यह हत्या है..... एक ईमानदार व्यक्ति की, उसके सपनों की, उसके परिवार की.....
गंदी राजनीति और भ्रष्ट सिस्टम की भेंट चढ़ गया एक गरीब, ईमानदार और योग्य व्यक्ति........ दुःखद 😢
इसका क्रेडिट लेने के लिए भी कोई आगे आ जाए 😡
#JusticeForSI2021
SI भर्ती 2021 के DB के फैसले के बाद राजस्थान जाट महासभा अध्यक्ष @meelrajaram जी का बड़ा बयान - यह अच्छा फैसला है 800 ईमानदार बच्चों के साथ न्याय हुआ है...
#SI_भर्ती_2021
आज जोधपुर में SI भर्ती 2021 से चयनित अभ्यर्थियों के समर्थन में आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन में सम्मिलित होकर अपना समर्थन व्यक्त किया एवं सबोधित किया।
मेहनत और ईमानदारी से चयनित अभ्यर्थियों को न्याय मिलना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।
#JusticeForSI2021
SI भर्ती विवाद: निर्दोष हरिओम पाटीदार की गिरफ्तारी से लेकर ‘संदिग्ध’ सूची तक, SOG की कार्यप्रणाली पर सवाल
राजस्थान SI भर्ती प्रकरण में SOG की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नवचयनित SI हितेंद्र राठौड़ ने आरोप लगाया है कि जांच एजेंसी ने कई ईमानदार अभ्यर्थियों को गलत तरी���े से फंसा दिया।
हरिओम पाटीदार का मामला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
•14 अप्रैल 2024 को हरिओम को SOG ने गिरफ्तार किया।
•4 जून 2024 को, करीब 45 दिन जेल में रखने के बाद, उसे CrPC धारा 169 के तहत रिहा किया गया। इस धारा के अनुसार यदि पर्याप्त सबूत न मिलें तो पुलिस आरोपी को अदालत में प्रस्तुत किए बिना मुक्त कर सकती है।
•इसके बावजूद, 14 अक्टूबर 2024 को उसका नाम फिर से एक अखबार में “फर्जी SI” की लिस्ट में प्रकाशित हुआ।
राठौड़ के मुताबिक, SOG को पहले ही दिन पता चल गया था कि हरिओम निर्दोष है। बावजू��� इसके, उसे महीनों जेल में रखा गया और परिवार को मीडिया में न जाने की हिदायत दी गई। बाद में एजेंसी ने खुद माफी भी माँगी। लेकिन इन घटनाओं ने हरिओम के जीवन को गहराई से प्रभावित किया। प्रशिक्षण के दौरान जो युवा हंसमुख और आत्मविश्वासी था, वही अब अंतर्मुखी और अवसादग्रस्त हो गया।
हितेंद्र का कहना है कि इस तरह की गलतियाँ न केवल अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरे सिस्टम की न्यायिक साख पर सवाल खड़े करती हैं। इसी कारण वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वी.के. सिंह ने भी माना कि एजेंसी सभी आरोपियों की सही पहचान और गिरफ्तारी करने में पूरी तरह सक्षम नहीं है।
हरिओम पाटीदार की गिरफ्तारी से लेकर “संदिग्ध SI” की सूची में नाम आने तक की घटनाएँ दिखाती हैं कि SOG की जांच प्रक्रिया में गंभीर खामियाँ हैं। निर्दोष युवाओं को अपराधी बताने की यह प्रवृत्ति उनके करियर और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल रही है।
यह जो एक झूठा प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री जी के नाम प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर्स के द्वारा लिखा गया है यह बिल्कुल fake है! इसका प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर से कोई लेना-देना नहीं है!
#SI_भर्ती_बहाल_करो
SI भर्ती पर विधानसभा में मेहनती अभ्यर्थियों की भाटी ने उठाई आवाज
भाटी बोले ; "जो अपराधी थे, जिन्होंने गलत किया था, उनको सजा मिली या नहीं मिली ?"
पर..."जो लोग, जो बच्चे, अपनी मेहनत के बलबूते पे, खून पसीने की कमाई से, कोचिंग करके, बड़े शहरों में रहके, अपनी पूरी पूंजी लगाकर जो ��ौकरी लगे...जो साधारण बच्चे थे, जो ग्रामीण परिवेश से आने वाले थे...उन सभी की हत्या आप लोगों ने की है, आपके हाथ भी रंगे हुए हैं।"
हकीक़त तो ये ही है.....
बाकी एक गांव से 100 selection बताने वालों के लिए एक और proof इसे भी गौर ���े देखें, इसमें 2010,2016,2021 तीनों भर्तियों का रियल और प्रमाणित data @educationnagari @pantlp @1stIndiaNewsRaj @zeerajasthan_