#जैनधर्मको_वास्तविकता
तत्त्वदर्शी सन्तको आवश्यकता
गीताकाे अध्याय ४ श्लोक ३२ देखि ३४ का अनुसार केवल तत्त्वदर्शी सन्तसँग भएको ज्ञानले नै मोक्ष सम्भव छ। जैन धर्मका अनुयायीहरू तत्त्वदर्शी सन्तको मार्गदर्शन बिना साधना गरिरहेका छन्, जसले उनीहरूलाई
खिलौनों से खेलना बंद करो
#असलीजगन्नाथ_कीपूजाकरो
जगन्नाथ मंदिर के पास एक चबूतरा बनवाया गया था जिसे आज कबीर मठ के नाम से जाना जाता है। वहीं पर बैठकर कबीर परमात्मा ने समुद्र को जगन्नाथ मंदिर तोड़ने से बचाया था।
Real Jagannath God Kabir
#नशा_नाशका_कारणहै
शराब मानव जीवन बर्बाद करती है। इस बारे में परमात्मा कबीर साहेब जी कहते हैं-
भांग तम्बाकू छोतरा, आफू और शराब
गरीबदास कौन करे बंदगी, ये तो करें खराब।
शराब भक्ति का नाश करती है। इसे त्यागने में ही भलाई है।
कबीर साहेब जी कहते हैं कि साधु दर्शन के लिए चले जाइए, ऐसे में जितने भी कदम आगे धरते जाओगे, उनका पुण्य-लाभ अश्वमेध यज्ञ के फल के बराबर मिलेगा
- जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#SaintRampalJi#KabirIsGod
#GodMorningWednesday
कबीर, भक्ति दान किया नहीं, अब रह कास की ओट ।
मार पीट प्राण निकालहीं, जम तोड़ेंगे होठ ।।
भावार्थ:- न गुरू किया, न भक्ति और न दान-धर्म किया, अब किसकी ओट में बचेगा? यम के दूत मारपीट करके प्राण निकालेंगे और बिना विचारे चोट मारेंगे यानि बेरहम होकर पीट-पीटकर ...
#नशा_नाशका_कारणहै
नशा करता है नाश ❌
सौ नारी जारी करै, सुरापान सौ बार। एक चिलम हुक्का भरै, डूबै काली धार।।
सौ स्त्रियों से भोग करे और सौ बार शराब पीऐ, उसे जो पाप लगता है, वह पाप एक चिलम भरकर हुक्का पीने वाले को देने वाले को लगता है।
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#नशा_नाशका_कारणहै
संत रामपाल जी से जुड़ते ही मेरा नशा करना छूट गया।
Rajendra Singh, Almora (UK)
कबीर, औगुण कहूं शराब का, ज्ञानवंत सुन लेय। मानुष सौं पशुवा करै, द्रव्य गांठ का देय।।
संत रामपाल जी वेदों, गीता और कबीर सागर जैसे ग्रंथों के आधार पर नशे के दुष्परिणामों को समझाते हैं।
सतगुरु बिना सुरति नहीं पाटै, खेल मंड्या है सिर के साटै।
सरलार्थ - हमारी सुरति अर्थात् ध्यान संसार के वैभव तथा मोह-ममता में जकड़ी हुई है। सतगुरु के बिना यह सुरति संसार से हटकर परमात्मा में नहीं लगती यानि सांसारिक मोह से नहीं हटती। भक्ति का खेल यदि जीतना है...
#मुक्तिबोध
#नशा_नाशका_कारणहै
संत रामपाल जी महाराज के प्रयास से नशे से मुक्ति के कारण कई परिवारों में महिलाएं सशक्त हुई हैं, क्योंकि उन पर होने वाला अत्याचार समाप्त हुआ है।
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#नशा_नाशका_कारणहै
संत रामपाल जी महाराज नशे को एक व्यक्तिगत समस्या नही��, बल्कि एक गंभीर सामाजिक बुराई के रूप में देखते हैं, क्योंकि शरीर को नुकसान तो पहुँचाता ही है साथ ही भक्ति में भी बाधक है।
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#नशा_नाशका_कारणहै
संत रामपाल जी महाराज के प्रयास से नशे से मुक्ति के कारण कई परिवारों में महिलाएं सशक्त हुई हैं, क्यो���कि उन पर होने वाला अत्याचार समाप्त हुआ है।
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#दहेज_दानव_से_मुक्ति
सतलोक आश्रम इंदौर, मध्यप्रदेश में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में 39 जोड़े दहेज रहित शादी कर विवाह बंधन में बंधे, जिसमें क��सी तरह का दिखावा, फिजूल खर्च नहीं हुआ।
Marriages In 17 Minutes
#दहेज_दानव_से_मुक्ति
सतलोक आश्रम इंदौर, मध्यप्रदेश में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में 39 जोड़े दहेज रहित शादी कर विवाह बंधन में बंधे, जिसमें किसी तरह का दिखावा, फिजूल खर्च नहीं हुआ।
Marriages In 17 Minutes
#दहेज_दानव_से_मुक्ति
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में बन रहा दहेज मुक्त समाज, जिसका नजारा देश की राजधानी दिल्ली स्थित सतलोक आश्रम मुंडका में देखने को मिला। जहाँ 19 जोड़ों का विवाह बिना किसी दहेज के लेनदेन के 17 मिनट में सम्पन्न हुई।
Marriages In 17 Minutesह
#दहेज_दानव_से_मुक्ति
सतलोक आश्रम धवलपुरी, महाराष्ट्र में शास्त्र विधि अनुसार, मात्र 17 मिनट में 15 जोड़ों की दहेज रहित शादी संपन्न हुई; जिसमें एक पैसे का भी लेन देन नहीं हुआ और यह संभव हुआ है संत रामपाल जी की अद्वितीय आध्यात्मिक व सामाजिक शिक्षा के प्रभाव से।
Marriages In 17 Minu
#परमात्माकबीर_जननी_जना_न_माय
कबीर परमात्मा अपने सतलोक से चलकर आते हैं और अपनी प्यारी आत्माओं को ज्ञान बताते हैं। मां के गर्भ से जन्म नहीं लेते।
Kabir Sahib Prakat Diwas
#परमात्माकबीर_जननी_जना_न_माय
नहीं बाप ना माता जाए, अविगत से हम चल आए।
कलियुग में काशी चलि आए। जब हमरे तुम दर्शन पाये।।
आज से करीब 600 वर्ष पहले कबीर साहेब, काशी के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर सशरीर प्रकट हुए थे, उनका जन्म माँ से नहीं हुआ था।
Kabir Sahib Prakat Diwas
#परमात्माकबीर_जननी_जना_न_माय
कबीर साहेब का शिशु रूप में अवतरण आज से लगभग 600 साल पहले भारत की पवित्र भूमि काशी के लहरतारा तालाब में एक विकसित कमल के फूल पर सन् 1398, विक्रमी संवत 1455, ज्येष्ठ मास की पूर्णमासी को हुआ था। उसी अवसर पर कबीर परमात्मा जी का प्रकट दिवस 9-11 जून को मना