नाम:- भुक्या गौतमी
पद:- स्कूल टीचर
मीडिया ट्रोलिंग ओर बड़े अधिकारियों के दुर्व्यवहार के कारण इन्होंने अपनी नौकरी से खुद रिजाइन दे दिया....!
पूरा मामला भुक्या गौतमी तेलंगाना के स्कूल में इंग्लिश टीचर थी लेकिन इनकी रील बनाने का काफी श��क था और स्कूल के समय इन्होंने काफी रील बनाई थी जिसके चलते DEO ने इन्हें सस्पेंड कर दिया था
भुक्या ने बाद में माफी मांग के बोल दिया था कि मैने अनजाने में रील बनाई है
भुक्ता DEO के पास RE ज्वाइनिंग के लिए गई तो उन्हें पूरे दिन इंतजार करवाया ओर मिलने से मना कर दिया ओर बेहद रुड बर्ताव किया ओर बाहर कर दिए
सोशल मीडिया पर भी भारी ट्रोलिंग झेल रही है
लेकिन ये सब से तंग आकर खुद भुक्ता ने अपना सरकती नौकरी से रिजाइन दे दिया
भुक्ता ने वीडियो अपने घर पर बनाए थे,
फ्री टाइम में अपने घर पर रील बनाना कब से गलत हो गया
न जाने कितने कांस्टेबल भी रील बनाते है
अपने घर फिर इन मैडम के साथ क्यों गलत किया😪
एक युवक लुलु माल में घर के लिए रिफाइंड तेल खरीदने गया था बोर्ड पर साफ लिखा था कि 1 लीटर KINGS सोयाबीन तेल 165 रूपये का है।
लेकिन जब युवक ने पैकेट ध्यान से देखा तो उस पर 750 ग्राम प्रिंट हुआ था।
उसने बोला भाई ऊपर बोर्ड पर 1 लीटर लिखा है फिर 750 ग्राम कैसे निकल जा...Open news
"शहजाद पूनावाला"
साल 2017 की बात है। कांग्रेस में सक्रिय एक युवा चेहरा, शहजाद पूनावाला, पार्टी की अंदरूनी प्रक्रिया से नाराज होकर बाहर निकलता है। वह भाजपा के दरवाजे पर दस्तक देता है। मुस्लिम समुदाय से आने वाला यह वकील जल्दी ही पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बन जाता है। टीवी डिबेट्स में उसकी तेज तर्कशक्ति पार्टी के लिए ढाल बन जाती है। साल दर साल वह प्राइम टाइम का जाना-पहचाना चेहरा बना र��ता है।
लगभग नौ साल बीत जाते हैं। जुलाई 2026 की एक शाम, सियासी गलियारों में हलचल मच जाती है। शहजाद पूनावाला ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वजह बताई गई है पारिवारिक और निजी कारण। कोई आरोप नहीं, कोई नाराजगी नहीं, बस एक साफ-सुथरा निकास। उसी समय उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर बदलाव नजर आता है।
बायो ��े बीजेपी का नाम गायब हो जाता है।
अब लिखा है धर्म इस्लाम, संस्कृति हिंदू, विचारधारा भारतीय, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आजीवन अनुयायी।
यह कहानी सिर्फ एक इस्तीफे की नहीं है। यह उस सफर की है जिसमें एक नेता एक पार्टी से दूसरी पार्टी पहुंचा, फिर एक दिन चुपचाप किनारे हो गया। सियासत में अक्सर ऐसे मोड़ आते हैं जब व्यक्तिगत जीवन पार्टी की जिम्मेदारियों से भारी पड़ जाता है। कभी स्वास्थ्य, कभी परिवार, कभी थकान। कभी अंदरूनी समीकरण भी निजी कारणों के पीछे छिप जाते हैं। पूनावाला ने कोई नाटकीयता नहीं दिखाई। उन्होंने पुराने इंटरव्यू भी शेयर किए थे जिनमें सक्रिय राजनीति से दूर होने की बात कही थी।
सियासी हलकों में अब अटकलें हैं। क्या यह पूरी तरह राजनीति से संन्यास है या सिर्फ पार्टी की सदस्यता से दूरी?
क्या भविष्य में कोई नया ��ंच चुना जाएगा?
फिलहाल कहानी यहीं रुकी हुई है। एक तेज तर्रार प्रवक्ता का सफर, कांग्रेस से भाजपा और फिर निजी जीवन की ओर।
भारतीय राजनीति में ऐसे अध्याय बार-बार लिखे जाते हैं। हर इस्तीफा एक नई कहानी लेकर आता है, और शहजाद पूनावाला की यह कहानी अभी ताजा है।
ओर ठीक 4 साल पहले में भी अपने पद दायित्व ओर जिम्मेदारी छोड़
सिर्फ एक लाइन लिख बोल आया था
मोदी का भक्त ओर भारत मां का बेटा
राष्ट्रभक्त स्वाभ��मानी .....
@Bhumika_2024 गैस डिलीवरी के दौरान अनोखा वाकया… डिलीवरी बॉय ने निजी मजबूरी बताई तो ग्राहक ने गुस्से की जगह इंसानियत दिखाई और खुद ���िलेंडर ले गई, हालांकि होम डिलीवरी की जिम्मेदारी कंपनी और डिलीवरी सिस्टम की होती है।
दिल्ली चांदनी चौक की रहने वाली इस गरीब लड़की ने कल शाम को, ₹1040 रुपए में HP Gas सिलेंडर होम डिलीवरी बुकिंग किया।
डिलीवरी बॉय आया 1 किलोमीटर दूर से फोन किया, मैडम आपका गैस बुकिंग आ गया है लेकर जाइए, लड़की गुस्सा हो गई मैं पूरे ₹1040 रुपए दिए हैं।
होम डिलीवरी का मतलब क्या होता है घर पहुंचना, लड़का बोला मैडम आप आ जाइए मुझे किसी खास सेलिब्रेशन में जाना है।
लड़की ने कारण पूछा डिलीवरी बॉय बोला आज मेरी गर्लफ्रेंड का बर्थडे है इसलिए मजबूरी से Gas बुकिंग करने आना पड़ा, लड़की ने इंसानियत दिखाई और अपनी scooty पर Gas सिलेंडर लेकर गई।
बड़ी खबर :
फेसबुक ने मोदी जी का वीडियो टेक्निकल दिक्कत की वजह से नहीं हटाया।
इसे हटाने की मंज़ूरी भारत में Meta के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने दी थी जो समुदाय विशेष का है
20 जुलाई को दिल्ली में पुलिस और CJP प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में घायल हुए द���ल्ली पुलिस के एक एसीपी की पत्नी ने कहा:
“20 जुलाई की रात जब मेरे पति घायल अवस्था में घर लौटे, तो वह पल मेरे और मेरी दो साल क��� बेटी के लिए बेहद दर्दनाक और भयावह था। आज मैं दिल्ली पुलिस के अन्य जवानों के परिवारों के साथ यहां आई हूं, ताकि हम अपनी पीड़ा सबके सामने रख सकें।”
#WeStandWithDelhiPolice
सुबह का सीन नोएडा मेट्रो में 🔥
आर्मी और सनातन
को गाली देने वाला कॉकरोच मिल गया...
बस फिर क्या था.. अंकल आंटी बहन भाई सबने मिलकर
दे दनादन.. दे दनादन.. दे दनादन 🚨
कल रात करीब 10 बजे की बात है।
मैं खाना खा के बैठा ही था कि तभी गर्लफ्रेंड का मैसेज आया।
उसने लिखा यार… मेरे फोन की आवाज नहीं आ रही है कुछ समझ नहीं आ रहा का करूं।
मैंने कहा अरे कल देख लेंगे, शायद कोई सेटिंग की दिक्कत होगी।
वो बोली ना जी, अब तो नया फोन लेना पड़ेगा।
तुम दिला दो ना एक।
मैंने कहा,अभी थोड़ा पैसा कम है।
कुछ दिन रुक जाओ फिर देखेंगे।
उसका जवाब आया तुम्हारा हमेशा का यही है जब कुछ लेने की बात आती है तो पैसे नहीं होते।
फिर बोली,अब जब फोन खरीदने का मन हो तभी मैसेज करना।
मैं सोच में पड़ गया
कहीं सच में नाराज न हो जाए।
मैंने फिर पूछा अच्छा बताओ कौन सा फोन चाहिए?
उसने कहा बही जी… जो आजकल सब लोग ले रहे हैं… आईफोन का लेटेस्ट वाला।
ये सुनकर मैं थोड़ा शांत हो गया
क्योंकि मेरी महीने की कमाई सिर्फ 15,000 है।
इतने में घर के खर्च जरूरत और बचत सब देखना पड़ता है।
आईफोन खरीदना मेरे लिए सिर्फ फोन नहीं कई महीनों की मेहनत की कमाई है।
क्योंकि मैने सुना है ये फोन बहुत महंगा मिलता है।
वैसे आप लोग बताओ आईफोन का लेटेस्ट मॉडल कितने का आता है?
क्या 15,000 महीने की कमाई वाला इंसान इसे खरीद सकता है?
Girlfriend ka khyal rakhna bhi kabhi-kabhi bahut muskil kaam hota hai ❤️
पेपर्स लीक की घटना में धर्मेंद्र प्रधान की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी, क्योंकि पेपर लीक उन्होंने नहीं कराया था। लेकिन शिक्षा मंत्री होने के नाते पूरे सिस्टम की जवाबदेही उनके ऊपर बनती थी, इसलिए उनसे उत्तरदायित्�� की अपेक्षा की गई और अंततः उन्हें इसकी राजनीतिक जिम्मेदारी भी लेनी पड़ी।
ठीक उसी तरह, जब किसी आंदोलन या प्रदर्शन का नेतृत्व आप करते हैं और लोगों को उसके लिए संगठित करते हैं, तो उस प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, अराजकता या किसी भी अप्रिय घटना की नैतिक और सार्वजनिक जवाबदेही भी आपसे जुड़ती है। केवल भीड़ जुटाने का श्रेय लेना और फिर हिंसा होने पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेना उचित नहीं है।
जिम्मेदारी केवल सफलता की नहीं होती, परिणामों की भी होती है।
यदि नेतृत्व आपका था, तो जवाबदेही से बचना संभव नहीं है।
ये वडा पाव गर्ल है.जब इसका वडा पाव वाला वीडियो चौपट होने लग गया
तब इसने अब्दुल से अफेयर करके फिर से अपनी रीच को बढ़ाया
फिर अब्दुल भी भाग गया तो इसे लगा कि चलो कॉकरोचों के रास्ते पर चलते हैं नेता बनते हैं
इसने पीयूष गोयल की एआई जेनरेटेड वीडियो बनाई और पोस्ट किया
अब असलियत पकड़ी गई है तो इसका फट के फ्लावर हो गया है
🚨 पीएम मोदी को गाली देने वाली एक और कॉकरोचनी को पुलिस घर से खींच-खींच कर ले गई ।
आई लपेटे में…
अब सब रगड़े जाएंगे, कोई बचाने नहीं आए��ा 😊🤟
ये देश संविधान से चलेगा अराजकता से नहीं
🚨 ✅ एक और NEET टॉप�� और भविष्य की डॉक्टर पुलिस के हत्थे चढ़ गईं ⚡
मास्क पहनकर घूम रही थी फिर भी पुलिस के पास उसकी सारी डिटेल्स थीं… 🪳🪳🪳🪳🪳
अब अभिजीत दीपके बचाने आयेगा क्या इसको ??