Popular Marathi actor Sayaji Shinde urges the Government to engage in dialogue with @Wangchuk66
Prominent citizens from all over India are uniting and speaking in one voice to demand accountability
माननीय मुख्यमंत्री जी, आपसे विनम्र निवेदन है कि प्रदेश की सभी सरकारी भर्तियों में Waiting List का प्रावधान लागू कराया जाए।
आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया उत्तर प्रदेश के सभी अयोगों जैसे UPSSSC, UPPRB, UPPCL, UPPSC, AHC में वेटिंग लिस्ट जारी करने के लिए शासनादेश जारी करें जिससे की बहुत सारी भर्तियों में छात्रों को ज्यादा से ज्यादा चयन लेने का मौका मिल सके l
#waiting_list_in_upexams #upsssc_waiting_list_जारी_करो
@UPCMOffice@UPGovt@myogiadityanath
अभी दो दिन पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने UPPCS-2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है।
जिसके मुख्य परीक्षा में "मुख्यमंत्री फेलोशिप शोधकर्ताओं" को अतिरिक्त अंक देने का निर्णय लिया गया है।
जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और भेदभावपूर्ण है।
यह सामान्य और मेधावी छात्रों के "समान अवसर'' के संवैधानिक अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
चयन में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे तुरंत वापस लिया जाए।
#RemoveCMFellowQuota
लेखपाल भर्ती परीक्षा में हो रहे कथित तौर पर धांधली के दावों पर सरकार और UPSSSC की खामोशी छात्रों का भरोसा तोड़ रही है।
पारदर्शिता पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण छात्रों का अधिकार है!
@abhinaymaths@myogiadityanath@myogioffice#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
लेखपाल भर्ती परीक्षा में हो रहे धांधली के दावों पर सरकार और UPSSSC की खामोशी छात्रों का भरोसा तोड़ रही है। पारदर्शिता पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण छात्रों का अधिकार है!
📢 ट्विटर कैंपेन 📢
⏰ सुबह 10:00 बजे से
🎯 Hashtag: #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
तमाम छात्रों और मीडिया चैनलों द्वारा लेखपाल भर्ती पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं.... परंतु अभी तक आयोग और सरकार इस पर चुप्पी... साधे हुए हैं...!!
भर्ती की सुचिता और पारदर्शित पर अगर प्रश्न उठते हैं तो आयोग... और सरकार की जिम्मेदारी है कि अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखें.... साथ ही लगाए जा रहे आरोपों की जांच करें... अन्यथा मौजूदा सरकार और आयोगो ... के ऊपर से छात्रों का भरोसा लगातार डगमगा रहा है...!!
पारदर्शिता पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण छात्रों का अधिकार है! ✅
@myogiadityanath@myogioffice
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
UPPSC में हो रहे आरक्षण(माइग्रेशन) घोटाले के खिलाफ हल्ला बोल🔥
साथियों अब तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी RO-ARO 2023 की ज्वाइनिंग इस बात पर मुहर लगा दिया है कि उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग माइग्रेशन घोटाला कर रहा है।
साथ में UPSI का स्कोरकार्ड जारी करने के लिए भी ट्वीट करना है।
आप सभी साथी हम लोगों का समर्थन करिए और नीचे दिए गए हैशटैग के साथ ट्वीट करिए।
#Migration_Scam_In_UPPSC
#UPPSC_Migration_Scam
#Save_Merit_Save_Reservation
#UPSI_GIVE_SCORECARD
#UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
साथियों आइए उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के माइग्रेशन घोटाले को समझते है🔥
"यूपी पीसीएस 2023 – ये कैसा आरक्षण का खेल है??"
प्रीलिम्स में कटऑफ था:
Gen – 125 | OBC – 128 | EWS – 129
और अब मेंस में आया है:
Gen – 734 | OBC – 738 | EWS – 750
क्या अब आरक्षण का मतलब ये है कि OBC और EWS को सिर्फ उनकी 27% और 10% सीटों में ही सीमित कर दिया जाए?
जनरल मेरिट की सीटों पर उनका हक नहीं?
अब पूरा खेल इस उदाहरण से समझिए👇
मान लीजिए UPPCS में सीटों की संख्या 100 है तो इसमें आरक्षण के नियमानुसार 40 सीटें GN की,27 सीटें OBC की,10 सीटें EWS की,21 सीटें SC की,2 सीटें ST की हुई।
UPPCS प्री में 15 गुना अभ्यर्थी पास किए जाते है।अब चूंकि आयोग प्री में आरक्षण नहीं दे रहा है और आरक्षित वर्ग को अपने संबंधित कोटे में ही पास किया जा रहा है, यानी ओवरलैपिंग नहीं कराया जा रहा है इसी कारण प्री में आरक्षित वर्ग का कटऑफ GEN से ज्यादा जा रहा है।
इस हिसाब से मेंस परीक्षा में GN से 600 अभ्यर्थी,OBC वर्ग से 405 अभ्यर्थी,SC वर्ग से 315 अभ्यर्थी,ST वर्ग से 30 अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए। यहां ध्यान रखिएगा ओवरलैपिंग नहीं हुई है।
अब बात करते है इंटरव्यू की, सीटों का तीन गुना इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई कराया जाता है।
इस हिसाब से GEN के 600 अभ्यर्थियों में से 40 सीटों के सापेक्ष 120 अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए,OBC के 405 अभ्यर्थियों में से 27 सीटों के सापेक्ष 81 अभ्यर्थी,SC के 315 अभ्यर्थियों में से 21 सीटों के सापेक्ष 63 अभ्यर्थी,EWS के 10 सीटों के सापेक्ष 30 अभ्यर्थी तथा ST के 2 सीटों के सापेक्ष 6 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई हुए। ध्यान दीजियेगा यहां भी ओवरलैपिंग नहीं हुई है क्योंकि मेंस का कटऑफ भी आरक्षित वर्ग का GN से ज्यादा गया है।
अब दिमाग़ लगाकर सोचिए 100 सीटों के सापेक्ष कुल 300 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में जाना था उनमें से 150(120GEN+30EWS) सवर्ण अभ्यर्थी गए है और 150(81OBC+63SC+6ST) आरक्षित वर्ग से गए है। यानी सवर्ण अभ्यर्थियों को इंटरव्यू तक पहुंचाने में सीधे 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है।
प्री और मेन्स में आरक्षण ने देकर, ओवरलैपिंग न करवाकर बड़ी संख्या में OBC,SC,ST अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में पहुंचने से पहले से रोक दिया गया।
अब जब फाइनल सिलेक्शन होना है तो GEN की 40 सीटों के लिए 120 सवर्ण,54 OBC,42 SC,20 EWS और 4 ST अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला होगा यानी 40 GN सीटों के लिए 140 सवर्ण और 100 आरक्षित वर्ग (OBC,SC,ST)के अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला होगा तो यहां कम से कम 28 सीटें सवर्ण अभ्यर्थियों को मिलेंगी और ज्यादा से ज्यादा 12 सीटें आरक्षित वर्ग(OBC,SC,ST) को मिलेंगी।
अब अगर देखें को 100 सीटों में से 38(28+10) सीटें सवर्णों को मिली जिनकी आबादी 10-15 प्रतिशत है वहीं 62 सीटें आरक्षित वर्ग(OBC,SC,ST) को मिली जिसकी संख्या 85-90 प्रतिशत है।
यूपी सरकार और लोक सेवा आयोग जवाब दें –
क्या यही है ‘समान अवसर’ का मतलब?
या फिर ‘सिस्टम’ अब काबिलियत से नहीं, कैटेगरी देखकर फैसला करता है?"
#Migration_Scam_In_UPPSC
#UPPSC_Migration_Scam
#Save_Merit_Save_Reservation
साथियों आइए उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के माइग्रेशन घोटाले को समझते है🔥
"यूपी पीसीएस 2023 – ये कैसा आरक्षण का खेल है??"
प्रीलिम्स में कटऑफ था:
Gen – 125 | OBC – 128 | EWS – 129
और अब मेंस में आया है:
Gen – 734 | OBC – 738 | EWS – 750
क्या अब आरक्षण का मतलब ये है कि OBC और EWS को सिर्फ उनकी 27% और 10% सीटों में ही सीमित कर दिया जाए?
जनरल मेरिट की सीटों पर उनका हक नहीं?
अब पूरा खेल इस उदाहरण से समझिए👇
मान लीजिए UPPCS में सीटों की संख्या 100 है तो इसमें आरक्षण के नियमानुसार 40 सीटें GN की,27 सीटें OBC की,10 सीटें EWS की,21 सीटें SC की,2 सीटें ST की हुई।
UPPCS प्री में 15 गुना अभ्यर्थी पास किए जाते है।अब चूंकि आयोग प्री में आरक्षण नहीं दे रहा है और आरक्षित वर्ग को अपने संबंधित कोटे में ही पास किया जा रहा है, यानी ओवरलैपिंग नहीं कराया जा रहा है इसी कारण प्री में आरक्षित वर्ग का कटऑफ GEN से ज्यादा जा रहा है।
इस हिसाब से मेंस परीक्षा में GN से 600 अभ्यर्थी,OBC वर्ग से 405 अभ्यर्थी,SC वर्ग से 315 अभ्यर्थी,ST वर्ग से 30 अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए। यहां ध्यान रखिएगा ओवरलैपिंग नहीं हुई है।
अब बात करते है इंटरव्यू की, सीटों का तीन गुना इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई कराया जाता है।
इस हिसाब से GEN के 600 अभ्यर्थियों में से 40 सीटों के सापेक्ष 120 अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए,OBC के 405 अभ्यर्थियों में से 27 सीटों के सापेक्ष 81 अभ्यर्थी,SC के 315 अभ्यर्थियों में से 21 सीटों के सापेक्ष 63 अभ्यर्थी,EWS के 10 सीटों के सापेक्ष 30 अभ्यर्थी तथा ST के 2 सीटों के सापेक्ष 6 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई हुए। ध्यान दीजियेगा यहां भी ओवरलैपिंग नहीं हुई है क्योंकि मेंस का कटऑफ भी आरक्षित वर्ग का GN से ज्यादा गया है।
अब दिमाग़ लगाकर सोचिए 100 सीटों के सापेक्ष कुल 300 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में जाना था उनमें से 150(120GEN+30EWS) सवर्ण अभ्यर्थी गए है और 150(81OBC+63SC+6ST) आरक्षित वर्ग से गए है। यानी सवर्ण अभ्यर्थियों को इंटरव्यू तक पहुंचाने में सीधे 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है।
प्री और मेन्स में आरक्षण ने देकर, ओवरलैपिंग न करवाकर बड़ी संख्या में OBC,SC,ST अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में पहुंचने से पहले से रोक दिया गया।
अब जब फाइनल सिलेक्शन होना है तो GEN की 40 सीटों के लिए 120 सवर्ण,54 OBC,42 SC,20 EWS और 4 ST अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला होगा यानी 40 GN सीटों के लिए 140 सवर्ण और 100 आरक्षित वर्ग (OBC,SC,ST)के अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला होगा तो यहां कम से कम 28 सीटें सवर्ण अभ्यर्थियों को मिलेंगी और ज्यादा से ज्यादा 12 सीटें आरक्षित वर्ग(OBC,SC,ST) को मिलेंगी।
अब अगर देखें को 100 सीटों में से 38(28+10) सीटें सवर्णों को मिली जिनकी आबादी 10-15 प्रतिशत है वहीं 62 सीटें आरक्षित वर्ग(OBC,SC,ST) को मिली जिसकी संख्या 85-90 प्रतिशत है।
यूपी सरकार और लोक सेवा आयोग जवाब दें –
क्या यही है ‘समान अवसर’ का मतलब?
या फिर ‘सिस्टम’ अब काबिलियत से नहीं, कैटेगरी देखकर फैसला करता है?"
#Migration_Scam_In_UPPSC
#UPPSC_Migration_Scam
#Save_Merit_Save_Reservation
#UPSI_GIVE_SCORECARD
#UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
@yadavakhilesh@ManojSinghKAKA@LaljiVermaSP@rajkumarbhatisp