कोई भी पापकर्म तभी बनता है, जब उसमें सुख-बुद्धि होती है।
Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj
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भजन मार्ग | परम पूज्य वृन्दावन रसिक संत श्री हित प्रेमानन्द गोविन्द शरण जी महाराज
श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
आ�� कैसे हैं, इसका महत्त्व नहीं, बल्कि आप किसके हैं, इस बात का महत्त्व है।
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भजन मार्ग | परम पूज्य वृन्दावन रसिक संत श्री हित प्रेमानन्द गोविन्द शरण जी महाराज
श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
गंदे आचरणों और गंदी क्रियाओं में खुश�� मत ढूँढ़ो, इसमें सर्वनाश छिपा है।
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श्री हित राधा क��ली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
यदि दृष्टि प्रभु पर हो, तो विपत्ति भी संपत्ति बन जाती है।
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भजन मार्ग | परम पूज्य वृन्दावन रसिक संत श्री हित प्रेमानन्द गोविन्द शरण जी महाराज
श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
साधना इच्छाओं के त्याग के लिए की जाती है, इच्छा पूर्ति के लिए नहीं।
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श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
जो होना है, वह होकर रहेगा, जो नहीं होना है, वह कभी नहीं होगा। इसलिए निश्चिंत रहिए।
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श्री हित राधा केली कुंज, वराह ��ाट, वृन्दावन धाम
सारे पापों को नष्ट करने में समर्थ केवल भगवान का नाम ही है।
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श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
संसार से जो प्रीति हो गई है, वही प्रभु की माया है।
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श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
भगवान की स्मृति बनी रहे, इसीलिए साधना की जाती है।
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