@Omrlp07 भाई @DrVivekMachra_ जी जनहित के मुद्दों को लेकर हमेशा सक्रिय रहते है, खुद rlp से mla प्रत्याशि रहें है, इनके जीवन का उद्देश्य ईमानदारी से जन सेवा करना है, भावुक इंसान है! हमारे छात्र जीवन के दोस्त है!
रात का 1 बजे धमतरी में एक आदमी अपनी बीवी और छोटी बच्ची के साथ घर लौट रहा था। पुलिस ने बाइक रोकी, चाभी छीन ली। लड़के ने वीडियो बनाया तो पुलिस ने थप्पड़ जड़ दिए, पीटा भी, परिवार के सामने।
नंबर प्लेट टूटी थी बहाना है, असल में पावर का नशा चढ़ा था। जो हमें सुरक्षा देने आए हैं, वही परिवार के सामने गुंडागर्दी कर रहे हैं। भरोसा कैसे बचेगा भाई? सख्त एक्शन होना चाहिए।
इस Video को तबतक शेयर करें जबतक ये बत्तमीज़ पुलिस वाला सस्पेंड नहीं हो जाता 😡
धमतेरी में अर्जुनी SHO चंद्रकांत साहू ने रात को मूवी से लौट रहे आदमी को बाइक पर रोक लिया।
पत्नी-बच्चे के साथ था, वीडियो बनाने लगा तो थानेदार ने म��रपीट शुरू कर दी।
पब्लिक रिकॉर्डिंग कानूनी है, फिर भी पुलिस वाले ताकत दिखा रहे हैं, कार्रवाई होनी चाहिए।
यही वो वीडियो है, जो पत्तलकार दीदी को ऊपर ऊपर से छूकर निकल गया था।
अब दीदी को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है,
मुझे तो बहुत चिंता हो रही है, सोच रहा हूं, ठंड�� ठंडा सतुवा पीकर सो जाऊं।
वे ऐसे प्रधानमंत्री थे जो फटे मोजे सिलवाकर फिर से पहनते थे और पैसे बचाते थे
फर्जी फकीरी के दौर में लोग उस फकीर को भूल गए जो सच में फकीर था। कैसी थी वह फकीरी? उनके सुरक्षा अधिकारी देखा कि उनका सहायक उनके फटे मोजे सिल रहा है। नया मोजा लाने के लिए कहना भी नहीं होता। वे अपने सहयोगियों को फिजूलखर्ची से मना करते थे।
नेहरू के सुरक्षा अधिकारी रहे केएम रुस्तमजी नेहरू के साथ डिब्रूगढ़ की यात्रा पर थे। इस दौरान रूस्तमजी उनका सिगरेट केस लेने कमरे में गए तो देखा कि उनके सहायक हरि उनके फटे मोजे सिल रहे हैं।
तीन मूर्ति भवन स्थित प्रधानमंत्री आवास में 16 कमरे थे। खुद प्रधानमंत्री के कमरे में एसी नहीं था। सिर्फ एक सीलिंग फैन और एक टेबल फैन। तीन मूर्ति भवन की मुख्य बैठक में मेहमानों के लिए जरूर एसी लगवा रखा था ताकि मेहमानों को दिक्कत न हो।
एक दिन इंदिरा गांधी ने अपने सचिव से कहकर उनके कमरे का पंखा बदलवा दिया। दूसरे दिन प्रधानमंत्री का अर्दली दौड़ता हुआ सचिव के पास आया और बोला कि नेहरू जी ने नया पंखा देखकर कोहराम मचा दिया है। फिजूलखर्ची की क्या जरूरत थी? जिद्दी थे एक नंबर के, तो आखिरकार नया पंखा हटवाया और वही पुराना पंखा फिर से लगवाया।
��ाखड़ा परियोजना का उद्घाटन था। व्यवस्थापकों ने नेहरू को उद्घाटन करने के लिए चांदी का फावड़ा दिया। चांदी का फावड़ा देखते ही नेहरू झुंझला गए। उन्होंने पास में पड़ा लोहे का फावड़ा उठाया और उसे जमीन पर चलाते हुए कहा, ‘भारत का किसान क्या चांदी के फावड़े से काम करता है?’
जब प्रधानमंत्री बनने का नंबर आया तो अपनी करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति देश के नाम दान कर दी। आज प्रधानमंत्री के नाम से फंड बना���र दबा जाने वाले युग में ऐसे लोगों को फकीर कहा जाता है जो दस लाख का सूट पहनते हैं और 30 हजार रुपये किलो वाला मशरूम खाते हैं।
कानून बनाकर वसूली करने वाले युग में उनके सचिव एमओ मथाई का लिखा किस्सा सबको जानना चाहिए कि नेहरू की जेब में हमेशा 200 रुपए होते थे। वे रोज ये पैसा पाकिस्तान से आए शरणार्थियों और उनसे मिलने वाले जरूरतमंद लोगों में बांट देते थे। उनकी इस आदत से मथाई परेशान हो गए और उनकी जेब में पैसे रखना बंद कर दिया। लेकिन नेहरू कहां मानने वाले। वे अपने सुरक्षा अधिकारियों से पैसे उधार मांगकर लोगों को बांटते थे और उन्हें बाद में लौटा देते थे।
मथाई ने सभी सुरक्षा अधिकारियों को हिदायत दी कि वे नेहरू को एक बार में दस रुपए से ज्यादा उधार न दें। जब यह सिलसिला नहीं रुका तो मथाई ने एक रास्ता निकाला। प्रधानमंत्री सहायता कोष से कुछ पैसे निकलवा कर उनके जेब में रखवाने लगे ताकि उनकी पूरी तनख्वाह सबको बांटने में ही खर्च न हो जाए।
आज कोई नेता नेहरू को कोसता है तो वह उस कपूत जैसा है जो पेट काटकर अपने बच्चों को पालने वाले पिता को कोसते हुए अपना पूरा जीवन खर्च कर देता है।
आपका नाम अशोक श्रीवास्तव है।
आप DD News के anchor हैं।
DD News कोई private WhatsApp group नहीं है।
यह public broadcaster है, जनता के पैसे से चलता है।
एक छात्र/छात्रा CBSE revaluation में गलत answer sheet मिलने का दावा करता है।
वह proof लगाकर सवाल पूछता है।
लेकिन सिस्टम से जवाब मांगने की जगह कुछ आप और आपको चाहने वाले उसे Pakistani, देशद्रोही और agenda-driven बताने लगते हैं।
बाद में जब किरकिरी होती है तो माफी मांगकर पल्ला झाड़ लेते है।
सवाल आपसे भी है कि ..
क्या अब CBSE से अपनी copy मांगना देशद्रोह है?
क्या answer sheet पर सवाल पूछना Pakistan का एजेंडा है?
क्या हर छात्र जो सिस्टम की गलती दिखाए, उसे anti-national घोषित कर दिया जाएगा?
Anchor का काम सरकार की नाकामी पर सवाल पूछना होता है,
छात्रों को troll narrative में धकेलना नहीं।
अब CBSE ने अ���नी गलती मान ली है और result भी अपडेट कर दिया है।
लेकिन आप बताइए कि आपके मंसूबे क्या थे क्यों बच्चों के भविष्य की समस्या को Pakistan और देशद्रोह के पीछे छिपा रहे थे ?
छात्र copy मांग रहा है।
System जवाब नहीं दे रहा।
और कुछ लोग patriotism का certificate बांट रहे हैं।
यह पत्रकारिता नहीं, सत्ता की PR duty लगती है।
@1K_Nazar जनता किसी के बहकावे में नहीं आये, स्वविवेक से निर्णय लेवें, राजनीति में ऐसे सब्ज़बाग हमेशा से दिखाए जाते रहें है! नदिया जोड़ने कि बाते भी हमने सुनी ह��ई है, उसका हुआ क्या कुछ? हुआ तो बताओ!