यहाँ तय तो ये भी करना होगा न कि अगर इस देश का युवा स्किल्ड नहीं है तो कौन ज़िम्मेदार..अगर २० पदों के लिए २ लाख बेरोज़गार युवा क़तार में लगा है तो इस अव्यवस्था के लिये कौन ज़िम्मेदार..अगर शिक्षा का स्तर ऐसा है जो इन्हें काबिल नहीं बना पा रहा तो क्या ये युवा ज़िम्मेदार हैं
सभी प्रदेश वासियों को 'विश्व हिंदी दिवस' की हार्दिक बधाई एवं शुभकाम���ाएं!
हिंदी मात्र बोल-चाल की माध्यम नहीं है, अपितु यह संपूर्ण भारत को जोड़ने वाली पावन भाषा-सेतु है। यह भारत को एकात्मता में पिरोती है।
आइए, दैनिक जीवन-व्यवहार में हिंदी भाषा के प्रयोग हेतु संकल्पित हों।