संत रैदास और कबीर दोनों भारत भूमि के सबसे गुरु और संत माने जाते हैं.
यही कारण है कि गुरुवाणी में संत रैदास की 40 और कबीर की 224 गुरुवाणीयां शामिल है.
वहीं तुलसीदास गुरु परंपरा का हिस्सा नही थे. इसलिए वे गुरु ग्रंथ साहिब से बाहर हैं.
गीता लिखा है : कर्म करो, फल की इच्छा मत करो. वहीं महान संत रैदास ने परंपरा के हिसाब से लिखा है, कर्म कीजिए और फल की आशा मत छोड़िए.
गुरु रैदास वो संत थे जिन्होंने उस विचारधारा को ही अस्वीकार कर दिया, जिसने उन्हें अछूत घोषित किया था.
संत रैदास की "बेगमपुरा" की कल्पना को केवल एक Utopia नही, बल्कि Ancient Buddist India की छवि है. तब ना जाति थी और ना वर्ण अव्यवस्था जैसी कोई चीज थी.
कुख्यात डकैत जगन गुर्जर ने आत्मसमर्पण कर जेल जाने का रास्ता इसलिए चुना था कि वह मुख्यधारा में लौट सके। लेकिन अजमेर जेल में जिस तरह उनकी हत्या हुई, वह न्याय व्यवस्था और जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि आत्मसमर्पण करने और कानून पर भरोसा करने वालों की भी ��ुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तो अपराध की दुनिया छोड़कर सुधार की राह चुनने का संदेश कैसे जाएगा?
बड़ी खबर 💥
पेट्रोल 20 रुपए और डीजल 25 रुपए सस्ता हो गया. सरकार ने लोगों की भलाई का सोचते हुए ये फैसला लिया है.
कच्चे तेल के दाम बहुत कम हो गए हैं. इसलिए सरकार ने जनता को महंगाई से राहत दी है.
श्रीलंका की स���कार ने ये शानदार फैसला लिया है.
बिहार कर मशहूर बहुजन युवा लीडर "गोल्डन दास अंबेडकरवादी" हैं ये बहुत कम उम्र में ही...
बिहार में अंबेडकरवाद को मजबूत करने में इसकी विशेष भूमिका है...
इन पर मनुवादियों द्वारा 63 मुकदमें कर चुके हैं जिसमें 17 बार जेल चुके है
बिहार में कोई पिछड़ा वर्ग समुदाय के साथ कोई घटना होती है , तो मदद करने सबसे पहले पहुंचते हैं!
“इथेनॉल का माइलेज 30 फ़ीसदी कम होता है”
तेल कंपनी BPCL के बड़े अधिकारी अनुराग सरावगी का ये बयान ANI हैंडल से डिलीट करा दिया गया है!
किस लॉबी ने डिलीट कराया @nitin_gadkari जी?
(Video posted by @AjitSinghRathi)
प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेह��ू ने सच में कुछ नही किया ? अगर कुछ नही क्या होता तो आज लाखों कैंसर मरीज अपना इलाज कहां कराते.
Tata Cancer Hospital की शुरुआत 1941 में Sir Dorabji Tata Trust ने ��ुंबई में की थी.
1957 में भारत सरकार ने इस अस्पताल को अपने अधीन ले लिया. यह अस्पताल Autonomous संस्थान है जो Department of Atomic Energy के नियंत्रण में चलता है.
General Section में इलाज काफी सस्ता है. इस अस्पताल में बंगाल उत्तर प्रदेश बिहार असम और उत्तरभारत से लाखों मरीज आते हैं. हर साल 65,000 नए मरीज और 4,50,000 मरीजों का फॉलो अप करता है.
इस अस्पताल पर काफी लोड है. बेड जल्दी खाली नही मिलता है. मरीजों को सड़कों पर, फुटपाथ और ब्रिज के नीचे सो��ा पड़ता है.
भारत में मंदिर निर्माण के लिए सबसे बड़ा आंदोलन चला. काश हॉस्पिटल के लिए भी आंदोलन चला होता तो टाटा कैंसर हॉस्पिटल के के मरीजों को सड़कों पर नही सोना पड़ता. भारत में पैसा बहुत है, लेकिन वो पैसा मंदिरों और नेताओं की बेनाम संपत्तियों में छिपा है.
हाथरस में आज ही के दिन सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मची थी। 2 साल पहले हुए इस हादसे में 121 लोगों की जान गई थी।
दो साल बाद अब स्थिति फिर से पहले जैसी नजर आ रही। जो लोग बाबा को मानते थे, वह फिर से उनके आश्रमों में पहुंचने लगे हैं। हालांकि बाबा वहां नहीं मिलते। बाबा कहां हैं, किसी को नहीं पता।
इस मामले में जितने भी आरोपी बनाए गए थे, सभी अब जमानत पर बाहर हैं। बाबा के वक���ल कहते हैं, यह सिर्फ हादसा था, बेवजह कोर्ट का समय खराब किया जा रहा।
बाबा के आश्रमों की ताजा स्थिति क्या है, इसे लेकर एक रिपोर्ट की है। भास्कर पर आप पढ़ व देख सकते हैंः https://t.co/hsxrX7MnpG
किसी कुशवाहा के बेटा को कोई छू दिया तो सम्राट चौधरी का कतरा कतरा खून उसके लिए समर्पित रहेगा।
इनको आप पहचान ह�� रहे होंगे, यह सम्राट चौधरी हैं यह पूरे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं लेकिन बात ऐसे कर रहे हैं जैसे एक जाति के लोग ही इनके लिए महत्व रखते हो।
मुख्यमंत्री होने के नाते इनको प्रदेश के हर एक वर्ग के लोगों की बात करनी चाहिए ना कि एक जाति की।
नितिन गडकरी जी, आपकी इथेनॉल नीति आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही है! 3.5 साल पुरानी Skoda Slavia का फ्यूल पंप इस नए ईंधन के कारण खराब हो गया। सर्विस स्टेशन पर रोज़ ऐसे 6-7 मामले आ रहे हैं। क्या बिना किसी रिसर्च के आम कार मालिकों को 'गिनी पिग' बनाकर यह नीति थोप दी गई? इस आर्थिक नुकसान का ज़िम्मेदार कौन है @nitin_gadkari जी??
मुख्यमंत्री योगी महीने में 20 दि��� गोरखपुर रहते है
रवि किशन गोरखपुर को स्पेन बनाने की बात करता है
असल में गोरखपुर की हालत देखिए हल्की सी बारिश में वेनिस बन गया है।
12 हजार करोड़ रुपए से बने वर्ल्ड क्लास दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वे को देख लीजिए। बरसाती सीजन शुरू होते ही गड्ढे बन गए हैं। गाड़ियों को नुकसान पहुंच रहा है। इसी 14 अप्रैल को PM नरेंद्र मोदी ने उदघाटन किया था।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पिछले कुछ वक्त तक खूब मज़ाक उड़ाया जा रहा था लेकिन अब जो वीडियो और बयान निशांत कुमार के सामने आ रहे हैं वो चौंका देने वाले हैं!!
#मध्यप्रदेश
जनसुनवाई में शिकायत न सुनने पर यह किसान अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने जा रहा था पुलिस ने बचाया।
इस किसान का नाम चुन्ना यादव है इसकी पांच बीघे पैतृक जमीन में ठाकुर समाज के लोगों ने जबरन ट्रैक्टर चलाकर कब्जा कर लिया।
जब शिकायत लेकर अशोकनगर में हो रही जन सुनवाई में पहुंचा तो अधिकारियों ने फटकार लगाकर बाहर निकाल दिया, तभी यह कहीं से पेट्रोल लाया और तहसील परिसर में आत्मदाह करने लगा।