@aajtak All over india me bahut aise mc hai jo thode rout ke liye wrong side drive karte hai aise mc ke liye kade kanoon bane or enke vehicle japt ho !
प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है। अब कॉकरोच क्या करेंगे? राहुल गाँधी अब कह रहा है कि कैबिनेट से ही हटा दो। फिर अब नई माँग हैं कि कमिश्नर माफी माँगे और पुलिस पर ही FIR की जाए।
साथ ही, हर दंगाई पर किया FIR निरस्त किया जाए चाहे वो प्रो���ेस्टर छात्र थे या नहीं।
यह तमाचा जरूरी था सरकार के लिए। मुझे प्रसन्नता होनी चाहिए क्योंकि मैं सात महीने से शिक्षा मंत्रालय की बर्बादी पर लिख और बोल रहा था। पर मैं दुखी हूँ कि दंगाइयों के सामने सरकार कायरता से बिछ गई। फिर भी, परिस्थितियों के आलोक में अभिमान को पीछे रख कर समाज के हित में ही निर्णय है।
जब सरकार पुलिस का काम भी स्वयं करती है, तो यही सब होता है। मुझे याद है कि 19 दिसंबर 2019 को जामिया नगर का दंगा @DelhiPolice मे बंद करा लिया था, पूरा क्षेत्र खाली था। सरकार ने फिर अगले दिन उन्हें बैठने पर छोड़ दिया ताकि दिल्ली चुनाव में लाभ लिया जा सके।
इन सबमें एक बात और है। @RSSorg और @BJP4India के सौ से अधिक संगठन हैं, वीसी बनाए हैं, कला-विज्ञान की संस्थाएँ हैं जिसमें इन्होंने चेयरमैन बनाए हैं, वो हरामखोर कहाँ हैं? किसी ने एक लेख भी लिखा सरकार या विद्यार्थियों के पक्ष में?
वास्तविकता यह है कि आज की डेट में इस सरकार के पास न तो कोई ��ंस्था है, न व्यक्ति। मोदी और शाह हर कार्य नहीं कर सकते। संस्थाएँ इसी दिन काम में आती हैं। अब आइटी सेल, चाटुकार गिनें कि कितने व्यू आ रहे हैं।
यह आरंभ है। जिस दिन पचास और सौ लोग थे जंतर मंतर पर, दिल्ली पुलिस के दो थाने और तीन बसें काफी थीं। आपने राम मंदिर की गर्मी से बचने के लिए उसे चलने दिया। पीएम के सलाहकारों पर यह प्रश्नचिह्न है कि वो स्थिति को समझ क्यों नहीं पाए?
सरकार को क्या सच में लगता है इथेनॉल का विषय दब जाएगा? राम मंदिर पर चर्चा नहीं होगी? सब होगी, समय
से होगी। जैसे कि शिक्षा पर चर्चा सात महीने से हो रही थी, लेकिन समय पर बवाल हुआ, जिसने भी किया।
राम मंदिर, इथेनॉल भी लौटेगा। यह यहाँ नहीं रुकेगा। सरकारी नकारेप�� पर हर पार्टी रोटी सेंकेगी। मेरा दुख यह है कि अमृतकाल में त्यागपत्र दिया गया।
अब मोदी जी इसे जंतर मंतर खाली होते ही अस्वीकार कर दें कि नहीं ले रहा त्यागपत्र!
वैसे, तुम्हारी कब्र UGC के समय खुद गई थी। फिर CBSE ने उसे और गहरा किया। NEET तो उस पर डाली गई मिट्टी है। कितना समझाया था IGC से NEET तक, पर आपने वराहे के सूअर छोड़े मेरे ऊपर, AI स��� पोस्टरबाजी की, मिला क्या?
𝐎𝐩𝐩𝐨𝐬𝐢𝐭𝐢𝐨𝐧'𝐬 𝐍𝐄𝐄𝐓 𝐮𝐧𝐫𝐞𝐬𝐭 𝐰𝐚𝐬 𝐧𝐞𝐯𝐞𝐫 𝐚𝐛𝐨𝐮𝐭 𝐬𝐭𝐮𝐝𝐞𝐧𝐭𝐬.
Delhi's July 20 violence was a calculated attempt by the desperate INDI Alliance to exploit student anger while shielding its own record on paper leaks.
* Rajasthan – RPSC paper leaks
* West Bengal – SSC scam
* Karnataka – SSLC paper leaks
* Jharkhand – Multiple exam failures
In contrast, the Centre ordered a swift CBI probe, made arrests, and accelerated the shift to secure CBTs.
𝐓𝐡𝐢𝐬 𝐰𝐚𝐬𝐧'𝐭 𝐚𝐛𝐨𝐮𝐭 𝐣𝐮𝐬𝐭𝐢𝐜𝐞 𝐟𝐨𝐫 𝐬𝐭𝐮𝐝𝐞𝐧𝐭𝐬 — 𝐢𝐭 𝐰𝐚𝐬 𝐩𝐨𝐥𝐢𝐭𝐢𝐜𝐬 𝐨𝐯𝐞𝐫 𝐬𝐨𝐥𝐮𝐭𝐢𝐨𝐧𝐬. 𝐖𝐚𝐭𝐜𝐡 𝐭𝐡𝐞 𝐟𝐮𝐥𝐥 𝐭𝐫𝐮𝐭𝐡. 🎥
The students are at top priority, educationally n security-wise, so they need not worry and have their parents worried for them. The Honorable Prime Minister has tweeted, and I am sure that he will take strict action against all those people who are responsible for this leak. So students, plz go back to your parents n homes.
Sonam, it's done, bro. Don't extend this. Keep the spirit for another day if there be a need, which I doubt, n eat something. If u want, will send u food from home.
“Ram mandir whatever f*ck”
The audacity of these ugly biches to abuse our Prabhu Ram
They are crossing their line, urgent belt treatment is needed from Delhi Police