BJP की अंदरूनी राजनीति बड़ी मजेदार...
कम चर्चित जिलों से ऐसी बातें कम आती हैं
राज्य सरकार ने तीन बार के सांसद रहे देवजी पटेल की अनुशंसा पर सांचौर के झाब गांव को पंचायत समिति घोषित किया। कार्यक्रम आयोजित कर नई पंचायत के लोगों ने देवजी पटेल को सम्मानित किया। यह बात भाजपा से बागी होकर निर्दलीय विधायक बने जीवाराम चौधरी को नागवार लगी। उन्होंने भजन लाल जी से मिलकर झाब पंचायत को कैंसिल करवा कर उसकी जगह खुद के गांव भादूरणा को पंचायत समिति घोषित करवा दिया। इसके विरोध में देवजी पटेल के खासमखास भाजपा के जिला उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह झाब तीन महीने से लगातार धरने पर बैठे है।
अब ताजा अपडेट। मदन राठौड़ जालोर दौरे पर आए। जीवाराम चौधरी को बगल में बैठाकर प्रेस वार्ता की। पत्रकारों ने बागी विधायक से प्रेम और भाजपा के पदाधिकारियों की उपेक्षा से जुड़े सवाल पूछे तो नाराज होकर प्रदेश अध्यक्ष जी राठौड़ साहब चलते बने।
One month after starting the war in Iran, this is the statement of the President of the United States on Easter Sunday.
These are the ravings of a dangerous and mentally unbalanced individual. Congress has got to act NOW. End this war.
मैं आज शपथ लेता हूँ….!!
यदि राजस्थान भाजपा सरकार खेजड़ी कटाई पर पूर्णतः प्रतिबंध नहीं लगाती हैं…
और खेजड़ी संरक्षण हेतु कठोर क़ानून नहीं लाती हैं…
तो मैं कभी भाजपा को वोट नहीं दूँगा….
और अपने सामर्थ्य में सोशल मीडिया और धरातल पर भाजपा का पुरज़ोर विरोध करता रहूँगा…!!
@KumariDiya झाब पंचायत समिति की मांग को लेकर 40 दिनों से चल रहे धरने के बावज��द बजट में कोई घोषणा नहीं होना क्षेत्र की जनता के साथ गहरा निराशाजनक व्यवहार है। समस्त 24 ग्राम पंचायतों की एकजुट आवाज़ को नजरअंदाज करना समझ से परे है। जवाब चाहते हैं कि आखिर हमारे क्षेत्र के साथ यह उपेक्षा क्यों?
@BhajanlalBjp@narendramodi झाब पंचायत समिति की मांग क��� लेकर 40 दिनों से चल रहे धरने के बावजूद बजट में कोई घोषणा नहीं होना क्षेत्र की जनता के साथ गहरा निराशाजनक व्यवहार है। समस्त 24 ग्राम पंचायतों की एकजुट आवाज़ को नजरअंदाज करना समझ से परे है। जवाब चाहते हैं कि आखिर हमारे क्षेत्र के साथ यह उपेक्षा क्यों?
@BhajanlalBjp झाब पंचायत समिति की मांग को लेकर 40 दिनों से चल रहे धरने के बावजूद बजट में कोई घोषणा नहीं होना क्षेत्र की जनता के साथ गहरा निराशाजनक व्यवहार है। समस्त 24 ग्राम पंचायतों की एकजुट आवाज़ को नजरअंदाज करना समझ से परे है। जवाब चाहते हैं कि आखिर हमारे क्षेत्र के साथ यह उपेक्षा क्यों?
@BJP4Rajasthan झाब पंचायत समिति की मांग को लेकर 40 दिनों से चल रहे धरने के बावजूद बजट में कोई घोषणा नहीं होना क्षेत्र की जनता के साथ गहरा निराशाजनक व्यवहार है। समस्त 24 ग्राम पंचायतों की एकजुट आवाज़ को नजरअंदाज करना समझ से परे है। जवाब चाहते हैं कि आखिर हमारे क्षेत्र के साथ यह उपेक्षा क्यों?
आज राजस्थान विधानसभा में पेश किया गया बजट न सिर्फ निराशाजनक है बल्कि प्रदेश की जनता में भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा करने वाला है। भाजपा सरकार के बजट में कोई घोषणा ऐसी नहीं है जिसे व्यापक जनहित में कहा जा सके। समाज का हर वर्ग इस बजट को देखकर हताश होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करने वाली भाजपा सरकार ने पूरे बजट में रिफाइनरी तथा ERCP जैसे बड़े ���्रोजेक्ट्स का जिक्र तक नहीं किया है। पिछले बजट में रिफाइनरी का उद्घाटन अगस्त, 2025 तक करने की घोषणा की गई जो आज तक पूरी नहीं हुई है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हर वर्ष 15% बढ़ोतरी का प्रावधान कांग्रेस सरकार ने किया था। पिछले दो बजट में इस बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की जाती थी परन्तु इस बार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोत्तरी की कोई घोषणा न होने से 90 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों में निराशा हुई है।
5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी की आस लगाकर बैठे युवाओं के लिए किसी बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की गई है। कम पदों पर भी भर्तियां संविदा आधार पर करने की घोषणा की है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने की घोषणा की गई है पर NTA बीते दिनों विवादों का केन्द्र बनी थी। RPSC में सदस्य संख्या बढ़ाकर 10 करने वाली भाजपा सरकार अभी तक RPSC सदस्यों की रिक्तियों तक को नहीं भर सकी है। STA केवल और केवल भाजपा सरकार के दौरान हो रहे OMR घोटाले से युवाओं का ध्यान हटाने की कवायद लगती है।
कांग्रेस सरकार के दौरान गरीब वर्ग के लिए शुरू की गई अन्नपूर्णा राशन किट को बहाल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
देशभर में उदाहरण बनी 25 लाख रुपये की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (वर्तमान में MAA योजना) के बारे में जनता में यह भ्रम की स्थिति बन चुकी है कि यह बीमा अब 25 लाख की बजाय 5 लाख रुपये का ���ो चुका है जबकि कागजों में बीमा अभी भी 25 लाख रुपये का है। सरकार को कम से कम इस भ्रांति को दूर करने के लिए ही एक घोषणा करनी चाहिए थी।
राज्य के सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जिन मांगों को लेकर उन्होंने जयपुर में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था उन पर ध्यान दिया जाएगा एवं इससे संबंधित घोषणा की जाएगी परन्तु उन्हें भी निराशा हाथ लगी।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को भी इस बजट से निराशा ही हाथ लग�� है क्योंकि पूरे बजट में पत्रकारों के लिए भी कोई घोषणा नहीं की गई है।
नए जिलों पर भी भाजपा केवल राजनीति कर रही है। जुलाई 2024 में पेश किए गए संशोधित बजट में सरकार ने नए जिलों के बुनियादी ढांचे के लिए ₹1,000 करोड़ की घोषणा की थी। फिर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 मार्च 2025 को विधानसभा में बजट चर्चा के जवाब के दौरान पुनः ऐसी ही घोषणा की। आज पुनः 3000 करोड़ रुपए नए जिलों में मिनी सचिवालय के लिए घोषित किए है��। 2 साल में कितने मिनी सचिवालय बने हैं, यह भी जानकारी देनी चाहिए थी।
वित्त मंत्री ने 2024 के बजट में 25 लाख नल कनेक्शन एवं 2025 के बजट में 20 लाख नल कनेक्शन उक्त वित्त वर्षों में देने की घोषणा की थी। आज स्वयं वित्त मंत्री महोदय ने बताया है कि दो साल में 14 लाख जल कनेक्शन ही लगाए जा सके हैं जबकि वादा 45 लाख नल कनेक्शन का था। ये सरकार की खुली असफलता है जबकि यही भाजपा कांग्रेस सरकार पर जल जीवन मिशन की धीमी गति क��ने के आरोप लगाती थी।
कांग्रेस सरकार में एक भावना थी कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए काम मांगते-मांगते थक जाएंगे पर सरकार काम देते-देते नहीं थकेगी। यह कांग्रेस सरकार ने सिर्फ कहा नहीं बल्कि करके दिखाया एवं घोषणाएं जमीन पर उतरीं। भाजपा सरकार की हालत देखने के बाद न तो जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए कुछ मांग पा रहे हैं और न ही सरकार कुछ काम दे पा रही है।
@KumariDiya झाब पंचायत समिति और तहसी�� की मांग को लेकर समस्त 24 ग्राम पंचायतों द्वारा पिछले 40 दिनों से शांतिपूर्ण धरना जारी है। यह मांग किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के अधिकार और विकास से जुड़ी है। कल के बजट से पूरी उम्मीद है कि सरकार इस विषय पर सकारात्मक और न्यायसंगत घोषणा
@BhajanlalBjp@narendramodi झाब पंचायत समिति और तहसी�� की मांग को लेकर समस्त 24 ग्राम पंचायतों द्वारा पिछले 40 दिनों से शांतिपूर्ण धरना जारी है। यह मांग किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के अधिकार और विकास से जुड़ी है। कल के बजट से पूरी उम्मीद है कि सरकार इस विषय पर सकारात्मक और न्यायसंगत घोषणा
@BhajanlalBjp@narendramodi झाब पंचायत समिति और तहसील की मांग को लेकर पिछले 40 दिनों से शांतिपूर्ण धरना जारी है।
कल के राजस्थान बजट से इस विषय पर सकारात्मक घोषणा की मजबूत आशा है।
समस्त 24 ग्राम पंचायतें एकजुट होकर न्याय और विकास की उम्मीद कर रहे है���
@BhajanlalBjp@narendramodi कल के राजस्थान बजट से झाब पंचायत समिति और तहसील को लेकर बड़ी घोषणा की उम्मीद है।
समस्त 24 ग्राम पंचायतों की यही साझा भावना और आशा है कि जनता की आवाज़ को सम्मान मिलेगा।
@BhajanlalBjp@narendramodi भाजपा द्वारा अपने ही कार्य���र्ताओं की अनदेखी कर झाब पंचायत समिति को हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिन्होंने पार्टी के लिए ज़मीन पर संघर्ष किया, आज उनकी ही आवाज़ दबाई जा रही है। यह फैसला भाजपा की नीति और नीयत दोनों पर सवाल खड़े करता है। @BhajanlalBjp
@AmitShah #झाब_पंचायत_समिति
माननीय @madanrrathore जी,
आपसे निवेदन है कि झाब पंचायत समिति को हटाने के निर्णय से क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में भारी रोष है।
घोषणा के बाद अचानक फैसला बदलना जनभावनाओं के विपरीत है।
आपसे आग्रह है कि सरकार से बात कर झाब पंचायत समिति को पुनः बहाल कराने की पहल करें..
माननीय @BhajanlalBjp जी,
झाब पंचाय�� समिति को हटाकर भाजपा ने अपने ही कार्यकर्ताओं को अपमानित किया है।
घोषणा करके रातों-रात फैसला बदलना तानाशाही सोच दिखाता है।
क्या कार्यकर्ताओं की कोई कीमत नहीं?
#झाब_पंचायत_समिति