गोवंश और पशुधन पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था का आधार स्तंभ हैं। इस वर्ष राजस्थान में पूर्व मानसून वर्षा 52% कम हुई हैं, जिसका सीधा प्रभाव स्थानीय पशुधन और कृषि गतिविधियों पर पड़ा हैं। उक्त संदर्भ में पूर्व में भी सरकार को पत्र लिखकर सचेत करने का प्रयास किया गया था कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पशु शिविर अपरिहार्य है। लेकिन सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और परिणाम 200 से अधिक गायें काल की ग्रास बन गई। सरकार के लिए यह मात्र एक आंकड़ा है, जबकि पशुपालको के लिए उनके जीविकोपार्जन का एक मात्र सहारा है।
मानसून आने में कु�� ही समय बाकी हैं। भगवान ना करें की मानसून से साथ कोई संक्रामक बीमारी आए, और यदि ऐसा हुआ तो सरकार के पास क्या विजन हैं? क्या सरकारी पूर्व नियोजन हैं? क्या सरकारी रूपरेखा हैं?
आज से 2 साल पहले लंपि बीमारी ने जो भयावह स्थिति पैदा की थी, उसे मैंने बहुत नजदीकी से देखा हैं।हमारी टीम ने रात दिन एक करके गायों का टीकाकरण किया था।उसको याद करने मात्र से रूह कांप जाती हैं। आंगन में बिखरी गायों की लाशे, करुण क्रंदन करते किसान, बर्बाद होती अर्थव्यवस्था, गौण और मौन प्रशासन,लाचार और बेबस सरकार...........
सरकार की तरफ से ना कोई समिति बनी, ना ही कारणों का विश्लेषण हुआ, ना प्रशासनिक सक्रियता दिखी और सबसे बढ़कर सरकार में ना गायों के प्रति संवेदना दिखी और ना किसानों के प्रति हमदर्दी....
सवाल यह है कि ��रकार के लिए गोवंश संरक्षण प्राथमिकता क्यों नहीं?
सवाल यह है कि समस्या का सरकारी पूर्व नियोजन क्यों नहीं हो रहा?
सवाल यह है कि आग लगने के बाद ही कुआं क्यों खोदा जाता हैं?
सवाल यह है कि बाद में खोदा गया कुआं क्या आग बुझा पाएगा?
9000 वर्ग किलोमीटर में फैली है शिव विधानसभा...
160 स्वीकृत पशु चिकित्सक पद हैं। और भयावाह स्थिति यह है कि 126 पद रिक्त हैं।
सवाल यह है कि 79% रिक्त पदों के साथ हम पशुधन संरक्षण कैसे करेंगे?
सरहद के लोगों को हाशिए पर छोड़ना कहां तक न्याय संगत हैं?
@RajCMO
राजा नहीं फकीर है, देश की तकदीर है।
बाबा साहेब ने दलितों को आरक्षण दिलाने में महत्ती भूमिका अदा की तो आज वो घर घर पूजे जाते है। ठीक ऐसे ही भारत के पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी.सिंह जी ने मंडल कमीशन के आधार पर समाज के पिछड़े वर्ग को ‘OBC’ आरक्षण रूपी संजीवनी दी।
इन्होंने डॉ. अम्बेडकर को भ��रत रत्न दिया, बौद्धों को आरक्षण दिया।
पर उन्हे पूजा जाना तो दूर उनकी जयंती तक याद नहीं आती।
क्या कारण है इसका, सिर्फ यही कि वो ठाकुर थे ?
या इस देश में सिर्फ ठाकुरों के गुनाहों को ही गिनाया जायेगा उनके गुणों को नहीं। इस देश के लिए हर प्रकार से अचिंत्य बलिदान देने वाली कौम के प्रति इस प्रकार का उपेक्षित भाव जब नज़र आता है तो बड़ी पीड़ा होती हैं।
इतनी सेलेक्टिव एप्रोच, इतना दोगलापन शायद दुनिया क��� किसी और देश में नहीं होता होगा।
#VPSingh_Guardian_of_SocialJustice
कल पीएम मोदी ने जामनगर में जन सभा की थी। आज क्षत्रिय समुदाय ने जामनगर में ही अस्मिता संमेलन कर दिया।
क्षत्रिय आंदोलन से आणंद और दूसरे नंबर पर जामनगर लोकसभा सीट पर नुक़सान उठाना पड़ सकता हैं।
#राजपूत_विरोधी_भाजपा@BJP4India
सबसे पहले दलित समाज को सहभागी #सहभागी_समाज के नाम से सुशोभित करने वाले विराट व्यक्तित्व के जन्म दिन पर सभी मेरे साथ लिखें #happybirthdaykesari 🦅
आपका comment में लिखा जन्म दिन संदेश उन तक प्रेषित है 🙏🤠
महान सेनानी राणा सांगा
जन्म दिवस -12 अप्रैल
राणा सांगा :- नाम ही काफी है !!
राणा सांगा ने अपने जीबन में सैकड़ो युद्ध जीते ,और उस समय की स्लामिक ताकतों को वर्षों तक घुटनो पर छुकाये रहे .
#राणा_सांगा ने , इब्राहिम लोधी, बाबर , महमूद खिलजी जैसे स्लामिक शासकों को कई बार युद्ध मे धूल चटाई थी ...
मेवाड़ योद्धाओं की भूमि है, यहाँ कई शूरवीरों ने जन्म लिया और अपने कर्तव्य का प्रवाह किया । उन्ही उत्कृष्ट मणियों में से एक थे राणा सांगा । पूरा नाम महाराणा संग्राम सिंह । वैसे तो मेवाड़ के हर राणा की तरह इनका पूरा जीवन भी युद्ध के इर्द-गिर्द ही बीता लेकिन इनकी कहानी थोड़ी अलग है । एक हाथ , एक आँख, और एक पैर के पूर्णतः क्षतिग्रस्त ह��ने के बावजूद इन्होंने ज़िन्दगी से हार नही मानी और कई युद्ध लड़े ।
ज़रा सोचिए कैसा दृश्य रहा होगा जब वो शूरवीर अपने शरीर मे 80 घाव होने के बावजूद, एक आँख, एक हाथ और एक पैर पूर्णतः क्षतिग्रस्त होने के बावजूद जब वो लड़ने जाते थे ।।
अस्सी घाव लगे थे तन पे ।
फिर भी व्यथा नहीं थी मन में ।।
जय मेवाड़ !
महाराणा संग्राम सिंह ❤️
राजा रामचंद्र की जय 🙏🚩
@rajput_of_india 🏹
क्षत्रिय सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार प्रतिमा (कैथल) पर विवादित नेम्पलेट को उच्च न्यायालय हरियाणा & पंजाब आदेशानुसार ढक दिया गया है..!!
#rajputs_of_haryana
#शिवमंगलसिंहसुमन
जी,
स्मृति सुखद प्रहरों के लिए
अपने खण्डहरों के लिए
यह जान लो मैं विश्व की सम्पत्ति चाहूँगा नहीं।
वरदान माँगूँगा नहीं।
चाहे हृदय को ताप दो
चाहे ��ुझे अभिशाप दो
कुछ भी करो कर्त्तव्य पथ से किन्तु भागूँगा नहीं।
वरदान माँगूँगा नहीं।
#क्षत्रियरत्न
#भारतरत्न
सख्ती थोड़ी लाज़िम है, पर पत्थर होना ठीक नहीं
हिंदू मुस्लिम वाज़िब है, पर कट्टर होना ठीक नहीं
❤️❤️❤️ जिया हो बिहार के लाला 🙏🙏🙏
शेर~ए~बिहार श्री आनंद मोहन सिंह जैसा कोई नहीं, दउआ को सादर प्रणाम 🙏
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