निरंतर हार की हताशा में आकंठ डूबे राहुल गांधी की विक्षिप्त हो चुकी मानसिकता को वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे जी क्यों ओन करना चाहते हैं?
मैं खड़गे जी से पूछना चाहता हूं कि जब आपका चुनाव हुआ था, तब एक नहीं, अनेक कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि कम से कम निर्वाचक मंडल की सूची तो दे दीजिए। कांग्रेस ने वह सूची नहीं दी थी। तो पहला सवाल उठता है कि आपका अध्यक्ष पद पर चुनाव ही अवैध है।
जब राहुल जी और प्रियंका जी का नामांकन था, तब वहां परिवार के बाकी लोग बैठे थे, लेकिन खड़गे जी की एंट्री नहीं होने दी गई थी। यह माना जा रहा था कि खड़गे जी का अंदर आना अवैध होगा।
Legal और Illegal की बात करते समय कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना ��ाहिए। यह 140 करोड़ जनता के जनादेश का अपमान है और कांग्रेस को इसके लिए क्षमा मांगनी चाहिए।
-डॉ. @SudhanshuTrived
दो महिलाएं हैं...
■ एक के कंधे पर संविधान है। दायित्व है। दायित्व के साथ जुड़ी संवैधानिक मर्यादा है। लोकसमीक्षा है। पीछे परिवार है। समाज है। हर स��ाल का उत्तर देने के लिए अकेली है। छिपने के लिए भीड़ नहीं। बचाने के लिए प्रदर्शन नहीं। कल कोर्ट में अकेली खड़ी होगी।
■ दूसरी का कंधा दायित्व विहीन है। पीछे परिवार नहीं। स्वयं मां-पिता पर बोझ है। साथ में गैर जिम्मेदार भीड़ है। हल्ला मचाने वाले पेड युट्यूबर्स हैं। देश-विदेश से फंड है। कोई जवाबदेही नहीं। छिपने के लिए भीड़ है। जवाब देने के लिए संसद से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक लोग हैं बिरयानी है। ब्रा है। पैंटी है। इनसे कोई सवाल नहीं। कोई सृजन नहीं। कोई भविष्य नहीं। कोई सपना नहीं।
यदि एक के कंधे पर दायित्व ना हो तो दूसरी को पटक कर चढ़ बैठे! जबड़ा तोड़ दे। स्वयं के लिए नहीं, नागरिक समाज के लिए। राष्ट्र के लिए। आपके-हमारे बच्चो के सुरक्षित भविष्य के लिए।
पर हम-आप, यह शिक्षित समाज किस #एक के लिए खड़ा है? निर्णय आप स्वयं करें।
@DelhiPoliceCom1
@DelhiPolice
@neha_aisa
@aisa_official_
अखिलेश यादव के कैमरा रोल में जरा झांककर देखिए…
गिरगिट के अनेक रंग, अखिलेश जी के अनेक रूप!
अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और दूसरे विवादित चेहरों के ��ाथ तस्वीरें।
#Parivarwadke34saal
From schemes to solutions, from awareness to access, #SevaSetuAbhiyan is taking governance to the grassroots.
A step towards ensuring that every eligible citizen can connect with the benefits and services available to them.
#SevaSankalpAbhiyan
विपक्ष के झूठे नैरेटिव और EVM-SIR पर फैलाए जा रहे भ्रम के बीच चुनाव आयोग ने विस्तृत फैक्ट-चेक जारी कर हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब दिया है।
मुख्य तथ्य:
• 13 करोड़ नाम काटे जाने का दावा — पूरी तरह गलत
• 2.8 करोड़ — मृत मतदाता
• 3 करोड़ — ��नुपस्थित मतदाता
• 6.3 करोड़ — स्थायी रूप से स्थान बदल चुके मतदाता
• ~1 करोड़ — डुप्लीकेट नाम
• Form 6 में कोई नकारात्मक बदलाव नहीं, प्रक्रिया को और सरल किया गया
• 2.37 करोड़+ नए युवा मतदाता अब तक सूची में शामिल
• वोटर डेटाबेस — पूरी तरह विकेंद्रीकृत
• EVM — किसी नेटवर्क से कनेक्ट नहीं होने वाली स्टैंडअलोन मशीन
• EVM का बूथ आवंटन — पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अंतिम समय में
सवाल उठाना लोकतंत्र है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर भ्रम फैलाना नहीं।
चुनाव आयोग ने तथ्य सामने रख दिए हैं। अब विपक्ष अपने झूठे नैरेटिव का जवाब देगा?
देखिए, ये विस्तृत रिपोर्ट… ⬇️
दिल्ली पुलिस ACP भगत पर छेडछाड का आरोप लगाने वाली रोज़ी कोई रिपोर्टर नहीं हैं।
वह अभिजीत दिपके के इंटरनल ग्रुप का हिस्सा हैं और अपने बॉस, गजेंद्र सिंह भारांगर के साथ मिलकर मीडिया का काम संभालती हैं।
मेनस्ट्रीम मीडिया और वामपंथी मीडिया ये सच नहीं बताएगा
इस वीडियो को सुनने के बाद
मैं @DelhiPolice से सिर्फ इतना कहूंगा कि
अगर इतनी गन्दी गा���ियां देने वाला ये भांड का बीज बच गया तुम लोगों से तो ये वर्दी मत पहनना आगे से ✍️
BC खुलेआम गालियां दी जा रहीं पुलिस को 🖐️
इसलिए जरूरी है भाजपा!
- आतंकवाद को जवाब देने के लिए
- विकास के लिए
- #ViksitBharat बनाने के लिए
संस्कृति और प्रगति को जोड़कर देश को आगे ले जाने के लिए जरूरी है भाजपा... 🪷
मौकापरस्ती के मास्टरमाइंड, भ्रष्टाचार का दोहरा मापदंड!
एक तरफ अखिलेश यादव मंच से अधिकारियों के भ्रष्टाचार की जांच कराने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, तो दूसरी तरफ उनके सगे चाचा शिवपाल यादव कार्यकर्ताओं को 'थोड़ी-बहुत और बुद्धि लगाकर चोरी करने' की खुली नसीहत देते हैं। भ्रष्टाचार पर यह दोहरा रवैया खुद सुनिए!
#Parivarwadke34saal
प्रियंका जी, महिलाओं को राजनीतिक हथियार बनाना बंद कीजिए….
जिस “Rosy” को आप “महिला पत्रकार” के तौर पर पेश कर रही हैं, CJP ने खुद उन्हें अपनी Social Media Team में “Coverage Coordinator” बताया है।
आरोप गंभीर हैं तो FIR, शिकायत और कार्रवाई से जुड़े तथ्य सामने रखिए। सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी आरोप को स्थापित सच की तरह पेश करना न जिम्मेदार पत्रकारिता है, न जिम्मेदार राजनीति।
महिलाओं के मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल नया नहीं है, लेकिन इसका सबसे बड़ा नुकसान उन वास्तविक पीड़ित महिलाओं को होता है जिनकी आवाज़ को सच में सुने जाने की जरूरत है।
महिलाओं का सम्मान राजनीति चमकाने का औजार नहीं है, @priyankagandhi जी।
दाऊद और उसके गुर्गों के तलवे चाटता रहा। मुख्तार अंसारी के इलाके मऊ में जाकर उसके गुर्गों के लिए वोट मांगने वाला बॉलीवुड के इस भांड को अब देश अशांत लग रहा है।
ये है एक ओर टूलकिट।
जियो चाचा...
आप हैं असली हीरो 🔥🤟
यह पियूष मिश्रा जी हैं, बॉलीवुड स्टार
नसीरुद्दीन शाह के बकवास और अभिजीत दिपके के नौटंकी की धज्जियां उड़ा कर रख दिए हैं।