कभी फुर्सत मिले तो मेरे साथ चाय पीना,
कुछ बातें होंगी, कुछ खामोशियाँ...
और थोड़ा सा इश्क़ ।
बस एक अच्छा मौसम और एक कप चाय
Welcome ❤️🩹
दिलों की धड़कन है चाय ☕
कल दिल्ली में हुई घटनाओं से मन दुखी भी है और गर्व से भरा भी।
हमारे युवाओं और Gen-Z ने साबित कर दिया है कि वे दूसरे देशों के मुकाबले कितने अलग हैं। लाठी और आंसू गैस के बीच संयम, आक्रोश के साथ अहिंसक बर्ताव और दुख में साहस तथा संकल्प - यह भारत के डीएनए की ताकत है। ये बच्चे किसी बहकावे में नही��� आए हैं, वे हमारे अपने बच्चे हैं और देश के भविष्य की बागडोर संभालने वाले हैं। पुरानी पीढ़ी तो सिर्फ कुछ सालों के लिए केयरटेकर भर है।
हमें अब पारंपरिक राजनीति से ऊपर उठकर 'करुणामय शासन' (Compassionate Governance) की आवश्यकता है। करुणा दया या सहानुभूति नहीं, बल्कि दूसरों की पीड़ा को अपनी तकलीफ की तरह महसूस करके संवाद बनाना और निष्पक्ष समाधान निकालना है।
जब मैं दुनिया भर में करुणा के वैश्वीकरण (Globalisation of Compassion) के लिए कार्यरत हूँ, तो अपने देश की सरकार और समाज से भी यही अपेक्षा करता हूँ कि वे इन बच्चों के साथ तुरंत करुणामय संवाद और समाधान का मार्ग अपनाएं।
When power begins to fear questions, that is when democracy is most wounded. A person fighting hunger can be lifted up, but not their resolve. History always remembers who raised their voice… and who tried to silence it.” #sonamwangchuk
हो सकता है हमारे पास संख्या न हो, लेकिन मैं कहता हूँ सुकरात अके��ा मर गया ज़हर खाकर, हम ज़हर खाकर इस सदन में मर जाएंगे लेकिन सच ये है कि हिन्दुस्तान के 90-95 ℅ लोगों का गला काट कर महिला रेज़र्वेशन लाने नहीं देंगे!
- श्रद्धेय शरद जी का कालजई भाषण