@HansrajMeena किसी भी वर्ग के रूप में आरक्षण देने से क्या फायदा जब सक्षम होने के बाद और भूख बढ़ जाए और सारे संसाधन को अपने तक सीमित रखना चाहे बाकी जो सही हकदार पड़ोसी को न देकर खुद लुट रहे हों
बाबा ब्राह्मण हैं - 40 बीघे के जमींदार थे
जवानिया गांव बाढ़ में बह गया
- लभभग सभी जातियों को जमीन मिला -
इन्हें नहीं मिला
ये ब्राह्मण समाज से है
- जब ये सुखी सम्पन्न थे
तब इन्होंने कई जातियों के लोगों को बसाया था अपने जमीन पर और आज ऐसी हालत है
ब्राह्मण थी - कपड़े गंदे थे - खाने को पैसे नहीं थे
मां दूसरों के यहां काम करती थी - इसलिए भेद भाव करते थे - डांट के पीछे बैठा देते थे
कोई बता सकता इसे भेद भाव जातीय उत्पीड़न कहा जाए या सिर्फ विशेष लोगों पर मोहर लगाई गयी है
दलितों ने ब्राह्मण के घर में घुस कर बुरी तरह मारा भी और उल्टा एससी/ एसटी में जेल भेजवा दिए , घटना फूलपुर प्रयागराज की है , आख़िर इस शासन तंत्र को ब्राह्मणों से इतनी चिढ़ क्यों है ?? सारे ब्राह्मणों को एक ही बार मरवा क्यों नहीं देते ??
@dromsudhaa तुम लिखा किसी को आपत्ति किसी को सुकून दोनों तरह से लोग देखते होंगे तुम जनेऊ पहन या कॉन्डम सबको आपत्ति होगा मेरे को सुकून लेकिन तेरे से कोई झगड़ा तो नहीं करेगा जो मन है करो फर्जी ज्ञान मत दो अब तू बोलेगा मर्द भी साड़ी पहने तो तुम वो पहन लेकिन ज्ञान मत दे आज सब आजाद है तू कर।
@SavitaK74929291 Savita ji bahut आगे जाएंगी इनके सोच से ही लोग बढ़ेंगे जैसे टोपीबाज है बौद्ध धर्म चीन थाईलैंड जापान से भी आगे फैला था लेकिन सविता भाभी को बस यही ज्ञान बांटने लगीं हैं अपना अज्ञान x तक ही सीमित रखिए अपने बच्चे को नहीं बताना नहीं तो फांसी लगा लेगी।