को मुद्दा बनाया।
माइग्रेशन , बेरोजगारी , स्कूल, अस्पताल और सिस्टम की नाकामी पर खुलकर बोला।
लेकिन बिहार की राजनीति का कड़वा सच यही है कि ....
यहां विकास की बात करने वाला अक्सर अकेला पड़ जाता है , और जाति, पैसा, बाहुबल और पुराने समीकरण फिर हावी हो जाते हैं।
जिस आदमी ने बिहार को विकल्प देने की कोशिश की, जनता ने उसे एक भी सीट नहीं दी।
फिर वही पुराने चेहरे।
वही जातीय गणित।
वही खोखले वादे।
वही बदहाल स्कूल।
वही टूटी व्यवस्था।
वही पलायन।
प्रशांत किशोर हार गए या बिहार ने खुद अपना मौका खो दिया ... यह सवाल इतिहास पूछेगा।
क्योंकि कभी-कभी जनता नेता को नहीं हराती ,
अपने ही भविष्य को हरा देती है।
@IndiaPostOffice I booked a Speed Post on 27/04/2026 for Mumbai. The booking reference no EF687367684IN has update till it reached Patna on 29/04/26 but after that no information is available. Even after many calls to cc no information is being made available.
@MoPNG_eSeva@HPCL My consumer no is 657204, from the last 2 months I have been trying to transfer my connection to a different district but the dealer 14214900 has been constantly denying. Kindly help as I have already shifted out of place and need the connection urgently
अंततः चौतरफा दबाव और सवाल उठने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बिहारी की मौत पर बोला।
अब कोई फायदा नहीं।
इस घटना ने दिखा दिया की चुनाव न हो तो राज्य की पक्ष ना विपक्ष कोई भी बिहारियों के हित के साथ खड़ा नहीं दिखेगा। इनसे उम्मीद बेकार है!
What India does to Bihar, Bihar does to its own districts. All the money is pumped into Patna... a city that is already overburdened and overpopulated. For God's sake, develop other urban centres. Bhagalpur, Muzaffarpur, Darbhanga, Purnea, Arrah/Buxar, Sonepur/Chhapra, Begusarai, etc needs special attention.
Exposing Patna Airport & it's Maintenance !
Part 1 : Broken tiles, exposed cables and dirty floors in front of the Madhubani painting in departure area.
I repeat:
Patna is the dirtiest airport.
It has the worst maintenance.
Last year, I came across a post frm @malpani abt Apni Pathshala’s POD.
It was just one post, but something inside me was instantly convinced-this is something I want to do.
Today, Advika–POD is finally starting.
Free computer literacy.
No fees. No barriers.
A small beginning.
Hard to digest that KC Sinha Sir lost—Bihar really chose noise over wisdom.
जब पढ़ा लिखा बदलाव हार जाए,
और जाति,राशन,दारू जीत जाए,
तो ये किसी नेता की नहीं हमारी सोच की हार है!
बिहार ��र 5 साल पीछे रह गया!
क्यूंकि बदलाव का मौका होते हुए भी हमने उसे ठुकरा दिया!
जय बिहार ✊🙏
Meet Tourism Minister Gajendra Singh Shekhawat.
In 2024, India welcomed 9.66 Million foreign tourists.
🇮🇳 India - 9.6 M
🇨🇳China - 32 M
🇹🇷Turkey - 52.6 M
🇹🇭Thailand - 35 M
🇮🇩Indonesia - 13.9 M
🇸🇬Singapore - 16.5 M
@gssjodhpur sir, a few questions for you. Kindly answer. 🙏
If India has unmatched monuments, culture, nature and heritage, then why aren’t we a Top Global Destination?
> Why are key tourist circuits still dirty?
> Why are foreign visitors still scammed by touts, fake guides and overcharging?
> Why is basic tourist infrastructure — clean toilets, safe transport, signage, last-mile connectivity — still broken?
> What concrete action is being taken to fix these systemic issues and restore India’s image?
Tourism deserves answers, not excuses.
हमारी ज्यूडिशियरी के गलियारों में पिछले 15 17 सालों से एक बहुत मस्त खेल चल रहा है और लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं,
मामला है राजस्थान का जो साउथ वेस्ट माइनिंग लिमिटेड ( SWML )से संबंधित , ये JSW एनजी बाड़मेर लिमिटेड की माइनिंग आर्म है , JSW लिग्नाइट से बिजली बनाती है और ये प्रोजेक्ट कॉस्ट प्लस प्रोजेक्ट है यानी जितना खर्चा उससे ज्यादा आपको मिलेगा , जब RERC ( राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ) ने कंपनी से खर्चे की डिटेल्स मांगी तो कंपनी टाल मटोल करती रही और मामला हाई कोर्ट पहुंचा ,
31 अगस्त 2023 को राजस्थान हाई कोर्ट की सिंगल जज की बेंच में फैसला RERC के पक्ष में आया और जज ने कहा कि RERC को इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के सेक्शन 94 के तहत बिल्स देखने का अधिकार है ,
लेकिन 4 फरवरी 2025 को मामला पहुंचा हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में और पिछले मामले को दरकिनार करते हुए कंपनी के हित में फैसला आया ,
अब 4 अप्रैल 2025 को मामला पहुंचा सर्वोच्च न्यायालय वहां जस्टिस संजीव खन्ना , जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस केवी ��िश्वनाथन की बेंच ने डिवीजन बेंच के फैसले को रोका और RERC को कंपनी के अकाउंट्स खंगालने का अधिकार दिया और कंपनी को 6 मई 2025 तक कॉस्ट डॉक्युमेंट्स के साथ हाजिर होने बोला ,
लोगों का कहना है कि असली खेल अब यहां से शुरू हुआ ,
जस्टिस संजीव कुमार ने एक इंटरिम स्टे दिया , लेकिन 28-10-2025 को साथी जज द्वारा खुद को बेंच से रेक्यूज़ करने के कारण सुनवाई नहीं हुई ,
फिर केस 4 ��वंबर 2025 को जस्टिस नरसिम्हा के द्वारा हेड की जाने वाली बेंच में हुआ , जिनके पास बिजली संबंधित मामले सुनने का रोस्टर है ,
लेकिन एकदम से 18 नवम्बर 2025 को मामला जस्टिस पंकज mithal की बेंच में शिफ्ट हो गया , जिनके पास बिजली संबंधित मामले सुनने का रोस्टर भी नहीं है ,
सितंबर महीने में गवई साहब ने एक दूसरे मामले में सुप्रीम के एक फैसले को पलटते हुए जिंदल ग्रुप(jsw )को राहत दी थी , लेकिन इस मामले में अब बार बार बेंच बदलना और बिना रोस्टर वाले जस्टिस के पास मामला लिस्ट होने पर लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे है ,
अब चीफ जस्टिस साहब 23 नवंबर को रिटायर हो रहे , तो हरामखोर इसको रिटायरमेंट की व्यवस्था बोल रहे ,
खैर मुझे देश की न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है कल जो भी फैसला आए , मुझे और राजस्थान को मंजूर होगा ।
इस मामले में राजस्थान की सरकारी कंपनी के वकील ( EX IAS) जो अब तक करोड़ों की फीस ले चुके होंगे , वो भी कंपनी के साथ बहुत नरम�� से पेश आ रहे हैं, इस तरह के आरोप ज्यूडिशियरी पर लोग लगा रहे हैं , खैर मुझे क्या मै चला चिली पोटेटो खाने ।
The right to clean air is a basic human right.
The right to peaceful protest is guaranteed by our Constitution.
Why are citizens who have been peacefully demanding clean air being treated like criminals?
Air pollution is affecting crores of Indians, harming our children and the future of our nation. But the government which came to power through vote chori simply doesn’t care, nor is it even attempting to solve this crisis.
We need to take decisive action on air pollution right now instead of attacking citizens asking for clean air.
We assumed everyone in the neighbourhood was rotting at the same pace. But they’d been progressing while we were perfecting the art of the great Indian delusion.
@confusedvichar on how travel to India has fallen behind Southeast Asia on "progress".
https://t.co/SPoUrKahwr
We are told "caste doesn't exist" or "it's only in villages" but the truth is : Bloody and Undeniable.
Tanu Priya Jha, a Brahmin woman, and Rahul, from a backward caste, were both Hindus and fell in love which was a crime as per her parents.
Rahul Mandal was mu®dered not for the wrong religion, not for wrong nationality but WRONG CASTE.
Remember the tragic loss of 26 tourists in Pahalgam when BJP said "Dharam Pucha Jaati Nahin", why shouldn't the killiπg of young couples for Caste be treated the same?
#DalitLivesMatter : Does it for the government of India?