सीज़ फ़ायर की घोषणा का स्वागत उन सभी को करना चाहिए जो दसवीं में पढ़ते हैं और संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी में भाषण देकर ग्लोबल लीडर बनना चाहते हैं। उन्हें भी करना चाहिए जिनके नाम वोटर लि��्ट से काट दिए गए हैं । वोटर लिस्ट से नाम कट तो क्या हुआ, विश्व गुरु बनने का चांस अब भी है। सीज़ फ़ायर का स्वागत उसे भी करना चाहिए जो वोटर लिस्ट के फ़्रॉड से चुनाव जीतना चाहता है। सीज़ फ़ायर का स्वागत उन्हें भी करना चाहिए जो 39 दिनों से विदेश यात्रा पर नहीं जा सके। सीज़ फ़ायर का स्वागत उन्हें भी करना चाहिए जो दलाल नहीं हैं। उन्हें भी करना चाहिए जो दलाल भी हैं। यही नहीं सीज़ फ़ायर का स्वागत उन्हें ��ी करना चाहिए जो वीडियो डिलिट कराने और पेज ब्लॉक करा कर सुपर पावर बनने में लगे है। ट्रंप के भाषणों का अनुवाद हर भाषा में होना चाहिए। कोर्स में होना चाहिए।
इस उच्च स्तरीय ट्वीट पर ध्यान देने के लिए शुक्रिया।
@narendramodi कॉंग्रेस ने दलितों औ��� ओबीसी को कुछ दिया नहीं उल्टे प्रमोशन में reservation का विरोध किया इसीलिए सत्ता से बाहर है, आने 50 साल तक बाहर ही रहेगी,
मोदीजी का मैं बहुत विरोध करता थी लेकिन अब लग रहा है कि मोदीजी ने ��बका साथ और सबका विकास नारा ऐसे ही नहीं दिया था, UGC बिल लाना, ओडिशा में reservation को बढ़ाना ये सब सबका साथ और सबका विकास का एक झलक है, आने वाले लोकसभा चुनाव में मेरा वोट मोदीजी के नाम|
@abhinav_blogger होना भी चाहिए, हिन्दू धर्म में sc,st ,obc की संख्या ���्यादा है, इन्हें आरक्षण देना और आरक्षण बढ़ाना मतलब हिन्दू धर्म को मजबूत करना ही तो है, ज्यादा से ज्यादा हिन्दू जॉब पाएंगे
@Omrlp07 Paper 2 with science background 94 number sc category
Did not study for ctet even single day
ईजी exam hota है, pta nahi kaise log minimum no bhi nahi la pate
@grok@DrKYMishra @neetusi86329772 @grok भाई स्वर्ण स्त्रीयों के मुसलमानों से संबंध को बताओ, ब्राह्मण और क्षत्रिय ladkiya मुस्लमान ladko को पसंद करती है इसपर भी प्रकाश डा���े
@druditatyagi Tumlog अपने me सुधार क्यों नहीं करते, भेदभाव छोड़ दो सब ठीक हो जाएगा,किसी भी कानून की जरूरत नहीं होगा, इंटरव्यू में जाति देखकर नंबर दोगे, जाति देखकर accedemic में भी नंबर देते हो, sc,st के स्टूडेंट्स के साथ क्लास में भी discriminate करते हो तो कानून तो बनेगा
I support UGC
विधायिका के सदनों में "महिला आरक्षण" के संदर्भ में हमारी राय ये है-
1. एससी, एसटी वर्गों के लिए वर्तमान में आरक्षित सीटों को छोड़कर, बाकी जनरल सीटों में एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की महिलाओं के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में "महिला आरक्षण के भीतर आरक्षण" होना चाहिए।
2. सरकार अगर वास्तिविकता में इन वर्गों की महिलाओं का सशक्तिकरण चाहती है तो एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की महिलाओं के लिए सभी सदनों- लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद में भी सीटों के आरक्षण की व्यवस्था लागू करे।
यह लागू किये बिना लोकतंत्र एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की महिलाओं के प्रतिनिधित्व एवं सशक्तिकरण के मकसद को प्राप्त नहीं कर सकता!
@VoxShadabKhan In bhosdiwalo ki pelai jari hai iran me, amerika aur israel ne inko gaza me pela, iraq me pela ,arab desh gulam hai hi amerika ke ,inki aur pelai honi chahiye
बाबासाहेब ने इनके बारे में सही लिखा है