आठ पहर चौसठ घड़ी, घुड़ले ऊपर वास।
सैल अणी स्यूं सैकतो, बाटी दुर्गादास।।
मारवाड़ के अणबिंदिये मोती, वीर सपूत, अदम्य साहस और स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि दुर्गादास जी राठौड़ की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
#DurgaDasRathore
गंभीर हादसे में किसी की जान बचाने के लिये डर या हिचकिचाना कैसा।
मोटर यान संशोधन अधिनियम - 2019 की धारा 134-ए के तहत सड़क दुर्घटना में घायल की सहायता करने वाले को "गुड सेमेरिटन कानून" सुरक्षा प्रदान करता हैं।
यदि आप किसी घायल की मदद करते हैं:
तो पुलिस आपसे पूछताछ नहीं करेगी,
कोर्ट में गवाही देना अनिवार्य नहीं होगा,
और कोई कानूनी दंड भी आप पर नहीं लगेगा।
यह कानून उन नेक नागरिकों को सुरक्षा देता है जो:
स्वेच्छा से मदद करें,
इनाम या स्वार्थ के बिना मदद करें,
और जान बचाने के लिए आगे आएं।
राह-वीर योजना के तहत गंभीर दुर्घटना में पीड़ित की जान बचाने वाले नेक व्यक्ति को 25000 रुपए और प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया जाता है|
याद रखें: घायलों की मदद करना हमारी इंसानियत और संवेदनशीलता का प्रतीक है।
#RajasthanPolice
#GoodSamaritanLaw
#HelpSaveLives
#BeAResponsibleCitizen
#RaahVeerScheme
उम्मीदों के हलधर: आईपीएस विकास कुमार
नाउम्मीदी के बंजर दिलों में उम्मीदों के बीज बोने वाले अधिकारी विरले होते हैं। आईपीएस श्री विकास कुमार उन्हीं में से एक हैं, जिन्होंने जोधपुर संभाग में कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रशासन और जनभावनाओं के बीच सेतु का कार्य किया।
#नशा_विहान
होली उल्लास और आपसी भाईचारे का पर्व है। हर वर्ष जब आमजन रंगों में सराबोर होकर इस उत्सव क��� मनाते हैं, तब राजस्थान पुलिस के जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। परंपरा के अनुसार, धुलंडी के अगले दिन वे अपना होली उत्सव मनाते हैं, लेकिन इस बार प्रदेश में हमारे जवानों ने अपनी जायज मांगों को लेकर इस उत्सव से दूरी बना ली है।
हाल ही में राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान भी इन मांगों को सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया गया था। आज, जब हमारे सुरक्षा प्रहरी स्वयं उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, तो यह सरकार के लिए आत्मचिंतन का विषय होना चाहिए। पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते ह���ं, और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
मैं सरकार से आग्रह करता हूँ कि राजस्थान पुलिस के जवानों की मांगों को गंभीरता से लें और उन पर सकारात्मक निर्णय लेकर पुलिसकर्मियों को उनके अधिकार दिलाएं, ताकि वे भी होली के इस पावन पर्व को उल्लासपूर्वक मना सकें।
@BhajanlalBjp @RajCMO
#राजस्थान_पुलिस
नाबालिगों को वाहन चलाने की आदत न डालें,
अभिभावक का कर्तव्य है, सही राह दिखाएं,
मोटर यान (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 199A के तहत तय आयुसीमा से पहले बच्चों के वाहन चलाने पर अभिभावक/वाहन मालि�� को ₹25,000 का जुर्माना और 3 साल की कैद हो सकती है।
समझदार बनें, जिम्मेदार बनें!
#RajasthanPolice
#SafetyFirst
#ParentalResponsibility
#MotorVehicleAmendmentAct2019
सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन मानवता व वीरता की मिसाल है।
उन्होंने अपने मानवता के संदेश से ना सिर्फ सिख धर्म अपितु पूरे समाज को नई राह दिखाई थी।
#राजस्थान_पुलिस क��� ओर से गुरु गोबिंद सिंह जयंती की शुभकामनाएं।
#GuruGobindSinghJi #GuruGobindSinghJayanti #RajasthanPolice
स्व. श्री करणीदान (उपनिरीक्षक) पदस्थापन्न - जिला विशेष टीम का कल दिनांक 02 जनवरी 2025 को स्वर्गवास होने से जिला जोधपुर ग्रामीण पुलिस नम आँखों से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते है, तथा उनके परिवार को यह वज्रघात सहने के लिए ईश्��र से सबल की प्रार्थना करते है l
मोबाइल खोने या चोरी होने की घटना को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
आपके खोए या चोरी हुए फोन का गलत उपयोग न हो इसके लिए जरूरी है कि इसकी रिपोर्ट स्थानीय पुलिस थाने में करने के साथ ही https://t.co/BUjXDwoaqO के Block Stolen/Lost Mobile सेक्शन में जाकर मोबाइल को ब्लॉक करें।
राजस्थान पुलिस आपकी सहायता के लिए हर समय तैयार है, आप भी अपनी भूमिका समझदारी से निभाएं।
#RajasthanPolice
सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो डाल कर माहौल बिगाड़ना गैरकानूनी है।
ह��ियारों का सोशल मीडिया पर प्रदर्शन करना आर्म्स एक्ट 1959 व आईटी एक्ट 2000 के तहत दंडनीय है।
सोशल मीडिया पर हीरो बनने के चक्कर में न करें अपने भविष्य के साथ खिलवाड़, हथियारों से बनाएं दूरी।
#RajasthanPolice #StayLegal #SayNoToWeapons #SocialMediaResponsibility #ArmsAct #ITAct
चौपहिया वाहन में ड्राइवर के साथ ही फ्रंट व बैक सीट पर बैठी सभी सवारियों के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है।
मोटर वाह�� (संशोधन) अधिनियम, 2019 के मुताबिक बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने या किसी सवारी के बिना सीट बेल्ट लगाए पाया जाने पर 1000 रुपए जुर्माने का प्रावधान है।
सुरक्षा को अनदेखा न करें, सीट बेल्ट पहनें, सुरक्षित रहें।
#RajasthanPolice #RoadSafety
सर्दियों के मौसम में धुंध व कोहरे के चलते सड़क दु��्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है।
वाहन चलाते समय सावधानी बरतें तो धुंध के कारण होने वाले हादसों पर लगाम लगाई जा सकती है।
धुंध में ड्राइविंग करते समय सभी जरूरी सावधानियां अपनाएं, अपने साथ दूसरे वाहनों के सफर को भी सुरक्षित बनाएं।
#RajasthanPolice #RoadSafety #DriveSafe
#WinterDrivingTips
हौसले की ऐसी उड़ान भरी वास्तविक गाथा जो आत्मा को छू जाएगी।
आज हमारे सामने संघर्ष की एक ऐसी विराट कहानी है जिसकी नायिका आपके और मेरे जैसे सामान्य परिवार से आती है। यह नायिका ईश्वर प्रदत्त क्रूर परिस्थित��� के कठोर पत्थरों को आपस में रगड़ते हुए चिंगारी बनकर निकली और आज शिक्षा जगत् में सफलता की एक महान प्रेरणा चुकी है।
यह चिंगारी अब एक ऐसी मशाल बनी जो इसी नायिका के जैसी हजारों लाखों बेटियों के जीवन में नए प्रकाश,ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगी।इस हक़ीक़त की नायिका का नाम खुशबू चारण है। खुशबू का जन्म फ़लौदी के एक छोटे से गांव नोखडा चारणान में फौज के कैप्टन देवी दान सिंह जी के घर में हुआ। ��पने चार बहन भाइयों में खुशबू सबसे बड़ी तथा अपने पिता जयप्रकाश सिंह की सबसे लाडली बिटिया है।
स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद माता-पिता की इच्छा के अनुसार खुशबू की शादी जैसलमेर जिले के पोकरण कस्बे के पास स्थित बारहठ का गांव निवासी नरेंद्र सिंह जी के साथ बड़ी धूम धाम से संपन्न हुआ। विवाह पश्��ात अपने ससुराल में खुशबू एक सुशील बहु बनकर हर किसी के मन को मोह रही थी। खुशबु का जीवन सुन्दर ढंग से व्यतीत हो रहा था। समय अपने सबसे सुंदर दृश्य दिखाने लगा और विवाह के डेढ़ वर्ष बाद खुशबू को एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। नए घर में नई जिम्मेदारियों के साथ जीवन पटरी पर रफ्तार पकड़ चुका था।
इस समय खुशबू के हंसते निखरते जीवन में साथ प्रकृति ने एक क्रूर अन्याय का विधान रच डाला। खुशबू के जीवन में एक ऐसा कठोर मोड़ आ गया जो किसी भी विवाहित स्त्री के लिए सबसे मुश्किल, कठोर और हिम्मत को तोड़ देने वाला होता है। विवाह के 1.5 वर्ष बाद ही खुशबू के पति नरेंद्र सिंह का एक दुर्घटना में निधन हो गया था।
अपने जीवन में आए इस भयंकर भारी उथल-पुथल से खुशबू का टूट जाना एक सामान्य और स्वाभाविक प्रक्रिया सी थी। इस दुर्घटना सके बाद खुशबू की स्थिति की कल्पना करना भी सामान्य व्यक्ति के बस की ��ात नहीं है।
जैसे-जैसे समय बीतता गया खुशबू के ससुर जी ने अपने इकलौते पुत्र को खो देने के दर्द को भूलते हुए खुशबू को शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। दूसरी तरफ खुशबू के माता-पिता, काकोसा दिनेश जी भी यही चाहते थे कि अब खुशबू अपना ध्यान पूरे तरीके से अपने भविष्य के निर्माण में लगायें।
खुशबू के ससुर जी को यह मालूम था कि इस कठोर और बुरे वक्त को निकालने के लिए खुशबू को पुन��� अपनी पढ़ाई प्रारंभ करनी होगी। दोनों परिवारों ने खुशबू का हौसला अफजाई किया इससे खुशबू में एक नई ऊर्जा का झरना फुट पड़ा।
ऐसे में अपने ससुराल में रहते हुए खुशबू अनेक भूमिकाओं के निर्वाहन की उत्तरदायित्व को उठाने का निर्णय लिया। भूमिका एक मां की, भूमिका इकलौती बहु का बनकर अपने सास ससुर की सेवा की, और इन सब के साथ अब एक अभ्यर्थी के रूप में स्वयं को सफ़ल करने की भूमिका भी आ चुकी थी।
विवाह के समय खुशबू अपनी बीएसटीसी प��र्ण करके पढ़ाई छोड़ चुकी थी। जहां ऐसी विकट परिस्थितियों में एक आम औरतें पूर्णतया टूट कर पीहर के भरोसे बैठ जाती वही खुशबू ससुराल ने ससुराल के समस्त दायित्व निभाते हुए आत्मनिर्भर बनने की राह को ठान लिया था।
वर्ष 2008 में 12वीं उत्तीर्ण करके पढ़ाई छोड़ चुकी खुशबू ने 2015 में अपना स्नातक पूरा किया 2016 में बीएड उत्तीर्ण की थी। इसी वर्ष आई तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में चयनित होकर अपनी प्रतिभा के छोटे ���े नमूने को प्रस्तुत कर दिया था। खुशबू की जिजीविषा अब वृहद आकार ग्रहण कर चुकी थी। 2018 में खुशबू ने द्वितीय श्रेणी अध्यापक की परीक्षा को भी उत्तीर्ण सफलता एक ओर परचम अपने नाम कर लिया था।
2019 में खुशबू ने अधिस्नातक की डिग्री भी पूरी कर ली और इसी वर्ष यूजीसी द्वारा आयोजित NET परीक्षा हिंदी विषय से उत्तीर्ण कर फिर से अपनी बुद्धिमता का परिचय दिया। परिवार की प्रेरणा और आत्मनिर्भरता की लग्न ने खुशबू ���ो मुड़कर देखने का अवसर ही नहीं दिया। सफ़लता के इसी क्र�� में वर्ष 2020 एक और खुशी की सौगात लेकर आया और इस वर्ष खुशबू का चयन हिन्दी विषय से स्कूल व्याख्याता के पद पर हुआ।
इसके बाद 2021 में खुशबू ने पीएचडी करने के लिए पात्रता परीक्षा पास कर उदयपुर विश्वविद्यालय में दाखिला ले लिया तथा पीएचडी का विषय मनीषा कुलश्रेष्ठ के कथा साहित्य में स्त्री संवेदना को चुना।
हौसले और प्रतिभा की मिसाल खुशबू यहीं नहीं रुकी शिक्षा क्षेत्र में सर्वोच्च परीक्षा कॉलेज लेक्���रर हेतु खुशबू ने अपने पहले ही प्रयास में इंटरव्यू कॉल तक का सफर तय किया और इस वर्ष 2024 में दूसरे प्रयास में अभी तीन दिन पूर्व जारी हुए परिणाम में सामान्य श्रेणी से 151 वीं रैंक के साथ अपना स्थान सुनिश्चित किया है।