LDC भर्ती में उजागर हो रही अनियमितताएं जिसमें परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ियाँ, सीसीटीवी फुटेज के गायब होना — बेहद गंभीर है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ी का खुलासा स्वयं अभ्यर्थियों द्वारा उजागर किया गया है। यह अपने आप में एक बड़ा प्रश्न है कि परीक्षा केंद्र की पारदर्शिता, व्यवस्था और निगरानी पर संशय बना हुआ है।
इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
युवाओं की वर्षों की ईमानदारी से की गई मेहनत और उनका भविष्य दांव पर लगा है, उनके साथ न्याय होना चाहिए।
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मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ (सीकर) में शिक्षा विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर राजनीतिक दुर्भावनापूर्ण एवं प्रशासनिक तबादलों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी को आपत्ति पत्र।
मुख्यमंत्री जी.. क्या शेखावाटी की जनता ने इसलिए भाजपा को वोट दिए थे?
भाजपा सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना और तानाशाही रवैए से सीकर, चूरू और झुंझुनूं में शिक्षकों के तबादले किए हैं, वो शिक्षा मंत्री की बेशर्मी है।
क्या यही BJP की शिक्षा नीति और RSS का "वसुधैव कुटुंबकम"? क्या भाजपा सरकार में स्वेच्छा से होने वाले स्थानांतरण अपवाद और प्रशासनिक तबादले नियम बन गया है? लोकतंत्र में बहुमत सरकार चलाने का अधिकार देता है, लेकिन किसी क्ष���त्र या उससे जुड़े लोगों को निशाना बनाने का अधिकार नहीं देता।
शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। शिक्षा विभाग में अब तक अकेले लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से करीब 400 ट्रांसफर किए जा चुके हैं। ये केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनादेश, जनप्रतिनिधित्व और क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का षड्यंत्र भी है।
कल जारी द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की सूची में शिक्षा मंडल चूरू के कुल 808 तबादलों में से 356 ट्रांसफर प्रशासनिक (टीए/डीए) आधार पर किए गए हैं। वहीं, मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ (सीकर) में कुल 174 में से 147 तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए, जो कुल ट्रांसफर का करीब 84.48% है।
इससे पूर्व व्याख्याता स्थानांतरण सूची में मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ (सीकर) से कुल 143 में से 122 ( 85.31%) और प्रधानाचार्य सूची में 81 में से 71 ( 87.65%) ट्रांसफर प्रशासनिक आधार पर किए गए थे।
क्या शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय तबादलों के जरिए डराने और प्रताड़ित करने की नीति अपनाई जा रही है? सिर्फ शेखावाटी ही नहीं पूरे प्रदेश का यही हाल जहां से कांग्रेस के जनप्रतिनिधि हैं।
लेकिन लगातार एक ही सम्भाग और एक ही विधानसभा क्षेत्र को इस प्रकार निशाना बनाना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अगर सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वाले जनप्रतिनिधियों की ��वाज़ दबाने के उद्देश्य से इस प्रकार के कदम उठा रही है, तो ये लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इतिहास गवाह है कि ��नता की आवाज़ को दबाने के प्रयास कभी सफल नहीं हुए हैं। मैं अपने क्षेत्र के लोगों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की आवाज़ पहले भी उठाता रहा हूं, और आगे भी पूरी मजबूती से उठाता रहूंगा।
@RajCMO
पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं।
NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि -
- UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई।
- यह PDF उस question paper setting की है, जो सिर्फ़ NTA के पास उपलब्ध होती है।
- PDF के लगभ�� 90 सवाल Sociology के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।
- वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में ब��हार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था।
- इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया।
NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती।
सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी त��ह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है - न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा।
बदलाव का एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है - देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा revolution लाकर रहेगी।
@Siya7232 जिनकी नेताओं से अच्छी पकड़ नहीं थी उनका तो अब भी नहीं हुआ ट्रांसफर हेतु पात्र होते हुए भी, चाहे भले ही लड़की अविवाहित होते हुए घर से पांच सौ किलोमीटर दूर ड्यूटी कर रही हो
भाजपा सरकार ने भर्ती परीक्षाओं की गड़बड़ी रोकने की बजाय इन्हें छिपाने का मॉडल अपनाया है।
पहले नवलगढ़ में RAS भर्ती में पेपर का लिफाफा खुला मिला, भाजपा सरकार उसे छिपा गई।
फिर, अजमेर में डिप्टी जेलर भर्ती में लिफाफा खुला मिला, भाजपा सरकार उसे भी छिपा गई।
फिर, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में भाजपा सरकार के दौरान चल रहा OMR शीट का घपला सामने आया, भाजपा सरकार उसे भी छिपा गई।
फिर, नॉर्मलाइजेशन के नाम पर प्राप्तांकों में हेर-फेर का मामला आया, भाजपा सरकार उसे भी छिपा गई।
अब LDC भर्ती परीक्षा में जैसलमेर में गड़बड़ी की खबरें सामने आई हैं पर यह तय है कि अपनी इ��ेज बनाने में लगी भाजपा सरकार इसे भी छिपा जाएगी और सच कभी युवाओं के सामने नहीं आएगा।
युवाओं का हित इन गड़बड़ियों को छिपाकर अपना दामन साफ रखने की कोशिशों में नहीं बल्कि कहीं गड़बड़ी सामने आने पर उसे ठीक करने में है।
जाँच हो तो सच्चाई सामने आए लेकिन सबसे बढ़िया तरीका यही है की जो भी है दबा दो जैसे OMR घोटाला दबा दिया गया पूर्व के लगभग सारे घोटाले दबा दिए गए वैसे ही इसको भी सामने ही मत आने दो 🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔
#दुःख��
भाजपा राज में पेपर लीक ,परीक्षा में धाँधली का सिलसिला आखिर कब रुकेगा?
BJP के राज में आखिर एक भी परीक्षा बिना धांधली के क्यों नहीं हो पा रही?राजस्थान में LDC परीक्षा के दौरान धांधली और नक़ल कराने का मामला सामने आया हैं।
आखिर भाजपा सरकार की नाक के नीचे बार-बार पेपर लीक ,परीक्षा में धाँधली कैसे हो रही हैं? किसके संरक्षण में पेपर लीक माफिया खुलेआ�� छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं?
एक बेरोजगार युवा प्रदेश व देश की जिम्मेदार संस्थाओं के भरोसे अपने जीवन का बेशकीमती वक़्त और परिवार की उम्मीदें दांव पर लगाकर भर्ती परीक्षा की तैयारी करता है। लेकिन जब जिम्मेदार ही गैरजिम्मेदाराना रवैया रखते हुए युवा���ं के भविष्य से खिलवाड़ करेंगे तो उम्मीद किससे की जाए?
रविवार को LDC भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर जिले के एक परीक्षा केंद्र पर सामने आई कथित धांधली और नकल कराने की घटनाएँ बेहद गंभीर हैं। लाखों युवाओं ने वर्षों की मेहनत और उम्मीदों के साथ परीक्षा दी, लेकिन हर बार उनकी मेहनत पर सवाल खड़े हो जाते हैं।
सरकार को मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच करानी चाहिए। यदि परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई है, पेपर बाहर गया है या संगठित तरीके से नकल कराई गई है तो इसकी पूरी सच्चाई प्रदेश की जनता और अभ्यर्थियों के सामने रखी जाए। दोषी चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
@BhajanlalBjp
अलवर जिले में सरकारी अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरने से डॉक्टर के सिर फटने और महिला मरीज के गंभीर चोटें आने की खबर अत्यंत चिंताजनक है।
भाजपा सरकार मंचों से स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी अस्पताल खुद म��ीजों और डॉक्टरों के लिए असुरक्षित हो चुके हैं।
तीन महीने पहले बजट पास हो चुका फिर भी मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हुआ।
आखिर किस हादसे का इंतजार किया जा रहा था? क्या सरकार की नींद तब ही खुलेगी जब ऐसी लापरवाही किसी की जान ले लेगी?
@BhajanlalBjp @RajCMO @PoliceRajasthan
#NirmalChoudhary
राजस्थान में LDC परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई शिकायतें और परीक्षा की शुचिता भंग होने के लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं।
यह सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि कोई संशय है तो उसे समय रहते दूर किया जाना चाहिए। नकल और पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं में निराशा और हताशा पैदा करती हैं। यदि परीक्षा व्यवस्था में खामियों की वजह से युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है, तो परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्न उठने स्वाभाविक हैं।
मैं इस मामले में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग करता हूँ।
https://t.co/tPaO8DQ24o
वाराणसी में बीजेपी पार्षद की नाव पर चिकन और शराब पार्टी करने वालों को 24 घंटे के अंदर वाराणसी कोर्ट से जमानत मिल गई !
मार्च में कुछ मुस्लिम युवकों ने भी नाव पर इफ्तार पार्टी की थी , जिसमें बिरयानी खाई गई थी ,
इस मामले में गिरफ्तार सभी लोगों की जमानत याचिका वाराणसी कोर्ट ने रद्द कर दिया था , और लगभग दो महीने जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी !
हैं न देश की कानून व्यवस्था मजेदार !
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, टोंक जिले में पीपलू क्षेत्र के जवाली गांव के निवासी महेंद्र के पिताजी की जान जा रही थी, बेटा घुटनों पर गिर-गिर कर मिन्नतें कर रहा है 'साहब इमरजेंसी है', लेकिन
@PoliceRajasthan का ��िपाही एक घंटे तक चालान काटने पर अड़ा रहा, बाइक की चाबी छीन ली और इलाज में देरी के कारण शिवजी लाल यादव की मृत्यु हो गई | क्या भारतीय जनता पार्टी के राज में अब आम नागरिक को अस्पताल जाने के लिए भी पुलिस की मंजूरी' चाहिए ?
अगर मुख्यमंत्री जी और उनकी राजस्थान पुलिस को न्याय और सच्चाई के लिए लड़ने वाले निर्दोष लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करने व आंदोलन करने वाले लोगों को गलत धाराओं में गिरफ्तार कर��े से फुर्सत मिल गई है तो इस मामले में भी सीएम और पुलिस के DGP को जनता के सामने जवाब देना चाहिए |
क्या गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री जनता को यह बताएंगे कि ट्रैफिक नियमों की आड़ में राजस्थान की सड़कों पर अवैध वसूली का जो तांडव चल रहा है उसकी उन्हें जानकारी है या नहीं ?
��ेरी संवेदनाएं दिवंगत के परिजनों के साथ है, ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें |
@RajCMO @TonkPolice_
भरतपुर: बजरंग दल वाले मंथली मांगते थे- बोलते थे तेरी दुकान अच्छी चल रही है मंथली देनी पड़ेगी- जूस सेंटर मलिक ने फटकार के भगा दिया- फिर खुद मांस का टुकड़ा लाकर साजिश रची व जानलेवा हमला शुरू कर दिया- पीड़ित ज��स सेंटर संचालक विक्रम फौजदार ने बताया..