मोदी जी के ‘संवाद से समाधान’ के मंत्र से देश की दशकों पुरानी अनेक समस्याओं का समाधान हो रहा है। इसी क्रम में आज राजस्थान–हरियाणा यमुना जल परियोजना के ऐतिहासिक समझौते से तीन दशक पुरानी जल समस्या का समाधान हुआ।
इस समझौते से दोनों राज्यों को लाभ होगा और पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ होगी। साथ ही कृषि, उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी और भूजल स्तर में वृद्धि होगी।
"योग" भारत की सनातन ऋषि-परम्परा की वह दिव्य साधना है, जिसका परम लक्ष्य केवल शरीर की आरोग्यता या मन की शान्ति नहीं, अपितु जीव को उसके वास्तविक स्वरूप-शुद्ध, बुद्ध, मुक्त एवं नित्य ब्रह्मस्वभाव का साक्षात्कार कराना है। यह मनुष्य को सीमित देहबुद्धि से उठाकर अनन्त चैतन्य की अनुभूति तक पहुँचाने वाला आत्मोन्नति का दिव्य राजमार्ग है।
��ारतीय दर्शन में योग का अर्थ केवल आसन या प्राणायाम नहीं है। योग का वास्तविक अर्थ है - जीव की अपने मूल स्वरूप में प्रतिष्ठा। अद्वैत वेदान्त में समस्त साधना का अन्तिम लक्ष्य आत्मा और ब्रह्म की अभिन्नता का प्रत्यक्ष अनुभव है। उपनिषदों का महावाक्य - “अहं ब्रह्मास्मि”, “तत्त्वमसि”, “प्रज्ञानं ब्रह्म” तथा “अयमात्मा ब्रह्म” योग की परम परिणति का ही उद्घोष है।
महर्षि पतञ्जलि कहते हैं - “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः' अर्थात् जब चित्त की वृत्तियाँ शान्त हो जाती हैं, तब साधक अपने भीतर उस अखण्ड चैतन्य का अनुभव करता है, जो न जन्म लेता है, न नष्ट होता है, न परिवर्तित होता है। भगवत्पादाचार्य भाष्यकार भगवान् आदि शंकराचार्य जी के अनुसार अज्ञानवश आत्मा स्वयं को देह, मन और बुद्धि से अभिन्न मान बैठती है; योग उस अज्ञान के आवरण को हटाकर आत्मा के नित्य प्रकाश को प्रकट करता है। भगवान श्रीकृष्ण गीता में कहते हैं -
“समत्वं योग उच्यते।”
“योगः कर्मसु कौशलम्।”
यह समत्व केवल व्यवहारिक संतुलन नहीं, अपितु उस ब्रह्मदृष्टि का उदय है, जिसमें साधक सम्पूर्ण जगत् को एक ही आत्मतत्त्व की अभिव्यक्ति के रूप में देखता है। यही अद्वैत का दर्शन है, यही योग का चरम उत्कर्ष है।
योगवसिष्ठ में महर्षि वसिष्ठ प्रभु श��रीराम को उपदेश देते हैं -
“चित्तमेव हि संसारस्तत्प्रयत्नेन शोधयेत्।” वस्तुतः संसार बाहर नहीं, चित्त की वृत्तियों में है। चित्त शुद्ध हो जाए तो वही संसार मोक्ष का द्वार बन जाता है। अतः योग बाह्य परिस्थितियों को बदलने की अपेक्षा अन्तःकरण को निर्मल करने की साधना है।
आज का युग भौतिक प्रगति के शिखर पर पहुँचकर भी मानसिक अशान्ति, तनाव, भय, अके��ेपन और अस्तित्वगत शून्यता से संघर्ष कर रहा है। ऐसे समय में योग केवल स्वास्थ्य-विज्ञान नहीं, बल्कि आत्म-जागरण का विज्ञान बनकर मानवता के समक्ष उपस्थित है। यह मनुष्य को भोग से योग की ओर, अस्थिरता से स्थिरता की ओर, अशान्ति से शान्ति की ओर और अहंकार से आत्मसाक्षात्कार की ओर ले जाता है।
योग का अन्तिम लक्ष्य किसी अलौकिक शक्ति की प्राप्ति नहीं, बल्कि उस सत्य की अनुभूति है जहाँ ज्ञाता, ज्ञान और ज्ञे��� का भेद समाप्त हो जाता है। जहाँ साधक अनुभव करता है कि वही चेतना सम्पूर्ण सृष्टि में व्याप्त है। उपनिषद् इसी अनुभूति को उद्घोषित करते हैं - “सर्वं खल्विदं ब्रह्म।” यही योग का परम रहस्य है, यही वेदान्त का चरम निष्कर्ष है और यही मानव जीवन की सर्वोच्च सिद्धि है।
अतः "योग" को केवल शरीर की साधना तक सीमित न रखें। उसे आत्मबोध, अन्तःशुद्धि, करुणा, समत्व और ब्रह्मानुभूति की जीवन-पद्धति के रूप में अपन��एँ। जब योग जीवन का स्वभाव बन जायेगा, तब व्यक्ति में शान्ति, समाज में समरसता और विश्व में सद्भाव का स्वाभाविक उदय होगा।
योग आरोग्यता का मार्ग है, पर उससे कहीं अधिक आत्मा से परमात्मा तक की यात्रा है; योग अनुशासन है, पर उससे भी अधिक आत्मस्वरूप में प्रतिष्ठित होने की कला है; योग साधना है, पर उसकी पूर्णता ब्रह्मानन्द में है।
"अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" पर यही मंगलकामना है कि समस्त मानवता योग के माध्यम से अपने भीतर स्थित उस दिव्य, अखण्ड और अद्वैत चेतना का अनुभव करे, जो शाश्वत शान���ति, आनन्द और मुक्त जीवन का स्रोत है।
#InternationalYogaDay #IDY2026 #YogaForOneEarthOneHealth #internationaldayofyoga #योगदिवस #AvdheshananadG_Quotes
🚨Two Prime Ministers !! … 😎
🔴 PM Nehru :- 4,398 Days !
— Divided the Nation by Applying 370 !
♦️ PM Modi :- 4,399+ Days !!
— United the Nation by Scrapping 370 !
♦️ PM Modi Completed the Dream of
“Ek Bharat” of Sardar Patel !
♦️Trust me….,,
This lion-heart PM Modi, Longest Serving PM will create The HINDU - NATION very soon !
Over the last 12 years, India has witnessed many transformations and at the core of these changes is the welfare of the poor and downtrodden. We have always been inspired by Antyodaya and our effort has always been to ensure that the benefits of development reach those who were left behind for decades. From Jan Dhan accounts and Direct Benefit Transfer to Swachh Bharat, PM Awas Yojana, Jal Jeevan Mission, Ayushman Bharat and more, every initiative has been driven by a simple objective of ensuring people have dignity and opportunity.
#12YearsOfGaribKalyan
राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पण और सेवाभाव हमारी अमूल्य पूंजी रही है। बीते 12 वर्षों में 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से प्रेरित निरंतर प्रयासों से ही आज हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर हैं।
#12YearsOfSeva
आर्यकर्मणि रज्यन्ते भूतिकर्माणि कुर्वते।
हितं च नाभ्यसूयन्ति स वै पण्डित उच्यते॥
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने आज ही के दिन 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर जनविश्वास, सेवा और स��शासन की ऐतिहासिक यात्रा को नई निरंतरता प्रदान की थी। इस गौरवपूर्ण अवसर पर यशस्वी प्रधानमंत्री जी को हार्दिक बधाई।
राष्ट्रसेवा, सुशासन और जन-कल्याण को समर्पित इस 12 वर्षीय परिवर्तनकारी नेतृत्व ने अंत्योदय की भावना को साकार करते हुए भारत को आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नई ऊंचाइयों पर प्रतिष्ठित किया है।
यह कालखंड पारदर्शी, उत्तरदायी और संवेदनशील शासन के माध्यम से जन-आकांक्षाओं की पूर��ति का एक प्रेरक अध्याय है।
'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य की सिद्धि हेतु आपका दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व राष्ट्र को नए युग की ओर अग्रसर कर रहा है।
'राष्ट्र प्रथम' की भावना को समर्पित इस ऐतिहासिक कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन।
नमामि गंगे तव पाद पंकजं, सुरासुरैः वंदित दिव्यरूपं।
भुक्तिचं मुक्तिचं ददासनित्यं, भावानुसारें न सारे न सदा स्मरानाम।।
पतित पावन���, मोक्षदायनी मां गंगा के अवतरण दिवस 'गंगा दशहरा' की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
हर हर गंगे!
#GangaDussehra #गंगा_दशहरा
हमारी मातृभूमि साधना और उपासना के साथ-साथ साहस, शक्ति और सर्व-कल्याण की पुण्यभूमि रही है। महान विरासत और प्राचीन संस्कृति की यह पावन धरती हर किसी को सदैव सुख-समृद्धि से परिपूर्ण रखे, यही कामना है।
यस्यां पूर्वे पूर्वजना विचक्रिरे यस्यां देवा असुरानभ्यवर्तयन् ।
गवामश्वानां वयसश्च विष्ठा भगं वर्चः पृथिवी नो दधातु ।।
🌺।।IMPORTANCE OF NUMBER 108 IN SANATAN HINDU DHARMA।।🚩
In Sanatan Dharma, the number 108 is considered sacred because it appears repeatedly across spirituality, astronomy, mathematics, yoga, and ritual traditions. Rather than coming from a single source, its importance developed through many layers of symbolism over thousands of years....
🚨 Started in 1925 with just a handful of men…
Today it runs a nationwide ecosystem of 20+ organisations.
That’s “RSS: Rashtriya Swayamsevak Sangh”. Largest Volunteers driven organization in India.🔥
This is the RSS blueprint, explained — Scale, Structure & 20+ Organisations (Full Breakdown) ����
🔥Founded in 1925 (Nagpur) by Dr. K.B. Hedgewar, the Rashtriya Swayamsevak Sangh (@RSSorg ) is not a typical “membership org” — it’s a civilizational network built through daily discipline (shakhas).
📊 SCALE (2025):
🔥83,000+ shakhas
🔥51,000+ locations
🔥No formal membership system
🎯 Core mission: Organise society → Build a strong, self-reliant nation
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👤 LEADERSHIP LINEAGE (Sarsanghchalaks):
Hedgewar → Golwalkar → Deoras → Rajju Bhaiya → Sudarshan → Mohan Bhagwat (current) @DrMohanBhagwat
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🧩 FULL SANGH PARIVAR ECOSYSTEM (20+ Organisations)
🎓 EDUCATION & STUDENTS:
🔥Vidya Bharati – 25,000+ schools, ~35 lakh students
🔥ABVP – India’s largest student organisation
🔥Ekal Vidyalaya – One-teacher rural schools
🔥Samskrita Bharati – Spoken Sanskrit revival
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🛕 RELIGIOUS & CULTURAL:
🔥 VHP (Vishwa Hindu Parishad) – Dharmic leadership & mobilisation
🔥Bajrang Dal – Youth mobilisation
🔥Durga Vahini – Women’s mobilisation
🔥Rashtra Sevika Samiti – Women’s parallel organisation
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👨🌾 ECONOMIC & PROFESSIONAL BODIES
🔥BMS (Bharatiya Mazdoor Sangh) – Labour union
🔥BKS (Bharatiya Kisan Sangh) – Farmers’ organisation
🔥Laghu Udyog Bharati – MSME support
🔥Swadeshi Jagran Manch – Economic nationalism
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🧬 SCIENCE, HEALTH & INNOVATION
🔥Vigyan Bharati (VIBHA) – Science movement
🔥Arogya Bharati – Health awareness & services
🔥Saksham – Divyang (disability) support
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🌿 SOCIAL SERVICE & GRASSROOTS WORK:
🔥Seva Bharati / Rashtriya Seva Bharati – Welfare & disaster relief
🔥Vanavasi Kalyan Ashram – Tribal outreach (50,000+ villages)
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🌍 GLOBAL & OUTREACH
🔥Hindu Swayamsevak Sangh (HSS) – International network
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🛠️ GROUND IMPACT (Real Numbers):
📚 EDUCATION
🔥25,000+ schools/centers
🔥~35 lakh students
🦠 COVID RELIEF
🔥85,000+ locations
🔥7+ crore meals
🔥1+ crore ration kits
🔥20+ lakh migrants supported
🌪️ DISASTER RESPONSE
🔥Gujarat Earthquake → 25,000 volunteers, 10,000+ surgeries
🔥Active in floods, cyclones, pandemics nationwide
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⚡️ Why RSS stands out:
No membership drives. No centralised control.
Yet — one of the largest, most structured volunteer ecosystems in the world.
Each Shakha connects volunteers with all these activities: Completely Volunteers Driven.
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🇮🇳 Notable Persons from RSS in Politics & Government:
🔥Narendra Modi — Former RSS pracharak; now Prime Minister of India
🔥Atal Bihari Vajpayee — Early RSS association; PM (1998–2004)
🔥Lal Krishna Advani — Key architect of BJP; long RSS background
🔥Nitin Gadkari — Union Minister; Nagpur RSS roots
🔥Rajnath Singh — Defence Minister; former ABVP/RSS link
🔥Shivraj Singh Chouhan — Former CM, Madhya Pradesh; RSS background
🔥Manohar Parrikar — IITian, former CM & Defence Minister; RSS swayamsevak
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Agree or disagree —
📌 Its scale, reach, and influence are undeniable. You can love it, you can hate it but you cannot ignore it‼️
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Disclaimer: This is NOT an official RSS document and NOT a sponsored post. Made with OSINT info and indicators.