मैं पुछु कि "तू कौन होता है ये पूछने वाला " तो कैसा लगेगा आपको महाशय - चाटुकारिता में इतने डूबे कि संस्कार भूल गये खेर जब cm तिलमिला रहे हो
Minster तिलमिला रहे हो आप क्यूँ पीछे रहेंगे खामखा number काट जायेंगे ||
चढ़ावा चोरी | paper लीक | पुलों का गिरना | - ऐसा kro इन सब को भी प्राकृतिक आपदा घोषित करदो |
और सुनो modi जी के साथ तस्वीर का मतलब नहीं है कि कुछ भी बत्तमीजी करोगे आगे से हिसाब से लिखना - इससे सलाह नहीं warning समझना | ऐसा 8-10 बार कर चुके इसीलिए!!
सवाल बारिश से नहीं, उस सिस्टम से है जो हर साल पहली तेज़ बारिश में ही डूब जाता है।
अगर हर विफलता का जवाब सिर्फ़ "प्राकृतिक आपदा" है, तो फिर "Smart City" का दावा किस बात का?