उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में किस्मत अली और उसके परिवार ने यादव राम सरन की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी।
आरोप है कि जब वह दो भाइयों की लड़ाई रोकने गया तो उसे धोखे से बुल��या गया और फिर ईंटों से उस पर हमला कर दिया गया।
लेकिन इस पर यादमुल्ले का कोई ट्वीट नहीं आया
Salman Khan — with a prominent “Om” tattoo and Hindu Kada on his wrist — was caught stealing bikes.
His partner Rashid fled the scene, but brave Satyam Pandit caught him and recovered a sharp knife and master key from his pocket.
🚨 ब्रेकिंग:
बांग्लादेशी स्वतंत्रता सेनानी फ़ज़लुर रहमान ने संसद में राम मूर्ति मुद्दे पर कहा—
“1204 से पहले यह भूमि हिंदुओं और बौद्धों की थी। हिंदू जितनी बड़ी चाहें मूर्ति बन���एं। जिन्हें दिक्कत ��ै, वे धर्म के व्यापारी हैं। मैं अपनी मस्जिद में नमाज़ पढ़ूंगा, वे अपने मंदिर में पूजा करेंगे।”
यह मूर्खतापूर्ण निर्णय निरस्त हो गया है। पिछले दो माह में चाहे सेंट स्टीफेन्स की मनमानी हो, निजी CBSE स्कूलों में सरकारी मैनेजमेंट टीम के घुसाने की बात हो या बिहार के डिग्री कॉलेजों में स्कूली शिक्षकों को सात दिन के भीतर पढ़ाने का निर्णय हो, सब निरस्त कराए गए।
बिहार में जब से राज्यपाल सैयद अता हसनैन साहब आए हैं, विश्वविद्यालयों में विचित्र समस्याएँ होने लगी हैं। पहले की एड-हॉक नियुक्तियाँ रद्द की जा रही हैं, और उनकी जगह पर किसे रखा जाएगा यह पता नहीं है।
लेकिन मुख्य समाच���र वह नहीं है। हाल ही में बिहार में 'डिग्री कॉलेज' खुले हैं और उसमें नियुक्तियाँ होनी थी। चूँकि कॉलेज है तो, अर्हता कॉलेज स्तर के प्रोफेसर की होनी चाहिए, परंतु इन्होंने कह दिया कि स्कूल के जिन शिक्षकों के पास पीएचडी है, वो इन डिग्री कॉलेजों में पढ़ा सकते हैं। कोई लॉजिक नहीं है इस बात का।
इन्होंने विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए जितनी बार ड्राफ्ट नियम निकाले, हर बार वो UGC के विरोध में थे। जैसे कि MPhil का कॉन्सेप्ट अब नहीं है, पर इन्होंने वो भी जोड़ा। पीएचडी सर्वोच्च डिग्री है, पर वेटेज JRF का 18, पीएचडी का 10 किया है।
डिग्री कॉलेज का सत्र 1 जुलाई से आरम्भ होना है और आज यह अधिसूचना आई है कि 9-12 तक को पढ़ाने वाले शिक्षक, इन कॉलेजों में पढ़ाएँगे। गवर्नर साहब यह तो बताएँ कि 7 दिनों में शिक्षक से प्राध्यापक वो कैसे बन जाएँगे और विषय की गहराई कैसे माप लेंगे?
और, ये नियुक्तियाँ आप प्राध्यापक के पदों पर पूरे राज्य में एड-हॉक पर पढ़ाने वाले युवा प्रत्याशियों को नहीं दे सकते थे? इतने दिन से विभाग कर क्या रहा था? क्या UGC की गाइडलाइंस पढ़ने वाला कोई नहीं मिला या अपने विवेक से ऐसे निर्णय लिए गए?
आपने PET के माध्यम से जो बच्चे नियुक्ति पाते थे, उसे किस कारण से निरस्त कर दिया गया? अब बिहार के बच्चे क्या करेंगे जो NET की जगह PET के माध्यम से आया करते थे? आप बिहार में एकरूपता कैसे ला सकते हैं जहाँ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में कॉलेज ३ महीने चल ही नहीं पाते?
राज्यपाल महोदय से आग्रह है कि थोड़ी प्रैक्टिकैलिटी लाएँ, CM @samrat4bjp इसे देखें कि उच्च शिक्षा विभाग कर क्या रहा है। बिहार आख़िर UGC रेगुलेशन को क्यों फॉलो नहीं कर रहा? बच्चे NET क्वालीफाई कर के बैठे हुए हैं और आप स्कूल के शिक्षकों को किस आधार पर प्रमोट कर रहे हैं?
@ABVPVoice आप लोग क्या कर रहे हो? सड़कों पर उतरो ये आप ही लोगों के अधिकार की बात है।
अरे हवस के रोगियों कोई जगह तो छोड़ दिया करो
जौनपुर में पढ़ने के नाम पर एक लाइब्रेरी खोली गई,
लेकिन मज़े की बात ये वहाँ छात्र,छात्राएं पर्दे वाले कमरे में एक साथ कुछ और ही पढ़ाई कर रहे थे,
पुलिस ने पहुँच के पर्दे के पीछे से छात्र, छात्राओं को बाहर निकाला ।
Over 200 Islamists attacked a Dalit Hindu family over a minor water dispute in Faridabad.
Four minor daughters along with their father and mother were injured.
At the hospital, the terrified girls hugged Bittu Bajrangi, crying and says —
“We don’t want to go home now".
Bittu Bajrangi replied — "We’re with you. This is India, not Pakistan. All will be arrested!”
योगी एक्शन गज़ब मोड में हैं! रौद्र रूप दिख रहा है...
चंपत राय और अनिल मिश्रा से इस्तीफा लिए जाने के बाद अब मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी ट्रस्ट से निकाल बाहर किया गया है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपित गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। चाबियाँ ��्रशासन को सौंपी जा चुकी है।
उधर देवरिया में मुख्यमंत्री गरज रहे हैं। रामभक्तों पर गोली चलवाने को लेकर अखिलेश यादव का तो इलाज उन्होंने किया ही, उन अरविंद केजरीवाल की भी ख़बर ली जो अपनी नानी का नाम लेकर राम मंदिर का विरोध करते थे। एक तरफ़ महंत योगी राम विरोधी अवसरवादी नेताओं पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी तरफ़ बिना किसी की पैरवी सुने हर एक दाग़दार चेहरे को क़ानून की जद में ला रहे हैं। ये स्वागत योग्य है।
ये योगी का दबाव ही है कि VHP अध्यक्ष आलोक कुमार तक को कहना पड़ा है कि कोई भी व्यक्ति जाँच के दायरे से बाहर नहीं है। अभी देखिए, क्या-क्या होता है...
एक बात तय है - राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन होगा। होगा ही होगा।
योगी जी ने कहा था, पंद्रह दिन दीजिए।
15 दिन की समय सीमा से पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट दे दी।
चंपत राय, महासचिव, इस्तीफा।
अनिल मिश्रा, न्यासी, हटाए गए।
टिन्नू समेत आठ लोग गिरफ्तार।
मुख्यमंत्री ने जब 15 दिन के समय सीमा की बात की तब यह कोई नाटक नहीं था। यह कोई चुनावी बयानबाजी नहीं थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी बात पर कायम रहते हैं। और योगी जी जो बोलते हैं वो करते हैं।
राम मंदिर की समर्���ण राशि में जिसने भी हाथ लगाया, चाहे वो कितना भी बड़ा नाम हो, जवाब देना पड़ा।
#DharmaRakshakYogi
महिला सप्लाई इंस्पेक्टर ने पत्रकार से कहा– "तुम दलाल हो"
पत्रकार – "आपसे हमने कितनी बार दलाली खाया है? बस ये बता दीजिए"
UP के जिला चंदौली में यह सब हो रहा है। SDM साहब कुर्सी पर बैठकर मंद–मंद मुस्कुरा रहे हैं !!
ऐसे सिक्खो को हम पलको पे बिठायेंग���, और जो सलवारे पहन के एक एक मिनट में तलवारे निकाल के निहत्थों पे हमला करते है उनको हम वही बिठायेंगे जिसका फोटो बरखा दत्त को व्हाट्सएप पे मिला था।