प्रिय साथियों 🙏
यह नीचे मैंने पिछले 1 साल का मेहनत का स्क्रीनशॉट डाला है पैसा बिल्कुल नहीं आया है और कितनी मेहनत करनी चाहिए अब तो वेरीफाइड इंप्रेशन इंगेजमेंट काउंट होते हैं उसमें तो और भी मुश्किल पैदा होगी ।
मैंने अपना प्रीमियम कैंसिल कर दिया है एक-दो दिन में हट जाएगा परंतु मैं ट्विटर पर बना रहूंगा पैसा तो बड़ी मुश्किल से किसी के पास आता है यहां भी यही हालतहै परंतु अपना फर्ज है कि नये आने वालों को अपन सच्चाई बताएं उन्हें गुमराह नहीं करना चाहिए 🙏😭
इकलौती ख्वाहिश थी कि जिंदगी रंग बिरंगी हो,
और दस्तूर देखिए जितने मिले गिरगिट ही मिले
आजादी के 80 साल हो जाने के बाद देश में महिलाएं अभी तक नहीं समझ पाई है रेलगाड़ी हाथ देने से नहीं रुकती है बल्कि सिग्नल लाल होने पर रूकती है कहां गई महिला साक्षरता अभियान की सफलता 😭 एक बार वापस साक्षर करना पड़ेगा
आजादी के 80 साल हो जाने के बाद देश में महिलाएं अभी तक नहीं समझ पाई है रेलगाड़ी हाथ देने से नहीं रुकती है बल्कि सिग्नल लाल होने पर रूकती है कहां गई महिला साक्षरता अभियान की सफलता 😭 एक बार वापस साक्षर करना पड़ेगा
आजादी के इतने सालों बाद भी यह हालत है भारत की महिलाओं को बैठने के लिए सीट नहीं है पुरुषों के पास कपड़े नहीं है मजबूरी म���ं इधर-उधर मुंह मारना पड़ता है घर में लूगाई नहीं है।
देश आजाद हुए 80 साल हो गए हैं परंतु अंधविश्वास कुरीतियों अभी भी लोगों के जेहन में है नवजात शिशु का पहला स्नान माताजी कर रही है देखने में बड़ा दर्दनाक लग रहा है छोटा बच्चे के कहां-कहां दर्द होता होगा यह इस औरत को कैसे पता चलेगा 😭
मुझे तो देखा भी नहीं जा रहा 😭
देश आजाद हुए 80 साल हो गए इसी आजादी का फायदा यह दोनों ��ठा रहे हैं ट्रेन चलती जा रही है लड़का पता नहीं लड़की का क्या कर रहा है समझ में नहीं आ रहा लड़की के हाव भाव बता रहे हैं कुछ गड़बड़ है घर में भी जगह नहीं दिखती है और OYO के लिए पैसे नहीं होंगे बहुत बुरी हालत है देश की 😭
भारत में आजादी के 80 साल के बाद भी यह हालत है रेलवे स्टेशन पर 3 भिखारी के बीच में लड़ाई हो रही है क्योंकि स्टेशन बड़ा है रात भर कोई आने वाला नहीं है परंतु महिला भिखारी के साथ में कौन सोएगा इस बात को लेकर दो पुरुष भिखारियों में लड़ाई हो रही है एक महिला है 2 पुरुष है।
आजादी के इतने सालों बाद भी यह हालत है भारत की महिलाओं को बैठने के लिए सीट नहीं है पुरुषों के पास कपड़े नहीं है मजबूरी म���ं इधर-उधर मुंह मारना पड़ता है घर में लूगाई नहीं है।
आजादी के इतने सालों बाद भी यह हालत है भारत की महिलाओं को बैठने के लिए सीट नहीं है पुरुषों के पास कपड़े नहीं है मजबूरी म���ं इधर-उधर मुंह मारना पड़ता है घर में लूगाई नहीं है।
आजादी के इतने सालों बाद भी यह हालत है भारत की महिलाओं को बैठने के लिए सीट नहीं है पुरुषों के पास कपड़े नहीं है मजबूरी म���ं इधर-उधर मुंह मारना पड़ता है घर में लूगाई नहीं है।
@Pahadi_Anjana आपने जो बात बताई थी मुझे काफी फायदा हो गया फॉलोवर बढ़ते ही जा रहे हैं अजीब नाम है सबके और भी बात बताया करो मैं आपसे हाथ पांव दबाता रहूंगा
आजाद हुए इतना समय बीत गया है देश में कोई खुश नहीं है छोटा बच्चा देख रहे हो यह पढ़ाई करने नहीं आया है यह थाने में एफ आई आर लिखाने आया है क्योंकि इसकी मम्मी ने इसकी चॉकलेट चोरी कर ली है और पुलिस वाली मैडम को देख लीजिए लिख रही है अजीब हाल��त है