@gupta_rekha अब आपको भी 5 साल दे दिए। अब देखते हैं कि आप क्या कर पाते हैं। अभी तक तो सड़कों का वही हाल है। पानी भी बदबूदार ही है। कूड़े का पहाड़ भी लगभग वही खड़ा है, पर उसे उठाना क्यों है यह समझ में नहीं आता? पहले तो लेवल करके उसका पार्क बना देते थे। अब कहां डालोगे दिल्ली का कूड़ा?
@mjdoshi यह अकेला कूड़ा न उठवाने का मुद्दा नहीं है, यह मुख्य तौर पर #नागरिकों के #इंडिसिपलिन का है। वे क्यों ऐसे इधर उधर कूड़ा फेंकते है? गाड़ी नहीं आती तो शिकायत तो लिखवाएं।नगर निगम के कर्मियों का धंधा तो रोज़ हड़ताल करने है। सफाई का #टेंडर हमेशा खत्म ही रहता है।
@AAPPunjab@aajtak
हिंदी टीवी सीरियल बहुत इरिटेटिंग हैं। मनोरंजन 0% भी नहीं है। पता नहीं कैसे बर्दाश्त हो रहे है सभी हिंदी सीरियल। इन्हें तो ban कर देना चाहिए।
@MIB_India@aajtak
@colourlovers
तू जूलियट जट दी, हीर वाले सीरियल में दादी का किरदार बिल्कुल बेहूदा रोल में दिखा रहा है Colours TV. टोटली इरिटेटिंग है। कैसे नहीं पता कि हीर नवाब की विवाहिता पत्नी है नौकरानी नहीं?
@NayabSainiBJP इतना ही भला था तो इस्तीफे की प्रबल मांग के बावजूद इतने युवा क्यों पिटवाए? पहले ही मर लेता। कोई दूसरा मंत्रालय ले लेता? युवा माफ नहीं करेंगे चाहे कितने भी चापलूस सफाई ��ेने पर लगा लेना साहिब।
@SanjayAzadSln कोई सीरियस बात किया करो साहिब। किसी की फूहड़ आलोचना से कोई सिस्टम सुधरने वाला नहीं है। कोई अपना सुझाव दिया करो। चापलूस अंध भक्तों की संख्या आप से लाखों गुना है।
इतनी लम्बी #RedLight दिल्ली रिंग रोड़ पर रखने की कोई तुक नहीं है। रुके रुके नींद सी आ जाती है। पुलिस को या तो सही ट्रैफि�� लाइट cycle समझ ही नहीं आ रहा या लाइट की प्लानिंग कोई अनाड़ी सर्विस प्रोवाइडर अपनी मर्जी से कर रहा है। जिससे सारी दिल्ली अब जाम है।
@dtptraffic
@LtGovDelhi
@BJP4Haryana@bjparchanagupta मुख्यमंत्री की नकल करना इन बेचारों की मजबूरी है। वैसे भी ये भाजपाई फोटो खिंचवाने व रील बनवाने में पीछे कैसे रह सकते हैं? पता नहीं ये हरियाणा के लोगों को इतना ज्यादा बेवकूफ क्यों समझते हैं और कब तक बेवकूफ समझेंगे। ये भोले हैं पर बेवकूफ नहीं हैं मैडम!
@BJP4Haryana@NayabSainiBJP हरियाणा वाले सारे अच्छे किसान हैं। पर वे बेचारे CM को ही जगह जगह पेड़ लगाने को मजबूर करते हैं। हरियाणा में पेड़ कम तो नहीं पर फोटो खिंचवाने के लिए शायद कम रहते हैं। इतना विशाल हॉर्टिकल्चर व वन विभाग हरियाणा के पास है पर उन्हें कोई शर्म नहीं आती। ड्रामा करने पर सूई क्यों अटक गई?
@srinivasiyc अगर स्टूडेंट रजिस्टर्ड कॉलिज या यूनिवर्सिटी में पढ़ने जाने की बजाए बाहर से ही फीस और डिग्री खरीदने का पैसा चुपचाप देते रहेंगे तो यूनिवर्सिटी उसमें क्या करे? नौकरी मिले न मिले, डिग्री हर पैसा खर्च कर सकने वाले को चाहिए। कौन चाहता है कि भारत के लोग असल में पढ़ लें?
@TheIncNews धर्म���ंद्र प्रधान मंत्री तो न तीन में, न तरह में? उसका इस्तीफा लेना या न लेना एक बराबर है। सवाल तो शिक्षा सचिव से पूछना चाहिए। इन्हें तो हर पार्टी ने सिर्फ चापलूसी के लिए मंत्री का पद दिया होता है। इनका अपना कोई विज़न या ज��म्मेदारी नहीं होती। PMO का बाबू इन्हें चलाता रहता है।