देश में डिबेट हो रहा है किस विज्ञापन में किसने क्या पहना
वहीं दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में बलराज नाम के इस दरिंदे ने पहले 6 साल की बच्ची का रेप किया फिर उसकी लाश को बोरे में भर कर ले जा रहा था
अब कोई आक्रोशित नहीं हुआ? कोई भावनाएं आहत नहीं हो रहीं?
मैनपुरी की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक चलती स्लीपर बस में ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना न केवल बेहद शर्मनाक और भयावह है, बल्कि निर्भया कांड के बाद बनाए गए महिला सुरक्षा के नियमों और सरकारी निगरानी व्यवस्था की गंभीर अनदेखी को भी उजागर करती है।
माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश और मोटर वाहन नियमों के तहत यात्री बसों में ऐसी व्यवस्था पर रोक है, जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई न दें। इसके बावजूद बस की खिड़कियों पर गहरे पर्दे लगे थे, जिससे अंदर हो रही दरिंदगी बाहर से पूरी तरह छिपी रही। कमर्शियल यात्री वाहनों में लाइव VLTD और पैनिक बटन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं और इन्हें कंट्रोल रूम से जुड़ा होना चाहिए। सवाल है कि घटना के दौरान इन सुरक्षा प्रणालियों से कोई अलर्ट क्यों नहीं मिला?
इसी तरह वाणिज्यिक बसों के चालक और परिचालक के पुलिस सत्यापन तथा यूनिफॉर्म पर नेमप्लेट जैसी व्यवस्थाएं निर्धारित हैं। लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV जैसी निगरानी व्यवस्था भी जरूरी है। इसके बावजूद करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान बस की प्रभावी निगरानी और जांच क्यों नहीं हुई? बस के भीतर CCTV और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं थीं या नहीं, इसकी जांच क्यों नहीं हुई?
यह घटना सुरक्षा नियमों के पालन, सरकारी निगरानी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। निर्भया कांड के 14 साल बाद भी यदि बेटियां सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित नहीं हैं और सुरक्षा के लिए बनाए गए नियम कागजों तक सीमित हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
“राजधानी एक बार फिर शर्मसार।”
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मां बाप से पैसे लिए इलाज किया फिर गंभीर बच्चे को अस्पताल से बाहर कर दिया माता-पिता बच्चे को लेकर बाहर बैठे है क्या यही सिस्टम है भारत देश का 😡
सभी साथी सपोर्ट करिए ये सामाजिक मुद्दा है करवाई होनी चाहिए
ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट की दूरी 47 KM है। इसी बीच 16 वर्षीय छात्रा से बस में दरिंदगी हुई। इस पूरे रूट में उत्तर प्रदेश और दिल्ली दोनों राज्यों का क्षेत्र आता है। यह बात भी सही है कि पुलिस को कैसे पता चलेगा कि पर्दे लगी हुई चलती बस के अंदर क्या हो रहा है? लेकिन कानून और पुलिस का इतना खौफ होना चाहिए कि दरिंदे ऐसी घटनाएं करने से पहले हजार बार सोचें।
देश की राजधानी दिल्ली में चलती बस में छात्रा से गैंगरेप !!
पीड़ित 16 वर्षीय छात्रा मैनपुरी, यूपी की रहने वाली है। घरवालों से नाराज होकर नोएडा में अपने चचेरे भाई/बहन के पास आ रही थी। ग्रेटर नोएडा में परी चौक पर स्लीपर बस में बैठ गई। बस में ड्राइवर/कंडक्टर ने रेप किया और उसे दिल्ली में कश्मीरी गेट बस अड्डे पर उतार दिया। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर कुलदीप, कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया।
स्लीपर बस में पर्दे लगे थे, इसलिए अंदर का किसी को दिखाई नहीं दिया। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली कश्मीरी गेट की दूरी 47 KM है।
देवरिया की DM रहीं देश की बहुचर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 वर्ष की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है 👇🏻
वर्तमान में वो यूपी सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं
उन्होंने अपने पत्र में एक अजीब सी बात कही कि- "हर फाइल के पीछे एक व्यक्ति है और उसकी गरिमा बनाए रखना ही न्याय है। मूर्ख थी जो सोचा था कुछ देने आईं हूं"
उनके इस्तीफे को लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं...!!
ग़ज़ब की वक्ता है ये लड़की नेहा वोरा।
पारदर्शी समझ और समझाने के लिए तरल भाषा।
सधी हुई आक्रामकता उस पर चार चांद लगा देती है।
ये साढ़े छह मिनट मोदी सरकार के फासीवाद को उजागर करने के लिए काफ़ी हैं।
राहुल जी के खिलाफ FIR को मुद्दा बनाना छोड़िए।
जिस व्यक्ति के ख़िलाफ़ बीजेपी ने देश भर में 40-50 केस करा दिए हैं, उनके ख़िलाफ़ एक और FIR हो भी गई तो कौनसा आसमान सर पर टूट पड़ा?
असली मुद्दा राहुल जी के ख़िलाफ़ हुआ FIR नहीं है। असली मुद्दा ‘शुद्धिकरण’ का है।
बीजेपी और उत्तराखंड सरकार की नीयत देखिए।
जिस व्यक्ति ने शुद्धिकरण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई, उनके खिलाफ तो तुरंत FIR कर दी।
लेकिन जिन लोगों ने शुद्धिकरण किया और करवाया, उनके ख़िलाफ़ अब तक एक FIR तक नहीं हुई।
श्री @kharge जी ने संसद में खड़े होकर कहा कि शुद्धिकरण हुआ है। उत्तराखंड सरकार की जिम्मेदारी है कि FIR करे। बाकी क्या हुआ, किसने किया, क्यों किया – वो investigation में सामने आ ही जाएगा।
फिर FIR दर्ज करने से इतना डर क्यों?
आखिर बीजेपी और उत्तराखंड सरकार शुद्धिकरण के ख़िलाफ़ FIR से कतरा क्यों रही है?
क्या उनकी दलित गरिमा और न्याय सुनिश्चित करने की कोई मंशा ही नहीं है?
अयोध्या के राम मंदिर में एक महिला ने 4 करोड़ रुपए का चेक दिया. मंदिर प्रशासन ने इसकी पर्ची भी काटी.
लेकिन...
जब मंदिर प्रशासन ने 4 करोड़ के चेक को बैंक में जमा कराया, तो पता चला कि महिला के खाते में सिर्फ 3 रुपए हैं.
कलयुग में लोग राम को भी ठग रहे हैं 🤦
🚨IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा💔
•इन्होंने 75 वर्षों से उपेक्षित लहुरिया दह में पाइपलाइन के जरिए पीने का पानी पहुँचाया और दशकों पुरानी समस्या का समाधान किया
•लेकिन इनाम क्या मिला?
👉 ट्रांसफर
👉 बिना किसी पोस्टिंग के वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया
•वजह?
उद्घाटन समारोह में किसी राजनेता को आमंत्रित नहीं किया गया🤦♂️
•ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का यही हश्र होगा, तो व्यवस्था में बदलाव कैसे आएगा? @divyamittal_IAS
#DivyaMittal
विनाश काले विपरीत बुद्धि।
FIR हो गई राहुल गांधी पर।
आग में और घी डाल दिया मोटा भाई ने। 🔥
कहीं राहुल जी खड़गे जी को लेकर थाने पहुँचे,
तो FIR भी होगी और मोटा भाई फिर झुकेंगे।
फायदा राहुल गांधी को होगा।
क्योंकि दलितों के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ रही है।
•संदीप चौधरी😂 –– बीजेपी नेता कह रहे हैं कि चीनी के बढ़े हुए दाम डायबिटीज से लड़ने में मदद करेंगे
•बीजेपी पैनलिस्ट –– इसमें गलत क्या है?
•संदीप चौधरी😂 –– क्या यह वैसा ही नहीं है, जैसा निर्मला सीतारमण ने कहा था कि “मैं प्याज़ नहीं खाती”?
•बीजेपी पैनलिस्ट –– आप सही सवाल नहीं पूछ रहे हैं
संदीप चौधरी😂 –– आप मुझे पत्रकारिता मत सिखाइए, आखिरी हिस्सा जरूर देखिए 🗿🔥
आरक्षण के समर्थन में वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल यादव सर ने जो कहा वह एकदम परफेक्ट है।
"जहां आरक्षण नहीं है, पहले वहां तो बराबरी की व्यवस्था लाइए, अगर ऐसा नहीं करते तो स्वाभाविक है कि मन में खोट है।"
न्यायपालिका के कोलिजियम जजों और वाइस चांसलर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर न तो कोई आरक्षण है और न ही ये पद तथाकथित “मेरिट” के आधार पर भरे जाते हैं। इन महत्वपूर्ण पदों पर देश की लगभग 85% आबादी की भागीदारी लगभग नगण्य है।
आरक्षण केवल प्रतिनिधित्व का सवाल नहीं है। यह जातिवाद, भाई-भतीजावाद और जातीय नेटवर्क के उस नेक्सस को तोड़ने का भी एक जरूरी माध्यम है, जिसने सत्ता और संस्थानों पर कुछ खास समूहों का वर्चस्व बनाए रखा है।
🌊 चित्रकूट में बाढ़ का रौद्र रूप!
🚨 मंदाकिनी ने ऐसा विकराल रूप लिया कि करीब 30 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया,
चित्रकूट के कई इलाकों में पानी भर गया, कई घर जलमग्न हैं और लोग अपनी जान बचाने के लिए छतों पर रहने को मजबूर हैं।
मुश्किल की इस घड़ी में NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू और राहत कार्य में जुटी हैं।
•News24 के एंकर ने महंगाई का मुद्दा उठाने में वाकई रीढ़ दिखाई
•अदिति नागर : “मैं बीजेपी प्रवक्ता को बधाई देना चाहता हूँ, क्योंकि जिस ‘अच्छे दिन’ का वादा किया गया था, वो आखिरकार आ ही गया.. दूध, चीनी, गैस और प्याज—सब महंगे हो गए हैंएक बार फिर बधाई”
•बीजेपी प्रवक्ता के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं था
एक मिनट बाद...
•बीजेपी प्रवक्ता: “महंगाई एक डायनेमिक प्रक्रिया है...हमने 12 साल में महंगाई पर काफी अच्छा नियंत्रण किया है” 😭
•भाई, सवाल कुछ और था और जवाब कुछ और ही मिल गया! 😂🔥 @alok_ajay
यह स्टेज पर इतना फेंक रहे थे कि ख़ुद मुख्यमंत्री सहित सब लोग हँसने लगे
रवि किशन जी आप सांसद हैं, कोई मसखरे थोड़े ही हैं!
और यह जो जनता को अंधा बुलाने की हिमाक़त की है आपने - उसका हिसाब होगा
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से बड़ी खबर
मध्यप्रदेश में एक डैम टूटने से उत्तर प्रदेश चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने 2003 के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है
लोग यहां तक बता रहे है कि मंदाकिनी नदी का रामघाट में बना पुल टूट गया है,
लोगों के सकुशल होने की कामना करते हैं।