Avinash Pandey is an honest and loyal officer.
He has kept his place crime and corruption-free.
He slapped the man because he was trying to commit suicide.
If he had committed suicide, you would have blamed him. Don't create so much ruckus and agitation just because he belongs to the upper caste and is a Pandey.
First, find out the truth..
अविनाश पांडे..
अविनाश पांडेय जी ने जो किया, वह बिल्कुल गलत था।
2 पर क्यों रुक गए? 10 तक जाते।
पुलिस का काम समाज में अराजक तत्वों को फैलने से रोकना है, और उन्होंने वही किया।
मेरठ के SSP अविनाश पांडे ने बहुत ही ठीक किया है, हर मामले को जातिय एंगल देकर, सड़क जाम करके, भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लेकर अराजकता फैलाने वालो से ऐसे ही निपटना चाहिए।
अपनी नेतागिरी चमकाने के लिये उपद्रवी तत्व बवाल करेंगे तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होनी ही चाहिये।
जब अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं तो फिर उपद्रव क्यों?
SSP @meerutpolice ने अपराधी टाइप के बलवाइयों के ख़िलाफ़ सही कार्यवाही की गई है।
मेरठ SSP अविनाश पांडेय द्वारा रवि गौतम को थप्पड़ मारने का ये वीडियो कल से वायरल किया जा रहा है। लेकिन ये कोई नहीं बता रहा है कि:-
- रवि गौतम लोगों को भड़का कर सड़क जाम कर रहा था
- रवि गौतम पर 4 गंभीर केस दर्ज हैं
- रवि गौतम हत्या ���ा भी आरोपी है
- रवि गौतम वैन के अंदर ख़ुद को फांसी लगा रहा था…….
अविनाश पांडे जी एक ईमानदार और लॉयन ओडर को
समालने वाले ऑफिसर हैं वो जहाँ भी रहे हैं वहाँ पर क्राइम और भर्ष्टाचार को मुक्त रखा हैं उन्होंने उस व्यक्ति को इस लिए थप्पड़ मारा क्यों की वो फ़ाशी लगाने की कोशिश कर रहा था अगर वो फ़ासी लगा लेता तो फिर आप उन पर आ���ोप लगाते स्वर्ण समाज और पांडे होने पर इतना दंगा और आंदोल�� मत कीजिए पहले सच्चाई को जानिए???
#मेरठ #UPPolice
#kalisena #himalayansaltlamps
If troublemaking elements create a ruckus to shine in their leadership, then strict action must be taken against them.
Once the accused have been arrested, then why the commotion?
SSP @meerutpolice has taken the right action against the criminal-type rioters.
@indiatvnews@IMinakshiJoshi@sajjanjnu@dajeet लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, किंतु सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध कर आमजन के आवागमन में बाधा उत्पन्न करना तथा प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
@indiatvnews@IMinakshiJoshi@sajjanjnu@dajeet किसी भी संवेदनशील मामले में भावनाओं के साथ-साथ तथ्यों का भी महत्व है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब निष्पक्ष विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा
करना चाहिए।