#godmorningfriday
आपन को न सराहिये, और न कहिये रंक। क्या जानो केहि रुखतर, कूरा रोय करंक ।।
अपनी प्रशंसा करके दूसरे को दरिद्र मत कहो । कौन जाने कि कब समय रूपी वृक्ष के नीचे कुरा करंक हो जाए, अर्थात मूर्ख मनुष्य के सिर पर मुकुट आ जाए।
#पवित्रहिन्दूशास्त्रVSहिन्दू
#पवित्रहिन्दूशास्त्रVSहिन्दू
क्या श्री कृष्ण से अन्य कोई परमेश्वर है?
📒गीता जी अध्याय 15 श्लोक 17 में है कि अविनाशी व सबका धारण-पोषण करने वाला व पुरूषोत्तम परमात्मा तो गीता ज्ञान देने वाले से अन्य ही बताय�� है। 💫✨
Sant Rampal Ji Maharaj
परमात्मा के मा��्ग में सब कुछ संभव है। अविश्वास करना परमात्मा का अपमान करना है। भक्त का उद्देश्य जन्म-मृत्यु के कष्ट से छुटकारा पाना होना चाहिए। सत्य साधना के मंत्र पूर्ण गुरू से लेकर मर्यादा में रहकर मोक्ष प्राप्त करें। #सत_भक्ति_संदेश #सतलोक_आश्रम_सोजत
#पवित्रहिन्दूशास्त्रVSहिन्दू
पवित्र हिन्दू समाज में चारों वे���ों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद) का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। माना जाता है कि वेदों में परमेश्वर की पूजा व साधना का सर्वोत्तम ज्ञान है। 📚❄️
Sant Rampal Ji Maharaj
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जीवत मुक्ता सो कहो, आशा तृष्णा खंड।
मन के जीते जीत है, क्यों भरमें ब्रह्मण्ड ।।
गुरु वह नहीं है, जो मन की इच्छाओं को पूरा कर दे। बल्क�� गुरु वह है, जो मन से इच्छाओं का नाश कर जीवित मुक्ति प्रदान कर दे।
#SANewsRajasthan
#positivethinking
ऋग्वेद मण्डल 9 सुक्त 54 मंत्र 3
में स्पष्ट है कि परमात्मा भूवनोपरि तिष्ठति), भावार्थ है कि परमात्मा सर्व ब्रह्मण्डों के ऊपर बैठा है। ऋग्वेद मण्डल 9 सुक्त 86 मंत्र 27 में भी यही प्रमाण ��ै कि परमात्मा द्यूलोक (सत्यलोक) के तीसरे पृष्ठ (भाग) पर विराजमान है।
#santrampalji
#पवित्रहिन्दूशास्त्रVSहिन्दू
रामायण ग्रन्थ व महाभारत ग्रन्थ का पढ़ना-सुनना मुख्य धर्म-कर्म है, परंतु हिन्दू श्रद्धालुओं को इन ग्रन्थों का यथारूप में ज्ञान कतई नहीं है। यही कारण है कि ढेर सारी पूजा करके भी प्यासे ही हैं, मोक्ष ��हीं।☀️💫
- जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
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कबीर, कछु कटें सत्संग ते, कछु नाम के जाप।
कछु संत के दर्शते, कछु दान प्रताप।
भावार्थ:-भक्त के पाप कई धार्मिक क्रियाओं से समाप्त होते हैं।कुछ सत्संग-वचन सुनने से ज्ञान यज्ञ के कारण,कुछ नाम के जाप से,
#सत_भक्ति_संदेश
तत्वदर्शी सन्त के विषय में अध्याय 15 श्लोक 1 में बताया है। कि वह तत्वदर्शी संत कैसा होगा । जो संसार रूपी वृक्ष का अर्थात् सर्व ब्रह्मण्ड़ों का विवरण बताएगा वह तत्वदर्शी संत है।
अवश्य देखिए साधना टीवी
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