बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में विवाह और उसमें होने वाले रीति-रिवाज मन को मोह लेते हैं। ऐसी ही एक परम्परा है "पांव पूजन"।
इसमें घर की ज्येष्ठा नवविवाहिता के पैरों को पान, फूल और अक्षत से पूजती हैं। इससे जुड़ी कहानी तो नहीं पता मुझे पर प्रेम, स्नेह और सम्मान से भरी यह परम्परा निश्चित रूप से अदभुत है 💖
इस प्रकार के भण्डाव और मेहरा पति हो,
तो औरत एक नहीं चार यार,और पांच भरतार रख लेती है।
ये पति पत्नी मिल कर ब्रह्मचारी किशोर युवाओं को गलत रस्ते पर ले जा रहे है।
आप लोग देख के बताओ क्या ये सही है?