केजरीवाल जी ने कहा था, एक साल दे दो, पंजाब में पराली जलना बंद करवा दूंगा। साल बीतते गए। किसान मदद का इंतजार करते रहे और ‘आप’दा सरकार उन्हें पराली जलाने की मजबूरी से निकालने के बजाय उनके हाल पर छोड़कर बैठी रही।
तरनतारन में फिर पराली जलनी शुरू हो गई है।
केंद्र सरकार ने पैसा दिया, मशीनें दीं, सब्सिडी दी, फिर भी भगवंत मान जी और केजरीवाल जी की ‘आप’दा सरकार जमीन पर व्यवस्था तक नहीं कर सकी। संसाधन पूरे मिले, लेकिन नीयत, इच्छाशक्ति और जवाबदेही तीनों फेल हैं।
दिल्ली की जनता ने केजरीवाल जी को नकार दिया। क्या अब वो उस करारी हार की खीझ दिल्लीवालों पर निकाल रहे हैं?
हम दिल्ली की हवा सुधारने के लिए दिन-रात नए समाधान जमीन पर उतार रहे हैं। उधर पंजाब में पराली की आग ने ही ‘आप’दा सरकार की पोल खोल दी है। न तैयारी है, न समाधान। बस झूठे वादे और किसानों के साथ धोखा।
Stubble burning has already started in Punjab and will continue for the next few months. Then Diwali will be blamed for the pollution in Delhi-NCR.
Btw, Kejriwal used to talk about a solution to curb stubble burning, which he forgot after getting into power.