दिनांक 23.10.2026 को आयोजित जनता दरबार में बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित होकर पुलिस महानिरीक्षक महोदय, मगध क्षेत्र, गयाजी से मिले तथा अपनी-अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से उन्हें अवगत कराया।
"गम्भीरश्च गुणज्ञश्च स्थिरबुद्धिश्च पार्थिवः ।
एष क्लेशभयं त्यक्त्वा निषेव्यः प्रतिभाति मे ॥"
अर्थात - "राजा गम्भीर स्वभाव का, गुणों का पारखी तथा स्थिर बुद्धि वाला होना चाहिए । ऐसा शासक कठिनाइयों के भय से विचलित हुए बिना अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है और सम्मानपूर्वक सेवा एवं विश्वास के योग्य होता है ।"
#ThursdayThoughts
"शौर्यं धैर्यं च वीरस्य संकटेषु प्रकाशते।
विपदं योऽभिभवत्येव स वीर इति कथ्यते॥"
अर्थात - "वीरता और धैर्य की वास्तविक पहचान संकट के समय होती है । जो व्यक्ति विपत्तियों से घबराने के बजाय उनका सामना करता है, वही सच्चा वीर कहलाता है ।"
#SaturdayThoughts
"दृढसंकल्पयुक्तस्य न लक्ष्यं दूरवर्तते ।
धैर्येण साध्यते सर्वं न मनोरथचिन्तया ॥"
अर्थात - "दृढ़ संकल्प वाले व्यक्ति के लिए लक्ष्य अधिक दूर नहीं रहता । केवल कल्पना करने से नहीं, बल्कि धैर्य और निरन्तर प्रयास से सफलता प्राप्त होती है ।"
#FridayThoughts
#पटना के गांधी मैदान में #LetsInspireBihar के अंतर्गत गतिमान सदस्यता अभियान में पटना अध्याय की कोर टीम के सदस्यों द्वारा अभियान के संदेशों का प्रसार किया गया । बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने सदस्यता ग्रहण करते हुए जाति-संप्रदाय, लिंगभेद और विचारधारात्मक मतभेदों से परे उठकर विकसित बिहार के निर्माण हेतु अंशदान का संकल्प लिया । आइए, मिलकर प्रेरित करें बिहार !
"तदलं प्रतिपक्षमुन्नतेरवलम्ब्य व्यवसायवन्ध्यताम् ।
निवसन्ति पराक्रमाश्रया न विषादेन समं समृद्धयः ॥"
अर्थात - "विरोधी की शक्ति देखकर अपने प्रयास को निष्फल मान लेना उचित नहीं है । समृद्धि और सफलता पराक्रम का आश्रय लेने वालों के साथ रहती हैं, निराश लोगों के साथ नहीं ।"
#FridayThoughts
"विषमोऽपि विगाह्यते नयः कृततीर्थः पयसामिवाशयः ।
स तु तत्र विशेषदुर्लभः सदुपन्यस्यति कृत्यवर्त्म यः ॥"
अर्थात - "जैसे उचित मार्ग बन जाने पर गहरे जलाशय को भी पार किया जा सकता है, वैसे ही नीति का कठिन मार्ग भी सुगम हो जाता है । परन्तु वह व्यक्ति अत्यन्त दुर्लभ है जो उचित समय पर कर्तव्य का सही मार्ग प्रस्तुत कर सके ।"
#ThursdayThoughts
"अभिमानवतो मनस्विनः प्रियमुच्चैः पदमारुरुक्षतः ।
विनिपातनिवर्तनक्षमं मतमालम्बनमात्मपौरुषम् ॥"
अर्थात - "जो स्वाभिमानी और ऊँचे लक्ष्य वाला व्यक्ति महान पद प्राप्त करना चाहता है, उसके लिए अपना पुरुषार्थ ही सबसे बड़ा आधार है । विपत्ति से उबरने की क्षमता आत्मबल और आत्मविश्वास से आती है ।"
#WednesdayThoughts
"देहिनो व्यसनापातवैवश्यामतोपथि ।
अकार्य कुर्वतः कार्य सिद्धः संसाधयेद्विधिः ॥"
अर्थात - "विपत्ति के आघात से विवश मनुष्य जब अकार्य करने लगता है, तब उसका कार्य भी भाग्य के अधीन होकर ही सिद्ध होता है । (भाव - संकट में विवेक खोकर अनुचित कार्य करना परिणामों को अपने नियंत्रण से बाहर कर देता है)"
#SundayThoughts
"आसन्नाभ्युदयं शत्रुं द्वेष्ट्वैव विधिचोदितः ।
शङ्काविष्करणाल्लोके नयेत्संभावनाभुवम् ॥"
अर्थात - "जब कोई शत्रु उन्नति की ओर बढ़ रहा हो, तब उसके सामर्थ्य को समय रहते पहचानना चाहिए और संभावित संकट के संकेतों को स्पष्ट रूप से समझना चाहिए ।"
#SaturdayThoughts
"प्रयत्नवन्तो हि नराः फलन्ति
न निष्क्रियाः केवलदैववादाः ।"
अर्थात - "फल उन्हीं मनुष्यों को मिलता है जो प्रयत्नशील रहते हैं; केवल भाग्य की प्रतीक्षा करने वाले निष्क्रिय व्यक्तियों को सफलता नहीं मिलती ।"
#WednesdayThoughts
I happened to revisit #Kauvadol, #Gayaji, after a gap of over 21 years. I had last visited this ancient site as an ASP (Probationer) during Anti-Naxal Training in the region in July 2005. Today, while travelling to attend a Lok Samvad Goshti organised by Belaganj Police Station—part of the monthly Police-Public Meetings being held at designated public places by every Police Station across Magadh Range on the 2nd Saturday of every month—I noticed that the meeting had been organised close to Kauvadol Hill.
After the meeting concluded, I could not resist the opportunity to explore these ancient remains once again. The revisit was a deeply mixed experience. It was a pleasure to see some recently exposed remains of an ancient Buddhist settlement at this protected site. At the same time, it was deeply saddening to see that several ancient sculptures appear to have suffered further damage over the years, amidst modern constructions and other activities.
Kauvadol is not merely a collection of stones and sculptures. It represents an important chapter in the ancient heritage of Magadh. Historical accounts have also associated the site with the ancient monastery visited by the Chinese pilgrim Xuanzang (Hiuen Tsang) in the 7th century.
The passage of more than two decades made the revisit particularly poignant. It reminded me both of the extraordinary archaeological heritage that survives in and around Gaya Ji and of our collective responsibility to preserve it for generations to come.
I am sharing below the link to my blog, written after my first visit, with details and photographs from that journey -
https://t.co/iRVCXp7iM4
Some places are not merely revisited; they reconnect us with another chapter of our own journey.
दिनांक 11.09.2026 को आयोजित जनता दरबार में बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित होकर पुलिस महानिरीक्षक महोदय, मगध क्षेत्र, गया से मिले तथा अपनी-अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से उन्हें अवगत कराया।
"आरब्धकार्येषु दृढप्रयत्नः
सिद्धिं नयत्येव नरं न दैवम् ।"
अर्थात - "आरम्भ किए हुए कार्य में दृढ़ प्रयत्न करने वाला व्यक्ति अंततः सिद्धि प्राप्त करता है; केवल भाग्य सफलता का आधार नहीं है ।"
#MondayThoughts
"सत्यं हि राज्ञो भूषणं न किरीटन भूषणम् ।
न्यायो हि तस्य वै लक्ष्मीः प्रजास्नेहो महाधनम् ॥"
अर्थात - "राजा का वास्तविक आभूषण मुकुट नहीं, अपितु सत्य है। न्याय उसकी लक्ष्मी है और प्रजा का विश्वास उसका सबसे बड़ा धन है ।"
#MondayThoughts
"शुद्धबुद्धस्वरूपोऽसि न ते सङ्गोऽस्ति केनचित् ।
संसारमायया बद्धो भ्रमसि त्वं निरर्थकम् ॥"
अर्थात - "तुम शुद्ध और ज्ञानस्वरूप हो; वास्तव में किसी से बँधे नहीं हो । केवल माया के भ्रम से स्वयं को बँधा हुआ मानकर व्यर्थ दुःखी होते हो ।"
#SundayThoughts
"एको विशुद्धबोधोऽहमिति निश्चयवान् भव ।
प्रज्वाल्याज्ञानगहनं वीतशोकः सुखी भव ॥"
अर्थात - "दृढ़ निश्चय करो कि "मैं शुद्ध चेतनस्वरूप हूँ ।" इस ज्ञान से अज्ञानरूपी अंधकार को जलाकर शोकमुक्त और सुखी बनो ।"
#SaturdayThoughts
"सुखदुःखे जन्ममृत्यू दैवादेवेत्यनिश्चयी।
साध्यादर्शी निरायासः कुर्वन्नपि न लिप्यते॥"
अर्थात - "जो सुख-दुःख, जन्म-मृत्यु आदि को दैवाधीन समझकर समभाव रखता है, वह बिना मानसिक क्लेश के अपने कर्तव्य करता है और उनसे बंधता नहीं ।"
#FridayThoughts
"यशोधनानां हि यशो गरीयो
न क्षीयते कालविपर्ययेऽपि ।"
अर्थात - "यशस्वी व्यक्तियों का वास्तविक धन उनका यश है, जो समय बीतने पर भी नष्ट नहीं होता ।"
#ThursdayThoughts