@kharge यार खड़के ताऊ, तेरी कोई मानता तो है नहीं, जबरदस्ती क्यों लिखवाता रहता है। कब तक इन बेवकूफ नकली परिवार के चरणचुंबन करोगे। आओ चलो राजनीति से संन्यास ले लें और अकूत दौलत जो जमा की है, उसके मजे लेवे। आजा थाईलैंड चलते हैं और देखते हैं कि पप्पू वहां क्या करवाता था?
संघर्ष करने के लिए भी कंगलेटों को दिहाड़ी पर भीड़ लानी पड़ती है। मान ��ाओ पप्पू को जनता प्रधानमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहती। इसकी जगह शशि थरूर को लाओ। इस पप्पू को तो देश की अर्थव्यवस्था के बारे में कुछ ज्ञान ही नहीं है। तुम हार इसलिए रहे हो कि हम जनता ही तुमको वोट नहीं दे रही।