आरक्षण की खैरात से नौकरी मिलने के बाद मास्टर साहब बच्चों के सामाजिक न्याय करते हुए । बैकग्राउंड में महामानव की तस्वीर लगाकर चार चांद भी लगा दी ।
जय हो बाबा की
जैसा कि बताया जा रहा है
काशगंज
में 37 ठाकुरों पर sc st मुकदमा लिखवाया गया
एक स्थानीय के अनुसार बच्चों ने खेल खेल में कुछ किया लगभग सबको पता भी नहीं कि क्या हुआ था
सरकार को जल्द से जल्द इस कानून में सुधार अतिशीघ्र करना चाहिए
आजाद भारत में हर आदमी का अगर सामान हक है
तो इस प्रकार का कानून क्यों
@Hemangini30 आरक्षण की पैदाइश..!!
थोड़ा इतिहास पढ़ लेती तो ग्वारों वाली बात नहीं करती ।
महल में जितनी भी स्त्रियां होती थी सभी जौहर करती थी, उसमें कोई जाति विशेष नहीं होती थी ।